Tue. Dec 11th, 2018

बालीवूड आप के स्वागत के लिए हमेशा तैयार है : सञ्जय खतिवडा

हिमालिनी, अंक अक्टूबर 2018 सञ्जय खतिवडा नेपाली और भारतीय फिल्म जगत में अपना मुकाम हासिल करने के लिए संघर्षरत एक कलाकार हैं । नायक के रूप में अपनी पहचान बना चुके खतिवडा ‘चक्र’ नामक हिन्दी फिल्म से बालीवूड की दुनिया में प्रवेश कर चुके हैं । नेपाली तथा हिन्दी फिल्मी क्षेत्र में अपने आप को एक सफल कलाकार के रूप के सफलता हासिल करने की अभिलाषा के साथ विगत ५ सालों से निरन्तर क्रियाशील रहे कलाकार खतिवडा सिर्फ नेपाल के नहीं बल्कि दक्षिण एसिया में चर्चित होने के लिए काम कर रहें हैं । नायक खतिवडा अपने आप को सब से ऊँचे कद वाले नायक के रूप में ‘गिनिज बुक ