भोटेकोशी बाढ़ के एक महीने बाद भी रसुवा का सड़क संपर्क टूटा, खाद्यान्न संकट और आर्थिक मुश्किलें गहराईं
भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के एक महीने बाद भी नेपाल–चीन सीमा से जुड़ा रसुवा जिला सड़क संपर्क से पूरी तरह कटा हुआ है। सड़क यातायात ठप होने से जिले में खाद्यान्न संकट गहराने लगा है और स्थानीय किसानों तथा व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, रसुवागढ़ी और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में दैनिक उपभोग की वस्तुओं की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो गई है। लंबे समय से सड़क बंद रहने के कारण आवश्यक सामान की कमी महसूस होने लगी है।
व्यापारियों पर बढ़ा परिवहन खर्च
रसुवा के ठूलो भार्खु के व्यापारी किप्पा छिरिङ तामाङ ने बताया कि बाढ़ से पहले सामान आसानी से पहुंच जाता था और बाजार में कीमतें भी कम थीं। लेकिन अब सड़क टूट जाने के कारण सामान लाना बेहद कठिन हो गया है।
उन्होंने कहा, “यदि किसी तरह सामान मिल भी जाए तो हर बार केवल ढुलाई पर ही 50 हजार नेपाली रुपये से अधिक खर्च करना पड़ता है। सरकार राहत बांटने के बजाय जल्द से जल्द सड़क जोड़ दे, तो व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को राहत मिलेगी।”
स्थानीय व्यवसायी सुन्दर श्रेष्ठ ने भी कहा कि पहले मांग के अनुसार सामान आसानी से उपलब्ध हो जाता था और परिवहन लागत भी कम थी, लेकिन अब पूरी स्थिति बदल चुकी है।
खेतों में सड़ गई लाखों रुपये की गोभी
सड़क संपर्क टूटने का सबसे बड़ा असर किसानों पर पड़ा है। रसुवा के दुर्गम गतलाङ क्षेत्र में किसानों ने सालभर की आय के लिए व्यावसायिक रूप से फूलगोभी की खेती की थी, लेकिन सड़क बंद होने के कारण फसल बाजार तक नहीं पहुंच सकी।
स्थानीय किसान फुर्पु सिङ्गी तामाङ ने दुख जताते हुए कहा कि लाखों रुपये मूल्य की फूलगोभी खेतों में ही सड़ गई। उनके अनुसार, “बाढ़ को एक महीना हो गया। राहत कुछ समय तक सहारा दे सकती है, लेकिन हमेशा नहीं। हमारी खेती की पूरी पूंजी डूब गई है। इसलिए राहत से ज्यादा जरूरी सड़क को जल्द चालू करना है।”
स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित
सड़क संपर्क टूटने से स्वास्थ्य सेवाओं पर भी गंभीर असर पड़ा है। गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए अब हेलिकॉप्टर ही एकमात्र विकल्प बचा है।
रसुवा नागरिक समाज के अध्यक्ष बाबुलाल तामाङ ने कहा कि संपन्न लोग हेलिकॉप्टर से काठमांडू पहुंच सकते हैं, लेकिन गरीब परिवारों के लिए इसका खर्च उठाना लगभग असंभव है। उन्होंने चेतावनी दी कि सड़क नहीं खुली तो गरीब मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
प्रशासन ने सड़क खोलने का काम तेज किया
दैवी प्रकोप उद्धार समिति रसुवा के अध्यक्ष एवं प्रमुख जिला अधिकारी कमलप्रसाद पाण्डे ने बताया कि सड़क संपर्क बहाल करने के लिए नुवाकोट और अन्य क्षेत्रों से एक्स्कावेटर (डोजर) मंगाकर लगातार मलबा हटाने का काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर डाइवर्सन और अस्थायी पुल बनाने की आवश्यकता है, इसलिए सड़क पूरी तरह बहाल होने में कुछ समय लग सकता है। लगातार हो रही बारिश के कारण काम में देरी जरूर हुई है, लेकिन स्थानीय प्रशासन समन्वय के साथ तेजी से सड़क खोलने में जुटा हुआ है।


