कितने दिन रहेंगे अदालत में सीके राउत ?
हिमालिनी डेस्क, जनकपुर
अदालत परिसर से २०७५ आश्विन २१ गते रविवार राज्यबिरुद्ध के अपराध मुद्दा में हिरासत में लिए गए डा. सी. के. राउत, अशोक सिंह, बिरेन्द्र साह, दिनेश यादव और जे. पी. साह को अनुसन्धान के नाम पर बार-बार म्याद बढाने में लगी हुई नेपाल प्रहरी ने किसी भी तरह हिरासत में रखने और यातना देने के बदनियत से आज कार्तिक १५ गते गुरुवार पुन: नयाँ मुद्दा राज्य बिरुद्ध के सांगठनिक अपराध के लिए अनुसन्धान करने के नाम पर जिल्ला अदालत, गौर, रौतहत के न्यायाधिश प्रकाश श्रेष्ठ के इजलास में हुई बहस पश्चात के फैसला अनुसार स्वतन्त्र मधेश गठबन्धन के संयोजक डॉ राउत को पुनः १५ दिन प्रहरी हिरासत में रखकर अनुसन्धान करने का आदेश दिया है। सांगठनिक अपराधके मुद्दा में डा. राउत हरेक महिना इस अदालत में तारीख़ लेने दौड़ लगा रहे हैं | अब यह प्रश्न उठ रहा है कि कितने दिन इसी तरह रखा जायेगा हिरासत में डा. राउत को ?
फैसला पश्चात गठबन्धन के संयोजक राउत ने सामान्य तारीख़ लेने अदालत में आने पर अदालत परिसर से पकड़ कर पुरानी ही प्रकृति के मुद्दा में पुन मुद्दा चलाएं जाने पर दुःख व्यक्त किया है। साथ ही, किसी व्यक्ति के ऊपर एक ही कसूर में बार-बार वहीं मुद्दा चलाया गया तो व्यक्ति की व्यक्तीगत स्वतन्त्रता में खतरा उत्पन्न हो कर वहीं व्यक्ति बार बार प्रताडित होने के कारण दोहरा खतरा विरुद्ध के हक नेपाल के संविधान तथा मानव अधिकार ने व्यवस्था किया है। एक ही विषय में बार-बार मुद्दा देखा जाए तो, उसी विषय में पहले हुई निर्णय का अर्थ समाप्त हो जाने के विवाद में अन्तिम निर्णय कभी नहीं हो सकता। प्राङन्याय के सिद्धान्त और दोहरा खतरा के सिद्धान्त दोनो से एक ही विषयों में व्यक्ति को बार बार प्रताडित करना या दोहरा खतरा में नहीं रखें जाने की अधिकार प्रत्याभूत करता है।
डा. राउत अदालत परिसर में आते ही हजारों समर्थकों ने रिहाई के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया है|


