दिल को पागल होने दो : आरती आलोक वर्मा (गजल)
– आरती आलोक वर्मा
मुझको आपा खोने दो
दिल को पागल होने दो ।।
गम की बारिश होने दो
काजल मुझको धोने दो ।।
आंसू झम झम बरसेंगे
आंखे बादल होने दो ।।
इन पलकों की छांव तले
मुझको हर पल सोने दो ।।
सब तेरी बातें मानूँ
ऐसे जादू टोने दो ।।
हसरत जाने कब से मरी
लाश वफा की ढ़ोने दो ।।
हिमालिनी, अंक जून २०१८ |


