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पूर्वप्रधानमन्त्री नेपाल और भट्टराई के ऊपर भ्रष्टाचार मुद्दा पंजीकरण के लिए मांग

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काठमांडू, १३ फरवरी । पूर्व प्रधानमन्त्री माधव कुमार नेपाल और डा. बाबुराम भट्टराई विरुद्ध भ्रष्टाचार मुद्दा पंजीकरण के लिए मांग करते हुए सर्वोच्च अदालत में एक रिट निवेदन पंजीकृत की गई है । रिट निवेदकों का कहना है कि बालुववाटार स्थित ललिता निवास जमीन प्रकरण में उन लोगों का भी हाथ है, इसीलिए पूर्व प्रधानमन्त्री द्वय नेपाल और भट्टराई को भी भ्रष्टाचार मुद्दा में अनुसंधान होना आवश्यक है । वरिष्ठ अधिवक्ता बालकृष्ण न्यौपाने ने बुधबार सर्वोच्च अदालत में एक मुद्दा पंजीकृत करते हुए ऐसा कहा है ।
अधिवक्ता न्यौपाने को कहना है कि अख्तियार दुरुपयोग अनुसंधान आयोग ने नीतिगत निर्णय कहकर पूर्वप्रधानमन्त्री द्वय नेपाल और भट्टराई को छुट दिया है, जो गैरकानूनी है, इसीलिए दोनों पूर्व प्रधानमन्त्री के विरुद्ध भ्रष्टाचार मुद्दा पंजीकृत कर अनुसंधान होना चाहिए । उनका मानना है कि अख्तियार दुरुपयोग अनुसंधान आयोग जिस विषय को नीतिगत कहा है, वह नीतिगत नहीं है, कानून विपरित निर्णय है ।
सर्वोच्च अदालत ने उक्त रिट निवेदन की पेशी शुक्रबार के लिए तय किया है । स्मरणीय है– अख्तियार ने कहा है कि तत्कालीन सरकार प्रमुख ने उक्त विषय (ललिता निवास जमीन प्रकरण) में नीतिगत निर्णय किया है, इसीलिए उन दोनों के ऊपर मुद्दा पंजीकृत करना आवश्यक नहीं है । आयोग की इसी कथन पर असहमति जाहेर करते हुए अधिवक्ता न्यौपाने ने प्रधानमन्त्री द्वय नेपाल और भट्टाराई के विरुद्ध भी भ्रष्टाचार मुद्दा लगाने के लिए मांग किया है ।

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