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जब-जब बाबा रामदेव आते हैं तो नेपाल में आता है भूकंप

 

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*मधुरेश*-मोतिहारी,29 नवम्बर । इसे महज संयोग ही कहा जाएगा या प्रकृति का कोई संकेत, लेकिन यह शख्स जब भी नेपाल आता है तो अपने साथ भूगर्भीय हलचल लेकर आता है। 2015 का त्रास्दी से भरा भूकंप हो या 28 नवम्बर 2016 को आनेवाला भूकंप का हल्का झटका। दोनों बार होने वाले भूगर्भीय हलचल का गवाह यह शख्स बना है। जी हां, हम बात कर रहे है योग गुरु बाबा राम देव की।

मिली जानकारी के अनुसार 2015 के भूकंप के दौरान भी बाबा रामदेव नेपाल की राजधानी काठमांडू के टुंडीखेल में योग शिविर का आयोजन कर रहे थे। इस दफे भी बाबा का शिविर वीरगंज में चल रहा था। शिविर के अंतिम दिन यानि पांचवे दिन प्रकृति का यह कोप भी दुहरा गया। हॉलाकि इस दफे किसी तरह के जान-माल की कोई क्षति नहीं हुई। लेकिन बाबा और नेपाल में भूकंप के अन्तर्संबंध को लेकर तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है।हॉलाकि, बाबा ने कहा है क़ि भूकम्प प्राकृतिक आपदा है। इसे रोकना किसी के भी वश में नहीं है। बार-बार भुकम्प से नेपाल का ग्रह चाल कट रहा है। उन्होंने कहा क़ि निश्चय ही आने वाला समय नेपाल की खुशहाली और समुन्नति का होगा। वे विशेष विमान से काठमाण्डु जाने से पहले सिमरा के इक्षा होटल में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। उनके साथ नेपाल की स्पीकर ओरनी धर्ति भी मौजूद थीं। भारत में नोटबन्दी के बाद नेपाल में उत्पन्न समस्या पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रामदेव ने कहा कि यहां के लोग भी परेशान हैं। दोनों देशों के बीच बेटी और रोटी का रिश्ता है। मैं नेपाल आने के बाद से इस समस्या को लगातार सुन रहा हूं। भारत सरकार इस पर कुछ करे। इसके लिए लौट कर विशेष रूप से भारत सरकार का ध्यानकर्षण कराकर सकरात्मक पहल की वे कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा क़ि कालाधन के खिलाफ वे लगातार अभियान चला रहे थे। अब इसका असर दिख रहा है। प्रधानमंत्री मोदी को बाबा ने यह सुझाव दिया क़ि बड़े लोगों के पास बड़े नोटों के शक्ल में काला धन है। इस पर रोक लगानी चाहिए। यह सुझाव माना गया। इस नोटबन्दी से देश का काला धन बड़े नोटों के शक्ल में बाहर आ रहा है।

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