biratnagar birgunj janakpur lumbani nepalgunj siraha-lahan मधेश हिमालिनी विशेष मधेश आन्दोलन के पुरोधा स्व• गजेन्द्र नारायण सिंह को सादर नमन : गंगेश कुमार मिश्र 7 years ago सादगी के प्रतिमूर्ति स्व• गजेन्द्र नारायण सिंह नेमधेश को स्वाभिमान के साथ जीने की जो
व्यक्तित्व और कृतित्व साहित्य करतार : गंगेश्कुमार मिश्र 8 years ago करतार; °°°°°°° कट्पट्-खट्, बाजै करतार; सपना बेच रही, सरकार; भएँ निकम्मा, सत्तासीन; देशवा छिन्नभिन्न, कै
नेपाल हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष वो दिन दूर नहीं; जब फ़िर जनशैलाब उमड़ेगा और इसबार संघर्ष निर्णायक होगा : गंगेशकुमार मिश्र 8 years ago दिन काला या नीयत काली; ” जो आग छुपी है, राख में; इक रोज़, धधकनी
राजनीति साहित्य कुर्सी का खेल … : गंगेशकुमार मिश्र 9 years ago कुर्सी का खेल … गंगेशकुमार मिश्र °°°°°°°°°°°°° छक कर खाई; रसमलाई; जब-जब कुर्सी; मिली है,
biratnagar birgunj janakpur nepalgunj siraha-lahan मधेश हिमालिनी अपडेट अहंकार की बलि-वेदी पर मधेश आन्दोलन, मधेश; मधेशी नेताओं से बहुत दुःखी है : गंगेश मिश्र 9 years ago आज पश्चिम की राजनीति में, कोहराम मचा हुआ है, मधेश के शीर्षस्थ नेतागण ( माननीय
nepalgunj इंडिया बिचार सत्य के पुजारी; मोहनदास करमचंद गाँधी; एक दुर्लभ व्यक्तित्व थे : गंगेशकुमार मिश्र 9 years ago महात्मा …उनका कहना था, ” सच्चाई कभी नहीं हारती।“ अहिंसा को धर्म मानने वाले, सत्य
बिचार एक बार फ़िर से दिखा, सत्ता का घिनौना रूप .. 9 years ago अासाढ ४ गते कपिलवस्तु गंगेश मिश्र नवलपरासी रामग्राम में, राष्ट्रीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित
बिचार देश रो रहा, ख़ून के आँसू 9 years ago गंगेश मिश्र माँ कब भूखी सो गई, पता कहाँ चलता है भला ? यही तो
डायरी साहित्य राजनेता ! दलाल बन गए : गंगेशकुमार मिश्र 9 years ago राजनेता ! दलाल बन गए … °°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°° बात एक ही जगह पर, आकर अटक
बिचार बस्ते के बोझ तले, घुटता बचपन . 9 years ago गंगेश मिश्र यूँ ही अचानक से, मन में आया; आज हम ही बस्ता लेकर चलते
बिचार नई पहचान मिली …. 9 years ago गंगेश मिश्र °°°°°°°°°°°°°°°° आख़िर, एक साथ आ ही गए; मधेश के रहनुमा; बधाई तो बनती
बिचार इच्छाशक्ति ही अागे की राह बनाती है 9 years ago मन में लगन, इच्छाशक्ति और आगे बढ़ने की चाहत हो, तो किसी भी बाधा को
बिचार संविधान :एक परिवर्तनशील दस्तावेज 9 years ago गंगेश मिश्र हठ से काम बनता नहीं, बिगड़ ही जाता है; सहमति के बिना; जब
बिचार शासक रावण, लंका देश … 9 years ago गंगेश मिश्र क्या देते ? ऋषि- मुनियों पास देने को कुछ था नहीं, रावण को;
अन्तरबार्ता हिमालिनी पत्रिका मधेश आंदोलन पहचान की लड़ाई 9 years ago ‘होनहार बिरवान के, होत चिकने पात’, बचपन से ही रचनात्मक सोच रखने वाले आलोक कुमार
