Mon. Nov 18th, 2019

हिन्दू राष्ट्र के लिए संप्रदाय संकीर्णता छोड, व्यापकता अपनाएं : पूज्य संतश्री (डॉ.) संतोषजी महाराज

हिन्दू राष्ट्र के लिए संप्रदाय संकीर्णता छोड, व्यापकता अपनाएं ! 

– पूज्य संतश्री (डॉ.) संतोषजी महाराज, महाराष्ट्र

 रामनाथी (गोवा) – साधना एवं धर्मप्रसार का सुंदर मिलाप अष्टम अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन में दिखाई दिया । अधिवेशन में आने पर हिन्दू धर्म का ध्यान रखनेवाला कोई है, यह देखकर आनंद हुआ । आर्थिक तथा अन्य कारणों से सिंधी समाज राष्ट्र-धर्म कार्य से कुछ समय के लिए दूर हो गया था; परंतु अब परिस्थिति बदल गई है । यह समाज भी राष्ट्र-धर्म कार्य में अग्रसर है । हिन्दू राष्ट्र तो आएगा ही; केवल उसके लिए संप्रदायों को अपने संकीर्ण विचार त्यागकर व्यापक दृष्टि से कार्य करने की आवश्यकता है, यह विचार अमरावती (महाराष्ट्र) के शिवधारा आश्रम के पूज्य संतश्री (डॉ.) संतोषजी महाराज ने व्यक्त किया । 3 जून को श्री रामनाथ देवस्थान के श्री विद्याधिराज सभागृह में ‘अष्टम अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’ के छठे दिन ‘सिंधी समाज की संस्कृति रक्षा के लिए किए गए प्रयत्न और उसे मिली सफलता’ इस विषय पर वे  बोल रहे थे । इस अवसर पर हिन्दू जनजागृति समिति के बिहार राज्य संयोजक श्री. संजय सिंह ने अधिवेशन में प्रस्तावों का वाचन किया । उन प्रस्तावों का ‘हर हर महादेव’ के उद्घोष में उपस्थित सभी धर्माभिमानियों ने अनुमोदन किया ।

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