Mon. Dec 8th, 2025
English मे देखने के लिए क्लिक करें

सरकार को बताए बिना दिल्ली की ओर बढ़ रही थीं सेना की टुकड़ियां

नई दिल्ली।।  क्या एक समय आर्मी चीफ जनरल वी.के. सिंह और सरकार के बीच तनातनी इतनी बढ़ गई थी कि भारत में भी पाकिस्तान जैसे हालात पैदा हो सकते थे  ?  अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने इस बारे में सनसनीखेज खुलासा किया है। उसका दावा है कि 16 और 17 जनवरी की रात केंद्र सरकार की जानकारी के बिना आगरा और हिसार से सेना की दो टुकड़ियां दिल्ली की ओर कूच कर गई थीं।
गौरतलब है कि उम्र विवाद में सरकार के खिलाफ आर्मी चीफ 16 जनवरी को ही सुप्रीम कोर्ट गए थे। सेना ने इसे रूटीन अभ्यास बताया है, लेकिन सरकार की जानकारी के बिना सैनिकों के दिल्ली की ओर बढ़ने पर सवाल उठ रहे हैं।
अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, 16 जनवरी की रात केंद्र की खुफिया एजेंसियों ने सरकार को बताया कि हिसार स्थित पैदल सेना की अहम यूनिट टैंकों के साथ दिल्ली की ओर बढ़ रही है। सरकार को इस पर भरोसा नहीं हुआ, लेकिन सन् 1984 के बाद से लागू दिशा-निर्देश के मुताबिक लुकआउट अलर्ट जारी कर दिया गया। ऑपरेशन ब्लूस्टार के बाद भी कुछ सिख सैनिकों ने बागी तेवर दिखाते हुए दिल्ली की ओर कूच कर दिया था। लुकआउट में खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट की पुष्टि हो गई। इसके अगले दिन आगरा से भी सेना की एक टुकड़ी के दिल्ली की ओर बढ़ने की खबर मिली।

यह भी पढें   प्रतिनिधिसभा भंग होने के खिलाफ कांग्रेस भी पहुँचा सुप्रीम

दो जगहों से सेना के राजधानी की ओर बढ़ने की खबर से सरकार हरकत में आ गई और पुलिस को हाइवे पर सभी गाड़ियों को चेक करने के आदेश जारी कर दिए गए। इसका मकसद दिल्ली की ओर बढ़ रहे ट्रैफिक को स्लो करना था ताकि सरकार को ज्यादा मोहलत मिल सके। डिफेंस सेक्रेटरी शशिकांत शर्मा को मलयेशिया के दौरे से तुरंत भारत बुला लिया गया। सरकार से बातचीत के बाद देर रात वह अपने ऑफिस पहुंचे और मिलिट्री ऑपरेशन के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल ए.के. चौधरी को तलब किया। लेफ्टिनेंट जनरल ए.के. चौधरी ने इसे रूटीन अभ्यास बताया। उन्होंने कहा कि सेना कोहरे में मूवमेंट का अभ्यास कर रही थी।
डिफेंस सेक्रेटरी ने उन्हें दोनों टुकड़ियों को तत्काल वापस भेजने का निर्देश दिया। इतनी ज्यादा संशय की स्थिति बन गई थी कि 17 जनवरी की रात को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी पूरे मामले की जानकारी दी गई। हालांकि, डिफेंस सेक्रेटरी का भी कहना है कि यह रूटीन अभ्यास था और इसे आर्मी चीफ के उम्र विवाद से जोड़ना गलत है।नवभारतटाइम्स.कॉम

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *