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धर्म सन्तान तस्करी : अवैध तरीके से भेजे गए विदेशाें में बाल बालिका

नौ वर्ष में ६ देशाें में २० बालबालिका धर्मपुत्र–धर्मपुत्री बनाकर ले जाने का सरकारी अभिलेख मिलता है ।   देश के तथ्यांक काे जाेडने से उसी अवधि में १ साै ५९ नेपाली बालबालिका वहाँ धर्मसन्तान के रूप में ले जाया गया है । ये कैसे गए इसका काेई अभिलेख नही है इससे पता चलता है कि धर्म संतान के रुप में तस्करी की जा रही है ।

सरकार १८ देशाें में बालबालिका काे धर्मपुत्र–धर्मपुत्री बनाकर भेज रही है ।  जिनमें से अमेरिका और युरोप के ६ देशाें ने नेपाल से अपने देश में आए बालबालिकाओं की सूची हेग कन्फे्रन्स अन प्राइभेट इन्टरनेसनल ल (एचसीसीएच) काे पेश करती आई है। जिसके अनुसार २०१० के तथ्यांक काे जोड्ने से १ साै ५७ नेपाली बालबालिका गए हैं।

इसी अवधि में १८ देश में से बाकी १२ देश में ८२ बालबालिका का सरकारी तथ्यांक है। एचसीसीएच में इसकी काेई जानकारी नही है ।

सन् २०१० से पहले नेपाल से धर्म सन्तान के रूप में बालबालिका काे विदेश ले जाना कठिन नहीं था। २०१० के बाद नेपाल सरकार ने इस प्रणाली काे जटिल और व्यवस्थित किया। धर्म सन्तान चाहने वाले विदेशी परिवार काे अनेक प्रक्रिया पूरी करनी पडती है। इसके बाद से बाल बालिका काे अवैध रुप से विदेश भेजा जाने लगा

तत्कालीन महिला, बालबालिका तथा समाजकल्याण मन्त्रालय अन्तरदेशीय धर्मपुत्र–धर्मपुत्री व्यवस्थापन समिति गठन कर के अपने मातहत ही बालबालिका काे विदेश भेजने लगी। और, विदेश भेजे गए बालबालिका के तथ्यांक काे व्यवस्थित तरिका से रखने लगी। इससे पहले नेपाल ने सन् २००९ में हेग में हुए  अन्तरदेशीय धर्मपुत्र–धर्मपुत्री बालबालिका के संरक्षण और सहयोगसम्बन्धी महासन्धि में हस्ताक्षर किया था।

अन्नपूर्ण पोस्ट् दैनिक से

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