बिचार अधिकार ! किसे चाहिए ? .. 9 years ago गगेश मिश्र °°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°° नेता को, कुर्सी से प्यार है। जनता का, कुंठित अधिकार है। अब
बिचार साहित्य जब, अनिश्चितता में हो, राजनीति ! … 9 years ago जब, अनिश्चितता में हो, राजनीति ! … °°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°° गगेश मिश्र एक के बाद एक,
मधेश साहित्य हिसाब, कौन देगा ? 9 years ago हिसाब, कौन देगा ? गंगेश मिश्र भीड़ थी, फ़िर भीड़ में, कैसे लगी, निशाने पे
राजनीति हिमालिनी अपडेट न संविधान संशोधन होने देंगे, न चुनाव होगा : गंगेश कुमार मिश्र 9 years ago गंगेश कुमार मिश्र, कपिलबस्तु ,२६ जनवरी | एक कहावत है, मधेश में …… ” काहे
साहित्य कोढ़ पर खाज़ ” स्वराजी “…. गंगेश कुमार मिश्र 9 years ago कोढ़ पर खाज़ ” स्वराजी “…. °°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°° जातीयता की, दौड़ है, मज़िल है, ना, ठौर
इंडिया कबतक सच्चाई से मुँह मोड़ोंगे – नरेन्द्र मोदी 9 years ago गंगेशकुमार मिश्र , कपिलबस्तु, ३१ दिसिम्बर | ☆ काला धन समाज के लिए नासूर। ☆बेईमानों
हिमालिनी अपडेट एमाले देश को, विखण्डन की ओर ले जाने पर अमादा 9 years ago ओली और एमाले देश को, विखण्डन की ओर ले जाने पर अमादा हैं; बन्द से
साहित्य है ” निर्भया ” ये पूछती …. 9 years ago गंगेश मिश्र, मनुजता को तार-तार, कर रहा जो बार-बार, कुकृत्य कर रहा है जो, नहीं
साहित्य ये है, राजधानी .. 9 years ago गंगेश मिश्र यहाँ आम, जाम है, जाम, आम है। दिखता हर-पल; सुबह-शाम है। रुक-रुक कर,
बिचार ” फूटी आँखों से, जो सुहाता न था; आज उसी से, बिछुड़ने का ग़म है।” 10 years ago गंगेश मिश्र पाँच नम्बर से चार नम्बर वाले, पहाड़ी जिलों को अलग करने का प्रस्ताव
खेल राष्ट्रीयता की आड़ में, देश जाए भाड़ में, 10 years ago ज़हर बुझे खंज़र .. गंगेश मिश्र भ्रम की खेती, करने वाले, गरम मसाले, एमाले। अति
बिचार अहसास हुआ बर्बादी का, जब सारे घर में धूल उड़ी ….. 10 years ago गंगेश मिश्र ” शहीदों की क़ुर्बानी, यूँ ही व्यर्थ जा रही है, इस कदर
बिचार हिमालिनी अपडेट सीमांकन और संघीय ढाँचा के बिना निर्वाचन कराने की तैयारी : सरासर बेईमानी है 10 years ago गंगेश कुमार मिश्र , कपिलबस्तु , १८ नवम्बर | संविधान संशोधन – सीमांकन और संघीय
साहित्य छत था, छत न था; क्षत-विक्षत; बचपन था : गंगेश कुमार मिश्र 10 years ago एक बच्चा था .. गंगेश कुमार मिश्र , कपिलबस्तु , 29 कार्तिक | °°°°°°°°°°°°°° मासूम
साहित्य ओली की नादानी : गंगेश कुमार मिश्र 10 years ago गंगेश कुमार मिश्र, कपिलबस्तु, ४, नवम्बर | ओली की नादानी .. ★★★★★ पूर्ववत् ! चर्चा
बिचार राजनीति दिग्भ्रमित राजनेता नेपाल की राजनीति को पथभ्रष्ट कररहें हैं : गंगेश मिश्रा 10 years ago गंगेशकुमार मिश्र , कपिलबस्तु ,17 कार्तिक | किसे चिन्ता है मुल्क़ की ? सत्ता पाने
साहित्य संशोधित न, हुआ विधान : गंगेश कुमार मिश्र 10 years ago गंगेश कुमार मिश्र, कपिलबस्तु, २८ अक्टूबर | संशोधित न हुआ विधान, इस ओर नहीं ?
