Sat. Feb 22nd, 2020

पुलवामा में आतंकवाद काे अंजाम देने वाला जैश-ए-मोहम्मद और मसूद अजहर जिसे चीन आतंकवादी घाेषित नही कर रहा

 

आतंकी मौलाना मसूद अजहर ने 31 जनवरी, 2000 को जैश ए-मोहम्मद (जेईएम) का गठन किया। इसका मुख्यालय पाकिस्तान के बहावलपुर में है। जेईएम का मकसद कश्मीर को भारत से अलग कर पाकिस्तान में शामिल करवाना है। 1999 में भारतीय विमान की हाईजैकिंग, 2001 में संसद हमले और 2016 में पठानकोट हमले में मसूद का हाथ था। 2016 और इस साल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा मसूद को आतंकी घोषित किए जाने संबंधी फैसले पर चीन अड़गा लगा चुका है। लश्कर-ए-तैयबा और हाफिज सईद 1990 में आतंकी हाफिज सईद के नेतृत्व में गठन हुआ। 50 हजार आतंकी हैं। कश्मीर को पाकिस्तान में मिलाना इसका मकसद है।

पाकिस्तान के मुदरीके शहर में मुख्यालय है। वहां आतंकी ट्रेनिंग कैंप चलते हैं। 2001 में भारतीय संसद पर हमले और 2006 व 2008 में मुंबई बम धमाके का जिम्मेदार। सईद पाकिस्तान में नजरबंद है। उसका संगठन जमात उद दावा भी आतंकी गतिविधियों में शामिल है। अमेरिका सईद पर एक करोड़ डॉलर के इनाम की घोषणा कर चुका है। उस मसूद अजहर काे आजतक चीन की वजह से आतंकवादी घाेषित नहीं किया जा रहा । पुलवामा जैसे कृत काे अंजाम देने के बाद भी क्या चीन काे अपने फेसले पर पुनः विचार नहीं करना चाहिए

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