राजकीय सम्मान के साथ हुई काठमांडू विश्वविद्यालय के संस्थापक उपकुलपति प्रो. सुरेशराज शर्मा की अंत्येष्टि
काठमांडू, 8 असोज।
काठमांडू विश्वविद्यालय (केयू) के संस्थापक उपकुलपति और प्रख्यात शिक्षाविद् प्रो. डॉ. सुरेशराज शर्मा का गुरुवार को पशुपति आर्यघाट में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
अंत्येष्टि के दौरान शिक्षा, विज्ञान तथा खेलकूद मंत्री सस्मित पोखरेल ने दिवंगत शर्मा के पार्थिव शरीर पर राष्ट्रीय ध्वज ओढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम विदाई के अवसर पर नेपाल पुलिस की एक टुकड़ी ने उन्हें सम्मान स्वरूप सलामी भी दी।
शिक्षा मंत्रालय ने दी श्रद्धांजलि
शिक्षा तथा खेलकूद मंत्रालय के अनुरोध पर गृह मंत्रालय द्वारा राजकीय सम्मान देने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद मंत्रालय के अधिकारियों और शिक्षा मंत्री पोखरेल ने आर्यघाट पहुंचकर प्रो. शर्मा को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की।
मंत्री पोखरेल ने कहा कि प्रो. सुरेशराज शर्मा के निधन से नेपाल के शिक्षा क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने शोकाकुल परिवार, परिजनों, सहकर्मियों और काठमांडू विश्वविद्यालय परिवार के प्रति मंत्रालय की ओर से गहरी संवेदना व्यक्त की।
काठमांडू विश्वविद्यालय के लिए नया विधेयक लाने की घोषणा
श्रद्धांजलि सभा में मंत्री पोखरेल ने कहा कि प्रो. शर्मा के सपने को साकार करने के लिए सरकार जल्द ही संसद में विधेयक पेश करेगी। उन्होंने बताया कि काठमांडू विश्वविद्यालय को “बोर्ड ऑफ ट्रस्टी” मॉडल पर संचालित करने के लिए कानून संशोधन का मसौदा तैयार हो चुका है।
शिक्षा जगत में अमिट योगदान
प्रो. सुरेशराज शर्मा का निधन बुधवार को हुआ था। उन्होंने दो दशकों से अधिक समय तक काठमांडू विश्वविद्यालय का नेतृत्व किया और उसे एक स्वायत्त, गुणवत्तापूर्ण तथा अंतरराष्ट्रीय पहचान वाले शैक्षणिक संस्थान के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ब्रिटेन से रसायन विज्ञान में पीएचडी प्राप्त प्रो. शर्मा प्राविधिक शिक्षा तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (सीटीईवीटी) के संस्थापक निदेशक भी थे। उन्होंने जुम्ला, दोलखा के जिरी और धनकुटा जैसे दूरदराज क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा की शुरुआत कराने में अग्रणी भूमिका निभाई।
इसके अलावा उन्होंने बूढ़ानीलकण्ठ स्कूल के अध्यक्ष के रूप में भी लंबे समय तक शिक्षा क्षेत्र की सेवा की।
शिक्षा जगत ने खोया दूरदर्शी व्यक्तित्व
प्रो. सुरेशराज शर्मा को नेपाल में आधुनिक उच्च और तकनीकी शिक्षा के प्रमुख शिल्पकारों में गिना जाता है। काठमांडू विश्वविद्यालय की स्थापना और उसके विकास में उनके योगदान को नेपाल की शिक्षा व्यवस्था में एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जाता है।

