अमेरिका ने कुद्स कमांडर कासिम सुलेमानी के बाद एयर स्ट्राइक में एक और कमान्डर काे मारा
मेरिका ने बगदाद में ईरान के दूसरे सबसे ताकतवर नेता एवं शीर्ष कुद्स कमांडर कासिम सुलेमानी को मार गिराने के एक दिन बाद शनिवार को फिर एयर स्ट्राइक की। अमेरिका ने इराक में अपनी दूसरी एयर स्ट्राइक में फिर एक हश्द कमांडर को मार गिराया है। राजधानी बगदाद के ताजी इलाके में हुए इस हमले में पांच अन्य लोगों की भी मौत हुई है जबकि तीन अन्य घायल हो गए हैं। ताजा अमेरिकी एयर स्ट्राइक में मारे गए लोग ईरान समर्थक मिलिशिया हश्द अल-शाबी के बताए जा रहे हैं।
बता दें कि हश्द अल-शाबी ईरान समर्थक पापुलर मोबलाइजेशन फोर्सेस का दूसरा नाम है। समाचार एजेंसी रॉयटर ने इराकी सेना के सूत्रों के हवाले से बताया कि अमेरिका ने इस बार उत्तर बगदाद में इराकी मिलिशिया के काफिले को निशाना बनाया। मिलिशिया के तीन में से दो वाहन हवाई हमले की जद में आ गए जिनमें सवार छह लोगों की मौत हो गई। स्थानीय समयानुसार रात करीब 1:12 बजे हुए इस हमले में किस कमांडर की मौत हुई है इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने शुक्रवार को बगदाद के एयरपोर्ट पर ड्रोन से हमला करके ईरान के शीर्ष कमांडर मेजर जनरल कासिम सुलेमानी को मौत के घाट उतार दिया। हमले में सुलेमानी के सलाहकार एवं इराकी मिलिशिया कताइब हिजबुल्ला के कमांडर अबू महदी अल-मुहंदिस की भी मौत हो गई। मालूम हो कि अमेरिका ने सुलेमानी को आतंकी घोषित कर रखा था। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्डस की कुद्स फोर्स के प्रमुख सुलेमानी ने पश्चिम एशिया में ईरान का सैन्य प्रभाव बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभाई थी।
अमेरिका ने भेजे अतिक्ति सैनिक
शीर्ष कमांडर की मौत से बौखलाए ईरान ने बदला लेने और अमेरिका को मुंहतोड़ जवाब देने का एलान किया है। वहीं सुलेमानी की मौत से पैदा हुए तनाव को देखते हुए अमेरिका ने पश्चिम एशिया में साढ़े तीन हजार अतिरिक्त सैनिकों को भेजा है। इस बीच फ्लोरिडा में छुट्टियां बिता रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि कासिम सुलेमानी की हत्या ईरान के साथ विवाद बढ़ाने के लिए नहीं की गई है। हमने यह कार्रवाई एक युद्ध को खत्म करने के लिए की है ना कि एक युद्ध शुरू करने के लिए…
मंडराया युद्ध का खतरा
जानकारों की मानें तो अमेरिकी रवैये के कारण समूचे खाड़ी क्षेत्र में समीकरण बदल सकते हैं। खासतौर पर सऊदी अरब पर हमले का खतरा बढ़ गया है। यही नहीं फलस्तीनी क्षेत्र से भी इजरायल पर हमले बढ़ सकते हैं। इन्हीं खतरों को देखते हुए इजरायली राष्ट्रपति नेतन्याहू ने अपनी यूनान की यात्रा बीच में ही छोड़ दी है। इन बदले हालातों में ईरान पर बदला लेने का भारी दबाव है। ऐसे में यदि ईरान कोई भी कार्रवाई करता है तो अमेरिका भी उसे जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा। नतीजतन रूस के मैदान में आने की नौबत आ सकती है।
दैनिक जागरण से

