Mon. Nov 19th, 2018

नेपाल सुरक्षित है तो हिन्दुस्तान सुरक्षित है : डा. विजय पण्डित

डा. विजय पण्डित, मेरठ, (भारत)
डा. विजय पण्डित, मेरठ, (भारत)

 

सन्दर्भ : नेपाल भारत साहित्यिक सम्मेलन 2018

हिमालिनी अंक सितम्बर २०१८ पिछले २० साल से क्रान्तिधारा साहित्य एकेडेमी की ओर से हम लोग पर्यावरण के लिए भी काम कर रहे हैं । हमारा केवल दो ही संकल्प है– पर्यावरण को बचाना और साहित्य के माध्यम से समाज सेवा करना । अर्थात् साहित्य के माध्यम से दिलों को दिलों से जोड़ना हमारा मकसद है । इसीलिए हम सीमाओं को पार करके शरहद बने हुए हैं । हम जानते हैं कि अगर नेपाल सुरक्षित है तो भारत भी सुरक्षित है । ऐसी ही भावना को मन में लेते हुए हिन्दुस्तान से नेपाल पहुँचे है । मकसद यह है कि हम दिलों से दिलों को जोडेÞ ।
राजनीति के कुछ मामले होते हैं, उससे दूरियां बढ़ जाती है । लेकिन साहित्य तथा कलमकार की भूमिका उसको समझते हुए कम करना है । हमारा मकसद यह भी है कि दोनों देशों के नवोदित कलमकारों को एक अन्तर्राष्ट्रीय मञ्च देना, उन्हें सम्मान देना । हमारी प्रतिबद्धता है कि इस तरह के कार्यक्रम हर साल आयोजित किए जाएंगे । नेपाल के प्रत्येक शहरों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, यह हमारा संकल्प है । अगले साल का कार्यक्रम हम लोग काठमांडू में करने की सोच बना रखे हैं । जिस साल हिन्दुस्तान के शहरों में इण्डो–नेपाल फेस्टिबल होगा, उसी साल यहां भी होगा । इसका यही मकसद है कि हम दोनों देशों के साहित्यकारों को एक अन्तर्राष्ट्रीय मञ्च प्रदान करें, उन्हें सम्मान प्रदान करें । जो गुमनाम साहित्यकार हैं, उन्हें हम लोग सामने लेकर आएँ ।

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