Tue. Jan 22nd, 2019

श्वेता दीप्ति

Dr.Shweta Dipti is Editor of Himalini Hindi magazine from Nepal . Dr. Dipti is also former Head of Department of Hindi in Tribhban University at Kirtipur campus, Kathmandu.

हिंदी उर्वरा है, इसमें भाव प्रवणता है तथा व्याकरण से अनुशासित है : डा.श्वेता दीप्ति

सर्वग्राह्य हिन्दी भाषा को संवैधानिक दर्जा प्राप्त हो आज हिन्दी २२ देशों में करीब १००

मिथिला और देवघाट नेपाल भारत सम्बन्ध की अटूट कड़ी : डॉ. श्वेता दीप्ति

“अयोध्या मथुरा माया काशी काञ्ची अवन्तिका । पुरी द्वारावती चैप सप्तैता मोक्षदायिकाः ।।” गरुड़ पुराण के अनुसार

प्रत्येक साहित्यकार अपने देश के अतीत से प्राप्त विरासत पर गर्व करता है : श्वेता दीप्ति

साहित्यसङ्गीतकलाविहीनः साक्षात्पशुः पुच्छविषाणहीनः हिमालिनी, अंक डिसेम्वर 2018, (सम्पादकीय ) भर्तृहरि नीतिशतक में कहा गया है

आहः प्रकृति हमें कितना देती है : श्वेता दीप्ति

हिमालिनी, अंक नोभेम्बर 2018, (सम्पादकीय ) हिन्दू धर्म या यूँ कहूँ कि सनातन हिन्दू धर्म

सूर्योपासना का महान् पर्व – छठ पूजा : डा. श्वेता दीप्ति

डा. श्वेता दीप्ति, हिमालिनी अंक (नवम्बर २०१८) में प्रकाशित आलेख हिन्दू धर्म सनातन धर्म है, जो

असतो मा सद्गमय तमसो मा ज्योति गमय |मृत्यु मा अमृतं गमय। ॐ शांति शांति शांति ||

डा श्वेता दीप्ति सुख समृद्धि अाैर एेश्वर्य की शुभेच्छा के साथ दीपाेत्सव  के शुभअवसर पर

भारत और पाकिस्तान के बीच कटुतापूर्ण रिश्ते का परिणाम है- बिमस्टेक : डॉ. श्वेता दीप्ति

बिमस्टेक की सार्थकता ? Bimstec-ktm हिमालिनी, अंक सितंबर,२०१८ | बहुक्षेत्रीय प्रौद्योगिकीय एवं आर्थिक सहयोग के

काला झंडा दिखाना देशद्रोह कैसे हो गया ? : श्वेता दीप्ति

नीति और नीयत पर सवाल हिमालिनी, अंक सितंबर,२०१८, सम्पादकीय प्रहरी हिरासत में राममनोहर यादव की

सीके राउत के समर्थन में उमड़ा जनसैलाब मिट्टी के असंतोष की व्याख्या कर रहा था : श्वेता दीप्ति

श्वेता दीप्ति, काठमांडू, २० सितम्बर २०१८ | तीन वर्ष पुराना संविधान अपना जन्मोत्सव मना चुका

समाज को बनाने की जिम्मेदारी महिलाओं की है, तीज-जितिया व्रतपर : राष्ट्रपति विद्यादेवी भंडारी

काठमांडू, भद्र २२ २०१८ | राष्ट्रपति भवन में तीज, जितिया व्रत शुभकामना आदान प्रदान कार्यक्रम

मौन सरकार, लाचार तंत्र और बेजुवान जनता इस देश की नियति है : श्वेता दीप्ति

 प्रधानमंत्री की सोच सराहनीय परन्तु समयानुकूल नहीं सम्पादकीय, हिमालिनी, अंक जुलाई २०१८ | मानसून की

महिला अधिकार, जिसे खुद महिला ही नकारती है : श्वेता दीप्ति

स्टीफेनी ए.आइसेनटैट और लुंडी बैक्राफ्ट के अनुसार ‘घरेलू प्रताड़ना या उत्पीड़न दांपत्य संबंधों में पति

केन्द्र दो न.प्रदेश को कठपुतली बनाकर नचाना चाहती है : श्वेता दीप्ति

श्वेता दीप्ति, काठमांडू | विगत चुनाव के बाद जनता ने नए–नए संघीयता का स्वागत किया

रुह काँपती है यह सोच कर कि बेटियाँ कहीं सुरक्षित नहीं हैं : श्वेता दीप्ति

रिश्तों पर पड़ी धूल हटने की उम्मीद हिमालिनी, सम्पादकीय , अप्रैल अंक २०१८ | राजनीतिक

कात्यायनी और कविता : डा.श्वेता दीप्ति

डा.श्वेता दीप्ति, काठमांडू |  नेपाल यात्रा में आईं हुई कात्यायनी जी से मिलने का सुअवसर

विवादों ही विवादों में नेताओं के वादे कहीं खोने लगे हैं : श्वेता दीप्ति

पूर्वाग्रह से ग्रसित विचार और वर्चस्व की भावना, कभी–कभी गम्भीर परिस्थितियाँ और परिणाम को जन्म

राकेश मिश्रा के फेसबुक स्टेटस को लेकर सवाल खड़ा करना क्या यही लोकतंत्र है ? श्वेता दीप्ति

श्वेता दीप्ति, काठमांडू | इस देश में विकास, रोजगार, बिगडती शिक्षा व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, पिछडती उद्योग

अगर कोई विडियो मोहना अंसारी पर बना है तो इतनी आपत्ति क्यों ? – श्वेता दीप्ति

अभिनय कला क्या निकृष्ट कला है जिसके लिए इतनी वितृष्णा से लेखक ने उल्लेख किया

जनकपुर – क्षेत्र नम्बर तीन निधि या महतो ! जबर्दस्त भिडन्त : डा.श्वेता दीप्ति

डा.श्वेता दीप्ति, काठमांडू |  चुनावी रणभूमि में सबकी आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है धनुषा

मधेश की जनता की भावना, ससफो-राजपा गठबन्धन मधेश की आवश्यकता : श्वेता दीप्ति

श्वेता दीप्ति, काठमांडू | स्थानीय चुनाव के बाद देश केन्द्रीय चुनाव की ओर अग्रसर है