संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र में नेपाल ने आतंकवाद पर भारत के रूख से सहमति जताई
संयुक्त राष्ट्र, एजेंसी।
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 74वें सत्र में नेपाल ने आतंकवाद पर भारत के रूख से सहमति जताई। नेपाल ने आतंकवाद पर चिंता जताते हुए इसके खिलाफ वैश्विक समुदाय को तत्काल एकजुट होने को कहा। नेपाल की ओर से विदेश मंत्री प्रदीप ज्ञवाली ने इस सत्र में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने लीबिया, सीरिया, यमन सहित युद्ध प्रभावित देशों की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की।
ज्ञवाली ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक रणनीति को काउंटर टेररिज्म पर लागू करने के लिए पहल की जानी चाहिए। उन्होंने हिंसा और संघर्ष के कारण होने वाले मानवीय संकट पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि आतंकवाद विरोधी संधि को लागू करने में कोई देरी नहीं होनी चाहिए।
बातचीत और आम सहमति से हो हल
ज्ञवाली ने इस दौरान कहा कि नेपाल बातचीत और आम सहमति के माध्यम से सभी विवादों और संघर्षों को हल करने में विश्वास रखता है। उन्होंने मध्य-पूर्व देशों और इजराइल-फिलिस्तीन के बीच तनाव पर भी चिंता व्यक्त की।
शरणार्थियों पर रखा पक्ष
ज्ञवाली ने नेपाल में लंबे समय से रह रहे शरणार्थियों की बड़ी संख्या का हवाला देकर कहा कि नेपाल शरणार्थियों के सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से वापसी के पक्ष में रहा है। हालांकि, उन्होंने इस टिप्पणी ने नेपाल में भूटान या अन्य देशों में शरणार्थियों का स्पष्ट रूप से उल्लेख नहीं किया।
काठमांडू में ‘एवरेस्ट संवाद’ का आयोजन
नेपाल की शांति प्रक्रिया को दुनिया में अनुकरणीय बताते हुए, ज्ञवाली ने कहा कि नेपाल संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के आगामी कार्यकाल के लिए उम्मीदवारों का नामांकन कर रहा है। ज्ञवाली ने संयुक्त राष्ट्र के ढांचे के अनुसार विश्व समुदाय में शांति व्यवस्था के लिए नेपाल के योगदान को याद किया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण असंतुलन पर भी चिंता जताई और कहा कि नेपाल में अगले साल अप्रैल में काठमांडू में ‘एवरेस्ट संवाद’ का आयोजन किया जाएगा।

