Tue. Nov 13th, 2018

पूँजी, स्रोत और टेक्नोलॉजी -महेशकुमार सराबगी

विकास के लिए तीन चीजें आवश्यक हंै– प्रथम पूँजी, दूसरा साधन–स्रोत और तीसरा टेक्नोलॉजी । इन तीन चीजों का सही सदुपयोग करेंगे तो हम लोग जहां कही भी विकास का आधार खड़ा कर सकते हैं । हां, समय और स्थान के अनुसार विकास का अपना–अपना महत्व और आवश्यकता होती है । वि.सं. २०४० साल की बात है, उस वक्त हम लोग मील संचालन करते थे । उस वक्त यहां इतना धान उत्पादन होता था, तीन भागों में एक भाग हम लोग यही उपयोग करते थे, दो भाग निर्यात होता था । अर्थात् उस वक्त पर्सा जिला धान उत्पादन के लिए एक ‘हब’ बन गया था । हम लोग आत्मनिर्भर थे । लेकिन आज हम भारत से चावल आयात कर रहे हैं । क्यों ? इसका कारण खोजना चाहिए । हरि गौतम जी ने कहा है कि कृषि ही हमारे लिए प्रथम आधार है, हमारी विशेषता कृषि ही है । लेकिन धीरे–धीरे हम लोग उद्योग में कन्भर्ट होते जा रहें है । लेकिन कृषि को उद्योग नहीं बना रहे हैं ।

Mamesh Kumar Sarabagi
महेशकुमार सराबगी
इसके पीछे राज्य की नीति ही प्रमुख जिम्मेदवार है । वीरगंज तथा २ नम्बर प्रदेश का विकास चाहते हैं तो कृषि में आधारित उद्योग स्थापना होना आवश्यक है ।

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