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निहारिका रचित ‘योगमाया’ उपन्यास को मदन पुरस्कार प्राप्त

काठमांडू, २८ अगस्त । इस साल (२०७४) का मदन पुरस्कार नीलम कार्की ‘निहारिका’ रचित ‘योगमाया’ उपन्यास को देने का निर्णय हुआ है । सोमबार सम्पन्न मदन पुरस्कार गुठी बैठक ने यह निर्णय किया है । वि.सं. २०७४ साल में प्रकाशित पुस्तकों में से मुदन पुरस्कार के लिए ‘योगमाया’ का चयन हुअा है, गुठी के अध्यक्ष कुन्द दीक्षित द्वारा प्रकाशित विज्ञप्ति में यह बात उल्लेख है ।
वि.सं. २०७४ साल में नेपाल से कुल २५३ पुस्तकें प्रकाशित हुई थी, उनमें से मदन पुरस्कार के लिए कुल ८ पुस्तकों का चयन किया गया है । उत्कृष्ट ८ पुस्तकों में से निहारिका की योगमाया को चुना गया है ।  चयनित अन्य ७ पुस्तकें ध्रुवसत्य परियार रचित कैरन, सरस्वती प्रतिक्षा रचित नथिया, तीर्थ गुरुङ रचित पाठशाल, यज्ञश रचित भुइँया, नयनराज पाण्डे रचित यार, राज माङलाक रचित लुम्बिनी गांव और मोहन वैद्य रचित हिमाली दर्शन है ।
इसीतरह २०७४ साल का जदगम्बा श्री पुरस्कार शान्तदास मानन्धर को दिया जा रहा है । मानन्धर नेपाली बाल साहित्य की क्षेत्र में पाँच साल से सक्रिय हैं । मदन पुरस्कार और जदगम्बा श्री पुरस्कार दोनों का राशी जनही २ लाख का है ।

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