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40 वर्षीय व्यक्ति के स्पर्म में ज़ीका वायरस मिला

 jikka-virus
काठमाण्डू १४ अगस्त । रोम के इस वायरस के संक्रमण से नवजातों का दिमाग़ अविकसित रह जाता है। ये वायरस ज़ीका के लक्षण पाए जाने के छह महीने बाद मिला है।
ज़ीका मच्छरों के काटने से फैलता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने फ़रवरी में ही इस वायरस को सार्वजनिक वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया था।
डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जितना पहले सोचा जा रहा था यह वायरस यौन संचरण के दौरान उतनी ही तेज़ी से फैलता है।
मरीज़ के स्पर्म में छह महीने पहले ज़ीका के लक्षण दिखे थे।
वह जनवरी में दो हफ़्ते के लिए ुहैतीु गए थे। जहां उन्हें मच्छरों ने काटा था। जिसके बाद उन्होंने बुख़ार, थकान और त्वचा पर धब्बे दिखने की बात कही थी। 91 दिन बाद किए गए जांच के दौरान संक्रमित इंसान के पेशाब, लार और शुक्राणु में ज़ीका वायरस मिला। जबकि 134 दिन बाद सिर्फ़ स्पर्म में मिला जो 181 दिन बाद भी बना हुआ है।
स्पालांज़ी इंस्टीट्यूट फॉर इनफ़ेक्शस डिज़ीज़ के डॉक्टरों का कहना है कि ऐसा लगता है कि पुरूष के जननांग में वायरस प्रजनन कर रहा है।

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