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कांग्रेस महाधिवेशन में पैनल आधारित मुकाबला नहीं, लेकिन पदाधिकारियों के लिए होगी कड़ी प्रतिस्पर्धा

 

5 असोज, काठमांडू।

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नेपाली कांग्रेस के आगामी 15वें महाधिवेशन में पैनल (समूह) आधारित चुनावी मुकाबला नहीं होने का दावा पार्टी नेताओं ने किया है। नेताओं के अनुसार पार्टी अध्यक्ष पद पर मुकाबले की संभावना बहुत कम है, जबकि उपसभापति, महामंत्री और सहमहामंत्री सहित अन्य पदों पर कई दावेदार मैदान में उतरने की तैयारी में हैं।

विशेष महाधिवेशन के बाद गठित कार्यसमिति में धीरे-धीरे नए नेताओं के जुड़ने से यह स्पष्ट संकेत मिल चुका है कि इस बार अधिकांश पदों के लिए चुनावी प्रतिस्पर्धा होगी।

अध्यक्ष पद पर गगन थापा लगभग निर्विरोध!

कांग्रेस के केंद्रीय सदस्य मधु आचार्य का मानना है कि अध्यक्ष पद पर गगन कुमार थापा को चुनौती देने वाला फिलहाल कोई समकक्ष नेता दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा कि गगन थापा के अलावा किसी और की उम्मीदवारी पूरी तरह से असंभव तो नहीं है, लेकिन उनके कद और लोकप्रियता को चुनौती देने वाला कोई नेता अभी सामने नहीं आया है।

उपसभापति पद पर कई दावेदार

उपसभापति पद के लिए कई नेताओं ने अपनी दावेदारी मजबूत करनी शुरू कर दी है। प्रमुख संभावित उम्मीदवार हैं—

  • विश्वप्रकाश शर्मा (वर्तमान उपसभापति)

  • पुष्पा भुसाल (वर्तमान उपसभापति)

  • किशोर सिंह राठौर (पूर्व सहमहामंत्री)

  • महालक्ष्मी उपाध्याय ‘डिना’

हालांकि पहले उपसभापति पदों की संख्या दो से बढ़ाकर तीन करने की चर्चा थी, लेकिन संशोधित विधान में दो पद ही कायम रखे गए हैं।

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महामंत्री पद पर सबसे अधिक प्रतिस्पर्धा

महामंत्री पद के लिए सबसे ज्यादा दावेदार सामने आए हैं। वर्तमान महामंत्री प्रदीप पौडेल और गुरुराज घिमिरे दोबारा उसी पद पर चुनाव लड़ना चाहते हैं।

इसके अलावा दावेदारों में शामिल हैं—

  • उदयशमशेर राणा

  • मधु आचार्य

  • नैनसिंह महर

  • अन्य कई केंद्रीय सदस्य

पार्टी के एक केंद्रीय सदस्य का कहना है कि विशेष परिस्थितियों में विशेष महाधिवेशन से चुने गए महामंत्री स्वाभाविक रूप से कम-से-कम एक पूरा कार्यकाल उसी पद पर रहना चाहेंगे।

सहमहामंत्री के 8 निर्वाचित और 3 मनोनीत पद

कांग्रेस के संशोधित विधान के अनुसार 8 सहमहामंत्री समावेशी व्यवस्था के आधार पर निर्वाचित होंगे। इनमें आदिवासी जनजाति, दलित, मधेशी, खस आर्य, थारू, मुस्लिम और पिछड़े क्षेत्र सहित विभिन्न समूहों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है।

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इसके अतिरिक्त पार्टी अध्यक्ष को निर्वाचित केंद्रीय सदस्यों में से एक महिला सहित तीन सहमहामंत्री मनोनीत करने का अधिकार होगा।

इस बार नहीं बनेगा कोई चुनावी पैनल

नेताओं के अनुसार इस महाधिवेशन में पैनल आधारित चुनाव नहीं होगा। अध्यक्ष गगन थापा स्वयं पैनल बनाने के पक्ष में नहीं हैं। पार्टी पहले पदाधिकारियों के चयन में सहमति बनाने की कोशिश करेगी। यदि सहमति नहीं बनती, तभी संबंधित पदों पर चुनाव कराया जाएगा।

संगठन बनाम छात्र राजनीति की बहस

विशेष महाधिवेशन से बने अधिकांश कार्यकारी पदाधिकारियों की पृष्ठभूमि नेपाल विद्यार्थी संघ (नेविसंघ) से रही है। गगन थापा, विश्वप्रकाश शर्मा, प्रदीप पौडेल और गुरुराज घिमिरे सभी छात्र राजनीति से राष्ट्रीय राजनीति में आए नेता हैं।

अब पार्टी के भीतर यह आवाज उठ रही है कि नियमित महाधिवेशन के बाद भौगोलिक संगठन (जमीनी संगठन) में लंबे समय से काम करने वाले नेताओं को भी कार्यकारी पदों में अवसर मिलना चाहिए, ताकि केवल छात्र या युवा संगठनों से आए नेताओं का वर्चस्व न रहे।

संशोधित विधान की प्रमुख बातें

संशोधित विधान के अनुसार कांग्रेस की नई केंद्रीय समिति में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं—

  • केंद्रीय समिति में कुल 231 सदस्य होंगे।

  • इनमें से 61 सदस्यों को अध्यक्ष मनोनीत करेंगे।

  • पदाधिकारियों की संख्या 14 से बढ़ाकर 17 कर दी गई है।

  • अध्यक्ष को 3 सहमहामंत्री और 1 कोषाध्यक्ष मनोनीत करने का अधिकार होगा।

  • 35 वर्ष से कम आयु के 21 युवाओं को केंद्रीय समिति में प्रतिनिधित्व देने की नई व्यवस्था की गई है।

  • प्रत्येक संघीय निर्वाचन क्षेत्र से प्रतिनिधियों की संख्या 26 से बढ़ाकर 31 कर दी गई है, ताकि युवा और क्षेत्रगत विशेषज्ञों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्य निष्कर्ष

नेपाली कांग्रेस का 15वां महाधिवेशन अध्यक्ष पद पर अपेक्षाकृत शांत दिखाई दे रहा है, लेकिन उपसभापति, महामंत्री और सहमहामंत्री जैसे प्रभावशाली पदों के लिए बहुकोणीय प्रतिस्पर्धा की संभावना है। पार्टी नेतृत्व सहमति से पदाधिकारियों का चयन करना चाहता है, परंतु सहमति न बनने की स्थिति में चुनाव होंगे। इस महाधिवेशन में युवाओं और जमीनी संगठन से जुड़े नेताओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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