Sat. Apr 20th, 2019

नए साल में प्यार लिखा है तुम भी लिखना प्यार शब्द की मयार्दा हित बिना मोल, मीरा-सी-बिकना

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वर्ष नव, हर्ष नव, जीवन उत्कर्ष नव । हिमालिनी की ओर से समस्त देशवासियाें हिमालिनी के पाठकाें शुभचिन्तकाें और विज्ञापनदाताओं काे नव वर्ष की अनेक अनेक हार्दिक मंगलमय शुभकामनाएँ । आपका जीवन सुखद हाे समृद्ध हाे और वैभवपूर्ण हाे ।

 

नव वर्ष पर पेश है आपके लिए नए वर्ष काे सम्बाेधित प्यार विश्वास और उम्मीद काे जगाती हिन्दी की कुछ कविताएँ

नए साल में / अश्वघोष

नए साल में
प्यार लिखा है
तुम भी लिखना

प्यार प्रकृति का शिल्प
काव्यमय ढाई आखर
प्यार सृष्टि पयार्य
सभी हम उसके चाकर

प्यार शब्द की
मयार्दा हित
बिना मोल, मीरा-सी-बिकना

प्यार समय का कल्प
मदिर-सा लोक व्याकरण
प्यार सहज संभाव्य
दृष्टि का मौन आचरण

प्यार अमल है ताल
कमल-सी, 
उसमें दिखना।

आओ, नूतन वर्ष मना लें / हरिवंशराय बच्चन

आओ, नूतन वर्ष मना लें!

गृह-विहीन बन वन-प्रयास का
तप्त आँसुओं, तप्त श्वास का,
एक और युग बीत रहा है, आओ इस पर हर्ष मना लें!
आओ, नूतन वर्ष मना लें!

उठो, मिटा दें आशाओं को,
दबी छिपी अभिलाषाओं को,
आओ, निर्ममता से उर में यह अंतिम संघर्ष मना लें!
आओ, नूतन वर्ष मना लें!

हुई बहुत दिन खेल मिचौनी,
बात यही थी निश्चित होनी,
आओ, सदा दुखी रहने का जीवन में आदर्श बना लें!
आओ, नूतन वर्ष मना लें!

नव वर्ष / हरिवंशराय बच्चन

वर्ष नव,
हर्ष नव,
जीवन उत्कर्ष नव।

नव उमंग,
नव तरंग,
जीवन का नव प्रसंग।

नवल चाह,
नवल राह,
जीवन का नव प्रवाह।

गीत नवल,
प्रीत नवल,
जीवन की रीति नवल,
जीवन की नीति नवल,
जीवन की जीत नवल!

नवल हर्षमय नवल वर्ष यह / सुमित्रानंदन पंत

नवल हर्षमय नवल वर्ष यह,
कल की चिन्ता भूलो क्षण भर;
लाला के रँग की हाला भर
प्याला मदिर धरो अधरों पर!
फेन-वलय मृदु बाँह पुलकमय
स्वप्न पाश सी रहे कंठ में,
निष्ठुर गगन हमें जितने क्षण
प्रेयसि, जीवित धरे दया कर!

नया साल है और नई यह ग़ज़ल / अहमद अली ‘बर्क़ी’ आज़मी

नया साल है और नई यह ग़ज़ल
सभी का हो उज्जवल यह आज और कल

ग़ज़ल का है इस दौर मेँ यह मेज़ाज
है हालात पर तबसेरा बर महल

बहुत तल्ख़ है गर्दिशे रोज़गार
न फिर जाए उम्मीद पर मेरी जल

मेरी दोस्ती का जो भरते हैँ दम
छुपाए हैँ ख़ंजर वह ज़ेरे बग़ल

न हो ग़म तो क्या फिर ख़ुशी का मज़ा
मुसीबत से इंसाँ को मिलता है बल

यह मंदी जो है सारे संसार में
घड़ी यह मुसीबत की जाएगी टल

वह आएगा उसका हूँ मैं मुंतज़िर
न जाए खुशी से मेरा दम निकल

है बेकैफ़ हर चीज़ उसके बग़ैर
नहीं चैन मिलता मुझे एक पल

अगर आ गया मुझसे मिलने को वह
तो हो जाएगा मेरा जीवन सफल

न समझें अगर ग़म को ग़म हम सभी
तो हो जाएँगी मुशकिलें सारी हल

सभी को है मेरी यह शुभकामना
नया साल सबके लिए हो सफल

ख़ुदा से है बर्की मेरी यह दुआ
ज़माने से हो दूर जंगो जदल

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