Wed. Oct 23rd, 2019

‘डा. भट्टराई की अभिव्यक्ति विखण्डनवादी’

कैलाली, २९ अगस्त । सत्तारुढ दल नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (नेकपा) के नेता तथा नेकपा सुदूरपश्चिमाञ्चल के इञ्चार्ज भीम रावल ने कहा है कि समाजवादी पार्टी के नेता तथा पूर्व प्रधानमन्त्री डा. बाबुराम भट्टराई की अभिव्यक्ति विखण्डनवादी अभिव्यक्ति है । बुधबार कैलाली में आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में बोलते हुए उन्होंने कहा कि थारु आन्दोलन के संबंध में डा. भट्टराई की ओर से जो अभिव्यक्ति आ रही है, वह विखण्डनवाद को प्रोत्साहन करती है ।
कार्यक्रम में नेता रावल ने कहा कि एक सार्वभौम राष्ट्र के अन्दर जो भी हक–अधिकार प्राप्त होती है, राष्ट्र को संरक्षण करने के लिए होता है, अधिकार के नाम में जातीय राज्य की वकालात करना विखण्डनवाद को प्रोत्साहन करना है । नेता रावल ने दावा किया है कि जनचाहना अनुसार ही बहुमत जनप्रतिनिधियों ने संविधान निर्माण किया है, लेकिन आज आकर फिर जातीय राज्य की बात करना पुनः देशो अशान्त और अस्थिर बनाना है ।
नेता रावल ने आगे कहा– ‘संविधान के विपरित जातीय राज्य की बात करना मिलजुल कर रहे समाज को बिगाड़ना है, आन्दोलन के लिए प्रोत्साहित करना है, समुदाय–समुदाय बीच विद्रोह करवाना है । यह राष्ट्र और राष्ट्रीयता को विखण्डन की ओर ले जाता है ।’

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