‘महिलाओं के प्रति भेरी अंचल अस्पताल की लापरवाही’
पवन जायसवाल, नेपालगन्ज (बांके)
बांके जिला स्थित बसुदेवपुर स्वास्थ्य चौकी में प्रसुती गृह न होने की कारण कई महिला अपने ही घर में बच्चों की जन्म देना बाध्य हैं । गांव के बहुत कम ही महिलाएं प्रसुती के लिए भेरी अंचल अस्पताल तक पहुँचते हैं, लेकिन वहां भी उन लोगों के साथ अपेक्षित व्यवहार नहीं किया जाता । अषाढ २८ गते आयोजित एक कार्यक्रम में महिलाओं ने इस तरह का दावा किया है ।
महिलाओं को मानना है कि भेरी अंचल अस्पताल में कार्यरत नर्स ने प्रसुती के लिए आए महिलाओं के साथ साथ अभद्र व्यवहार करते हैं । पीडित महिलाओं ने कहा है कि अस्पताल और नर्स की लापरवाहीपूर्ण व्यवहार के कारण ही अपने ही घर में बच्चों की जन्म देनेवाले महिलाओं की संख्या बढ़ती जा रही है । सेभ द चिल्डेन की सहकार्य और बांके युनेस्को क्लब द्वारा नेपालगन्ज–१९ बसुुदेवपुर स्वास्थ्य चौकी में आयोजित सामाजिक परिक्षण कार्यक्रम में सहभागी महिलाओं ने इसतरह का कप्लेन किया है ।

स्वास्थ्य चौकी की तथ्यांक अनुसार उक्त वडा में मासिक २० महिलाएं घर में ही शिशु का जन्म देती है । चौकी इन्चार्ज सुनिल बज्राचार्य ने कहा कि स्वास्थ्य चौकी द्वारा जो सेवा–सुविधा दी, उसमें गुणस्तरीयता है, लेकिन भवन की अभाव में प्रसुती सेवा बिस्तार के लिए समस्या है । उन्होंने कहा कि कार्यालय भवन स्थापना के लिए जमीन प्राप्त होने की सम्भावना है, अगर स्थानीयबासी की की सहयोग मिलेगी तो उसका भी व्यवस्थापन हो सकती है ।
कार्यक्रम में गावंघर क्लिनिक तथा खोप केन्द्र में फर्निचर, बेड लगायत की अभाव पुर्ति, २ अनमी की व्यवस्था, समुदाय में सचेतनामूलक स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान और कार्यालय के लिए जमीन की खोजी संबंधी ४ बुदें कार्ययोजना तैयार किया गया । उक्त कार्य योजना कार्यान्वयन के लिए नेपालगन्ज उपमहानगरपालिका और स्वास्थ्य व्यवस्थापन समिति से आग्रह करने का निर्णय भी लिया गया है ।
कार्यक्रम अधिकृत रोशन थापा के अनुसार बांके युनेस्को क्लब ने उक्त स्वास्थ्य केन्द्र के लिए भौतिक पूर्वाधार मरम्मत, मातृ–शिशु और बाल स्वास्थ्य के लिए सहयोग हेतु कु सामाग्रियां भी दिया है । स्वास्थ्य चौकी को मानना है कि प्राप्त सहयोग से संस्था की सेवा प्रवाह में सहजता तथा गुणस्तर में वृद्धि की जा सकती है । कार्यक्रम के लिए पत्रकार राकेश कुमार मिश्र ने सहजीकरण किया ।