बिचार ओली की बोली, तबतक नहीं सुधरेगी; जबतक मधेशी नेताओं की आदत नहीं बदलेगी 10 years ago गंगेश कुमार मिश्र , कपिलबस्तु ,२३ अक्तुबर | ☆अहंकार की बलिवेदी पर, सब कुछ क़ुर्बान
बिचार प्रचण्ड ..प्रतापी ..भूपति, परन्तु न गम्भीर हैं, न प्रतापी हैं, प्रचण्ड : गंगेशकुमार मिश्र 10 years ago गंगेश कुमार मिश्र , कपिलबस्तु,२२ अक्टूबर | ” श्रीमान् गम्भीर नेपाली, प्रचण्ड प्रतापी भूपति ।।”
साहित्य मनचलों की जीभ, लपलपाने लगी है …गंगेश मिश्र 10 years ago मनचलों की जीभ, लपलपाने लगी है … गंगेश मिश्र लालच की खेती, लहलहाने लगी है।
बिचार यथार्थपरक विचारों का सम्प्रेषण ही हमारा, परम कर्तव्य होना चाहिए: गंगेश मिश्र 10 years ago गंगेश मिश्र , कपिलबस्तु , २९ अगस्त | ” शहीदों की चिताओं पर, लगेंगे हर
साहित्य ” ले लो शरण, हम तेरी शरण में ” .. 10 years ago ” ले लो शरण, हम तेरी शरण में ” .. °°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°° भटकत जग, भटकावत मन
साहित्य बस और कुछ ना चाहिए : गंगेश मिश्र 10 years ago कपिलबस्तु, १५ जुलाई | बस और कुछ ना चाहिए .. °°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°° समझा नहीं था, जब
साहित्य क्यूँ घोलते मन में ज़हर 10 years ago क्यूँ घोलते मन में ज़हर गंगेश कुमार मिश्र है बात ये सम्मान की, पहचान की,
बिचार मधेश हे मधेश के वीर सपूतों ! जागो, अब रात नहीं, सुबह हो गई है : गंगेश मिश्र 10 years ago गंगेश मिश्र, कपिलबस्तु, 21, जून | भारत को आज़ादी के लिए, नब्बे साल इन्तज़ार करना
बिचार क्या आने वाले दिनों में, मधेश में ही अल्पसंख्यक हो जाएँगे मधेशी ? 10 years ago क्या आने वाले दिनों में, मधेश में ही अल्पसंख्यक हो जाएँगे मधेशी ? गंगेश मिश्र,
बिचार मधेश हिमालिनी अपडेट वर्तमान मधेशी नेताओं में, स्व.गजेन्द्र नारायण सिंह वाली बात नहीं ! 10 years ago गंगेश कुमार मिश्र , कपिलबस्तु ,१३ जून | ” असीम ऊर्जावान नेतृत्व से परिपूर्ण माननीय
साहित्य वर्षा ऋतु की हरियाली एक अस्थाई प्रदर्शन है : गंगेशकुमार मिश्र 10 years ago गंगेशकुमार मिश्र , कपिलबस्तु ८ जून | ” मूसलाधार वर्षा के बाद समस्त दिशाओं में
राजनीति एक बार फ़िर से प्रधानमन्त्री की कुर्सी पर, बैठने को लालायित दिखते हैं; कामरेड प्रचण्ड 10 years ago गंगेश मिश्र, कपिलबस्तु,६ जून | सपनों में आती, सपनें दिखाती, पथ से भटकाती, पथ-भ्रष्ट बनाती,
नेपाल सत्ता के गलियारे में, एक बार फ़िर हड़कम्प मच गई है, उमड़ा है जनसैलाब 10 years ago गंगेश मिश्र , कपिलबस्तु ,१६ मई | यूँ तो इस बार, यह आन्दोलन राजधानी केन्द्रित
डायरी बिचार देश की सत्ता, नौटंकी के ज़ोकर के हाथों में : गंगेश मिश्र 10 years ago गंगेश मिश्र , कपिलबस्तु, १२ मई | मधेश में एक कहावत है, ” केका कही
साहित्य हिमालिनी अपडेट और ! बला टल गई…., सत्ता की चासनी में डूबे, मनचले रसगुल्ले…… गंगेश मिश्र 10 years ago और ! बला टल गई…. °°°°°°°°°°°°°°°°°°° लगा के जैसे, गठबन्धन की गाँठ, खुल गई। नौ
साहित्य बिजली गुल है; नेताओं की, टंकी फुल है : गंगेश मिश्र 10 years ago ” कुछ भी तो अब, सही नहीं है “……… “““““““●<>●“““““““` क्या नहीं था ? क्या
