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सीके राउत आज भी सुरक्षा चुनौती, उन के समूह ऊपर सूक्ष्म निगरानी कायम !

जनकपुरधाम, २८ अप्रील । कहा जाता है कि डा. सीके राउत समूह विखण्डनवादी मुद्दा को त्याग कर मूलधार की शान्तिपूर्ण राजनीति में सहभागी हो चुके हैं । लेकिन सुरक्षा निकायों में उनके संबंध में सुक्ष्म निगरानी की आवश्यकता पर आज भी चर्चा जारी है । प्रसंग है, प्रदेश नं. २ स्तरीय सुरक्षा गोष्ठी की ।
प्रदेश नं. २ राजधानी जनकपुर में वैशाख १३ और १४ गते आयोजित सुरक्षा संबंधी गोष्ठी में सहभागी कई सुरक्षा अधिकारियों ने राउत के ऊपर आशंका व्यक्त करते हुए कहा है कि उनके ऊपर आज भी सुक्ष्म निगरानी की आवश्यकता है । कार्यक्रम में सहभागी गृहमन्त्री रामबहादुर थापा बादल ने कहा कि वह मूलधार के राजनीति में आ चुके हैं, इसीलिए उनकी पुरानी मुद्दा अब काम नहीं आएगी । लेकिन सहभागी अन्य सुरक्षा अधिकारियों ने कहा है कि राउत ने विखण्डनवादी नारे तो छोड़ दिए है, लेकिन उनके संगठन में आवद्ध कई व्यक्तियों की क्रियाकलाप शंकास्पद है ।
समाचार स्रोत को मानना है आज भी सीके राउत समूह में आवद्ध कुछ व्यक्ति शंकास्पद गतिविधि में संलग्न है । प्रदेश नं. २ की मूल सुरक्षा चुनौती क्या है ? इस प्रश्न पर बहस करते हुए सुरक्षा अधिकारियों ने कहा है कि सीके राउत के ऊपर ‘वेट एण्ड सी’ का नीति अवलम्बन कर सुक्ष्म निगरानी जरुरत है ।
प्रदेश नं.२ के पुलिस प्रमुख पुलिस नायब महानिरीक्षक (डीआईजी) हरिबहादुर पाल ने कहा कि प्रदेश के अन्दर संविधान विरोधी कोई भी क्रियाकलाप स्वीकार्य नहीं है, उसको नियन्त्रण में लिया जाएगा । गृहमन्त्री थापा ने सुरक्षा अधिकारियों को निर्देशन देते हुए कहा है कि सार्वभौम सत्ता और राष्ट्रीय अखण्डता विरोधी क्रियाकलाप को निरुत्साहित कर प्रदेश के अन्दर धार्मिक, क्षेत्रीय तथा वर्गीय द्वन्द्व को भी खत्तम करना चाहिए ।
गोष्ठी में सहभागी सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि आगामी दिनों के लिए प्रदेश नं. २ की मुख्य सुरक्षा चुनौती सामाजिक अपराध है, उसके लिए विशेष अभियान संचालन आवश्यक है ।

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