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द्वन्द्व पीडितों की चेतावनीः सिंहदरबार के भीतर घूस कर आन्दोलन करेंगे

काठमांडू, २७ सितम्बर । तत्कालीन सशस्त्र युद्ध के दौरान माओवादी और सरकार की ओर से पीडित रहे सर्वसाधारण ने चेतावनी दी है कि अगर न्याय नहीं मिलेगी तो वे लोग सिंहदरबार के भीतर घूस कर आन्दोलन करने के लिए तैयार हैं । राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की ओर से बिहीबार आयोजित ‘संक्रमणकालीन न्यायको निकास’ कार्यक्रम में समभागी द्वन्द्व पीडितों ने ऐसी चेतावनी दी है । उन लोगों का कहना है कि द्वन्द्व पीडितों को संक्रमणकालीन न्याय की आधारभूत सिद्धान्त बमोजिम न्याय मिलनी चाहिए ।
उन लोगों ने कहा है कि न्याय के लिए वे लोग बिस्फोट होने के लिए और सिंहदरबार के भीतर घूस कर आन्दोलन करने के लिए तैयार हैं । द्वन्द्व पीडित भावना विद्रोही ने कहा– ‘हम लोगों की धैर्यता की सीमा चरमोत्कर्ष में पहुँच चुका है, अगर न्याय नहीं मिलेगी तो हम लोग बम बनने के लिए तैयार हैं ।’ तत्कालीन जनयुद्ध के नेतृत्वकर्ता पुष्पकमल दाहाल की ओर संकेत करते हुए उन्होंने आगे कहा– ‘आप के नेतृत्व में हुए जनयुद्ध के कारण ही २०४ वर्षीय राजतन्त्र का अंत सम्भव हुआ है, गणतन्त्र स्थापित हो गया । लेकिन हम लोग आपके सन्तान के समान है, हम लोगो को क्या मिला ? इसके लिए आप क्यों चूप हैं ?’ उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्षधर पीडित मिलकर आन्दोलन शुरु हो सकता है । विद्रोही का यह भी आरोप है कि प्रचण्ड ने कांग्रेस सभापति शेर बहादुर देउवा के साथ मिलकर सत्ता के लिए सौदाबाजी की है ।
कार्यक्रम में द्वन्द्व पीडित सुरक्षा परिवार संघ की उपाध्यक्ष रीता कार्की, द्वन्द्व पीडित साझा चौतारी के अध्यक्ष भागीराम चौधरी, बहिर्गमित जनमुक्ति सेना के अध्यक्ष असिम लिम्बू, पूर्व बालसैन्य लेनिन बिष्ट आदि वक्ताओं ने कार्यक्रम में उपस्थित नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी के अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल प्रचण्डऔर नेपाली कांग्रेस के पार्टी सभापति तथा पूर्व प्रधानमन्त्री शेरबहादुर देउवा के साथ द्वन्द्वकालीन मुद्दा संबंधी विभिन्न प्रश्न किया और न्याय के लिए जोर दिया ।

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