साहित्य फ़िर से धरती होगी लाल……… : गंगेश मिश्र 10 years ago फ़िर से धरती होगी लाल……… गंगेश मिश्र ~~~~~~~~~~~~~~~~~~ फ़िर उमड़ेगा, जनसैलाब; हक़ के ख़ातिर। फ़िर
साहित्य हिमालिनी अपडेट हिमालिनी विशेष भूकम्प और सरकार ! आँसूओं की क़ीमत, कौड़ियों में, अधिकार, बेड़ियों में : गंगेश मिश्र 10 years ago भूकम्प और सरकार… अनिश्चितता, भूकम्प और सरकार, दोनों की, समानांतर कायम रही। आँसूओं की क़ीमत,
नेपाल हिमालिनी अपडेट कोई तो बचाए, डूबते इस देश को : गंगेशकुमार मिश्र 10 years ago गंगेशकुमार मिश्र, कपिलबस्तु, ६ अप्रिल | नेपाल का गौरवपूर्ण इतिहास कहें या अभिशाप, यह देश
साहित्य हिमालिनी अपडेट यही ओली ! सरकार है।- गंगेशकुमार मिश्र 10 years ago यही ओली ! सरकार है। अपनी कमी छुपाने को, राष्ट्रीयता का ढोंग रचाने को, बस
विविध ओली की मति, आन्दोलन की गति 10 years ago चलो पुरानी, संस्था पकड़ते हैं । गंगेश मिश्र ओली की मति,आन्दोलन की गतिदोनों मन्द हैं।धीरे
साहित्य समझौता 10 years ago समझौतागंगेश मिश्र, कपिलवस्तु२२,फरवरीसमझौते होते रहे हैं,होते रहेंगे।जिन्हें बोने हैं काँटेबोते रहेंगे।फिर वही होगा,जो होता रहा
साहित्य फेरी हेप्यो इण्डियाले 10 years ago गंगेश मिश्र, कपिलवस्तुओली जी की बात,मोदी जी के साथ।क्या करेंगे बात लेकर ख़ूनी हाथ।दिल्ली पहुँचते
मधेश जागो-जागो रे मधेश……जागो-जागो रे जवान। 10 years ago गगेंशकुमार मिश्र, कपिलवस्तु , ७ फरवरी | ” भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की चिंगारी सन् 1857
मधेश हिमालिनी अपडेट ओली जी को समझना चाहिए, यह देश उनके पूर्वजों द्वारा अर्जित (पैतृक) संपत्ति नहीं है 10 years ago गंगेशकुमार मिश्र, कपिलबस्तु, 21 जनवरी । मधेशियों को चिढ़ाने की क़ीमत, देश को अपने विखण्डन
नेपाल मधेश जिसके नीयत में ही खोट हो, वो चोट ही पहुँचाएगा : गंगेशकुमार मिश्र 10 years ago गंगेशकुमार मिश्र, कपिलवस्तु , १९ जनवरी | ★ मधेशियों की हक़ की लड़ाई, अभी जारी
मधेश हिमालिनी अपडेट अरे भलेमानुष, हमारे प्रिय मधेशी नेतागण ! किसी एक के नेतृत्व तो स्वीकार करो 10 years ago गंगेशकुमार मिश्र , कपिलबस्तु, १२ जनवरी | ” कलुषित मानसिकता के वशीभूत, नेपाली सत्ता के
मधेश हिमालिनी अपडेट शर्म की बात है, नेपाल की युवा जनशक्ति देश की राजनीति से पूरी तरह से कटी हुई है 10 years ago गंगेश मिश्र, कपिलबस्तु , ७ जनवरी | ” श्रद्धान्जली….अछैबर दादा परलोक सिधार गए। ” °°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°
मधेश हिमालिनी अपडेट मधेश पर मधेशियों का हक़ है, जिसे कोई नहीं छीन सकता ! 10 years ago गंगेश मिश्र, कपिलबस्तु, ३१ दिसम्बर २०१५ | मधेश आन्दोलन ही, नेपाल का वह आन्दोलन है,
मधेश राजनीति संविधान संशोधन का नाटक,भारत को दिखाने के लिए तो नहीं किया जा रहा हैं ? 10 years ago कौन जाने किस घड़ी, वक़्त का बदले मिजाज़ गंगेश कुमार मिश्रा, कपिलवस्तु ★ क्या ओली
मधेश मा“ तू क्यों रोती है ? 10 years ago गंगेश मिश्र :जैसे भीड़ की भगदड़ में, बच्चे, बूढ़े दब कर रह जाते हैं ।
हिमालिनी अपडेट ” ओली सरकार ! के ताबूत में अन्तिम कील साबित होगी; यह मनमानी। 10 years ago °°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°° ” हटने होइन डटि लड़ने, नेपालीको बानी हुन्छ।” ” हटे नहीं, डटे रहे; क़त्ल-ए-आम