भोटेकोशी बाढ़ से 430 मेगावाट बिजली राष्ट्रीय प्रसारण प्रणाली से बाहर
काठमांडू।
भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ से विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचने के कारण 430 मेगावाट बिजली राष्ट्रीय प्रसारण प्रणाली से बाहर हो गई है। इसके बाद सरकार वैकल्पिक विद्युत् व्यवस्था की तैयारी में जुट गई है।
बाढ़ के कारण त्रिशूली कॉरिडोर से काठमांडू के बालाजु और चपली क्षेत्रों में आने वाली बिजली बाधित हो गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिंचाई मंत्रालय ने वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी आगे बढ़ाई है।
मंत्रालय के प्रवक्ता मोहनकुमार शाक्य के अनुसार, भोटेकोशी बाढ़ के कारण त्रिशूली कॉरिडोर से बिजली आपूर्ति बाधित होने से बालाजु और चपली की प्रसारण लाइनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। इसके लिए वैकल्पिक आपूर्ति प्रणाली विकसित करने का काम शुरू किया गया है। उनके अनुसार, नेपाल विद्युत् प्राधिकरण ने इसके लिए एक टास्क फोर्स भी गठित किया है।
मंत्रालय ने मंगलवार को सड़क विभाग और काठमांडू महानगरपालिका के साथ अतिरिक्त भूमिगत ग्रिड निर्माण को लेकर चर्चा की। नेपाल विद्युत् प्राधिकरण ने आगामी सर्दियों में बिजली आपूर्ति के वैकल्पिक प्रबंधन के लिए अतिरिक्त भूमिगत ग्रिड निर्माण का काम आगे बढ़ाया है।
प्रवक्ता शाक्य ने बताया कि कुछ स्थानों पर भूमिगत वैकल्पिक विद्युत् ग्रिड की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने तथा नए भूमिगत ग्रिड निर्माण के लिए सड़क विभाग और काठमांडू महानगरपालिका के साथ निश्चित कार्यतालिका के आधार पर सहयोग और समन्वय को लेकर चर्चा हुई है।
चर्चा में सड़क विभाग के काठमांडू डिविजन प्रमुख सुबोध देवकोटा ने भूमिगत ग्रिड निर्माण के लिए विभाग की ओर से आवश्यक सहयोग और समन्वय का आश्वासन दिया।
काठमांडू महानगरपालिका के सार्वजनिक निर्माण विभाग प्रमुख सुरेशकुमार राई ने भी फुटपाथ के भीतर भूमिगत तारों के प्रबंधन के लिए आवश्यक सहयोग करने की बात कही।
नेपाल विद्युत् प्राधिकरण के आयोजना निर्देशनालय के प्रमुख दुर्गानन्द बडियात ने बताया कि काठमांडू उपत्यका में चल रहे भूमिगत तार प्रबंधन को और व्यवस्थित किया जाएगा। साथ ही, वितरण तथा ग्राहक सेवा निर्देशनालय की सर्दियों में बिजली की मांग के प्रबंधन की आवश्यकता के अनुसार सघन समन्वय किया जाएगा।
बैठक में काठमांडू के लोड प्रबंधन और आवश्यक कार्यों के संबंध में बागमती वितरण तथा ग्राहक सेवा निर्देशनालय के प्रमुख मुनीन्द्र ठाकुर ने प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि नेपाल विद्युत् प्राधिकरण ने टास्क फोर्स गठित कर सर्दियों में बिजली की मांग के प्रबंधन का काम आगे बढ़ाया है।
चर्चा में नेपाल विद्युत् प्राधिकरण के संचालक समिति सदस्य अंशुकिरण शाही ने कहा कि काठमांडू की सर्दियों की बिजली मांग के प्रबंधन के लिए सभी संबंधित निकायों के बीच उच्च स्तर का सहयोग और समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सर्दियों में बिजली के बढ़ते दबाव को सुचारु रूप से प्रबंधित करने के लिए मंत्रालय के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।

