रेखा यादव ‘निर्झर’ की कहानी संग्रह ‘प्रश्न ‘? का लोकार्पण
काठमांडू, आश्विन ५ – रेखा यादव ‘निर्झर’ की कहानी संग्रह ‘प्रश्न?’ का आज लोकार्पण हुआ । सोमवार को काठमांडू में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जसपा नेपाल के अध्यक्ष एवं पूर्व उप प्रधानमंत्री उपेन्द्र यादव, विशिष्ठ अतिथि पूर्व मंत्री शरदसिंह भंडारी,वरिष्ठ समालोचक प्रमोद प्रधान,राधेश्याम लेकाली ने संयुक्त रूप से पुस्तक का लोकार्पण किया ।
कार्यक्रम में अपनी विचार को रखते हुए प्रमुख अतिथि यादव ने कहा कि प्रश्न करना समाज की प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है । प्रश्न तब तक करते रहना चाहिए जब तक कि उसका सही और तर्कपूर्ण उत्तर नहीं मिले । उन्होंने कहा कि जिस समाज ने साहित्य को नहीं अपनाया या जहाँ साहित्य नहीं है वो समाज मुर्दा है । उन्होंने साहित्य को राजनीति से बहुत आगे बताया । उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में साहित्य आगे आता है और राजनीतिक परिवर्तन पीछे । यही नियम है ।

इसी तरह कार्यक्रम में अपने विचारों को रखते हुए विशिष्ठ अतिथि जसपा के सह अध्यक्ष शरत सिंह भंडारी ने लेखिका रेखा यादव की प्रशंसा करते हुए कह कि इस कृति में उन सभी महत्वपूर्ण सामाजिक पक्षों को समेटा गया है, जिन पक्षों को लेकर हम राजनीति में लड़ रहे हैं । यादव ने उन पक्षों को लेकर प्रश्न किए हैं । उन्होंने अपने मंतव्य में लेखिका के पिता के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि – यदि आप किसी को खुशी नहीं दे सकते तो किसी को आसूँ भी मत देना । ’ ये बहुत ही महत्वपूर्ण बात है ।
वरिष्ठ समालोचक प्रमोद प्रधान ने कहा कि कृति के रुप में लेखिका यादव की यह पाँचवी कृति है । लेकिन कहानी संग्रह पहली है । उन्होंने यह भी कहा कि इस कृति के प्रत्येक कहानी के अंत में पाठकों से प्रश्न किया गया है कि –“क्या यह सही है या गलत ?” प्रधान ने कहा कि सभी कहानियों की विषयवस्तु हमारे अपने समाज से जुड़ी हुई है, जो पाठकों को सोचने पर मजबूर करती है।
त्रिभुवन विश्वविद्यालय हिन्दी केन्द्रीय विभाग के डा. विनोदकुमार विश्वकर्मा ने ‘प्रश्न ?’ कृति की समीक्षा की । उन्होंने कृति के कवर पेज को लेकर प्रश्न भी उठाया । प्रश्न उठाते हुए उन्होंने कहा कि इसमें स्त्रियों के चित्र नहीं होनी चाहिए थी । उन्होंने इस कृति में हिन्दी में लिखी सभी २२ कहानियाेंं की समीक्षा की ।
कार्यक्रम के आरंभ में राधेश्याम लेकाली ने अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए कथाकार रेखा यादव के बारे में परिचय दिया । उन्होंने कहा कि कथाकार यादव साहित्यकार,समाजसेवी और राजनीतिक व्यक्तित्व हैं । राजनीति के साथ ही साहित्य के क्षेत्र में भी वो अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है ।
अपने संबोधन में लेखिका रेखा यादव ने कहा—“मेरी प्रत्येक कहानी के अंत में एक प्रश्न है। यहाँ उपस्थित सभी लोगों से मेरा आग्रह है कि वे इन प्रश्नों के समाधान सहित अपने उत्तर मुझे भेजें। मैं उन उत्तरों को बिना किसी संशोधन के अपनी अगली कृति में शामिल करूँगी।”

इस कहानी संग्रह ‘प्रश्न?में कुल २२ कहानियां हैं । २२ नेपाली कहानियों का ही हिन्दी में अनुवाद किया गया है । कार्यक्रम में लेखिका को सम्मानित भी किया गया । कार्यक्रम का संचालन युवा पत्रकार एंव गायिका स्मृति मिश्र ने कुशलतापूर्वक किया ।





