Tue. Dec 11th, 2018

नेपाली सभ्यता से हमारा गहरा रिश्ता है : डा. सरीता अग्रवाल

 

डा. सरीता अग्रवाल, हरिद्वार (भारत)
डा. सरीता अग्रवाल, हरिद्वार (भारत)

 

सन्दर्भ : नेपाल भारत साहित्यिक सम्मेलन 2018

हिमालिनी अंक सितम्बर २०१८ घूमने के हिसाब से मैं इससे पहले भी काठमांडू आई थी । साहित्यकार के रूप में पहली बार आई हूं । मै जानती हूं कि नेपाल एक ऐसा देश है, जो हिन्दू राष्ट्र है । पूरे संसार में हिन्दू राष्ट्र नहीं है । हमारी विचार धारा भी हिन्दूत्व की है । मेरी चाहत है कि नेपाल हिन्दू राष्ट्र रहना चाहिए । जब तक नेपाल हिन्दू राष्ट्र रहेगा, तब तक दोनों देशों का भविष्य उज्वल है । तब हमारे विचारों का, संस्कृति का और संस्कारों का इसी तरह आदान–प्रदान होता रहेगा । शुरु से ही यह माना जाता हैं कि नेपाली लोग बहुत सीधें होते हैं, सरल स्वभाव के होते हैं । यहां आ कर भी मैंने यही महसूस किया । वाकई नेपाली लोग बहुत सरल स्वाभाव के होते हैं । इन लोगों ने जितना अपनापन दिया, उसके लिए हार्दिक आभार व्यक्त करती हूं ।
महोत्सव का सन्देश यही है कि दोनों देशों के संस्कृति को हम साहित्यकारों के द्वारा आदान–प्रदान करें और अपनी संस्कृति को बचा कर रखें । आयोजक साथियो ने कहा है कि हर साल इसतरह का महोत्सव एक बार भारत में और एक बार नेपाल में हुआ करेगा । पिछले साल मेरठ में हुआ था, इस साल यहां (वीरगंज) हुआ है और अगला जो महोत्सव है, वह हरिद्वार में होने जा रहा है । हरिद्वार के नागरिक होने के नाते यह मेरे लिए गर्व की बात भी है । नेपाल हमारा मित्र राष्ट्र हैं । इसीलिए किसी भी अन्य देशों से मित्रता की इतनी उम्मीद नहीं रखते हैं, जितनी नेपाल से रखते हैं । क्योंकि नेपाली सभ्यता से हमारी रिश्ता है, जो भाई–भाई के तरह है । हमारे प्रधानमन्त्री मोदी जी भी हर देश से मित्रता चाहते हैं, नेपाल तो अपना ही भाई है । इसीलिए सम्बन्ध अवश्य ही प्रगाढ होंगे ।

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