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मधेसका प्रथम प्राकृतिक अस्पताल राज्य द्वारा उपेक्षित

मनोज बनैता, सिरहा १७ जनवरी । सिरहा के धनगढीमाई नगरपालिका स्थित प्राकृतिक स्वास्थ्य अस्पताल २०६४ मे भारतीय राजदूत शिवशङ्कर मुखर्जी द्वारा सिल्यान्यास किया गया था । उक्त प्राकृतिक स्वास्थ्य अस्पताल के लिए भारत सरकारने कुल 2 करोड 27 लाख रूपैयाका सहयोग किया था ।

ईस कार्यमे स्वर्गीय सांसद नथुनी सिहं और
डा.हरि प्रसाद पोखरेल का महत्वपुर्ण भुमिका रहा था । भवन निर्माण जिला विकास समिति सिरहा ने किया था । कुछ निर्माणके काम बाकी है कहके संचालक समिति और ठेकदारके बिच कुछ अनबन के कारण भवन हस्तान्तरण नहि होपारहा था । कुछ समय के वाद बात मिल्नेपर २०७१ सालमे भवन व्यवस्थापन समितिको हस्तान्तरण किया गया ।

भवन निर्माण के तुरन्त बाद उपचार के लिए तकरिबन ८० लाख बराबर के सर्जिकल मेसिन लायागया था ।
संचालक समिति का उपाध्यक्ष रामेश्वर सिंह के अनुसार नगरपालिका मेयर से लेकर मन्त्रालय तक फरियाद लेकर गए पर कुछ ना होसका ।

सबसे गम्भीर प्रश्न यह है कि भवन निर्माण और सर्‍जिकल सामान आने के वाद भी आखिर नेपाली सम्राज्यके शासकको ने ए अस्पताल संचालन क्यों नहि कि? कहिं ए तो नहि कि ए अस्पताल मधेस मे है? कुछ लोगोका ए भि मानना है कि मधेसमे अगर ऐसे अस्पताल संचालन मे आगया तो काठमाडौं,धरान को बहुत नुकसान होगा ईसिलिए सरकार स्वीकृत नहि देरही है । कई स्थानीय लोगका सरकार उपर ए भि आरोप है कि ए सरकारका चाल है कि मधेस और मधेसी जनता सदाके लिए परनिर्भर रहे ।

हाल अस्पतालका चार मन्जिल मे से निचेवाला मन्जिल संचालक समिति के अनुमति वेगैर धनगढीमाई नगरपालिका कब्जा किया है । प्राकृतिक स्वास्थ्य अस्पताल संचालन मे स्थानीय निकाय ने कुछ ध्यान नहि दिया है ।

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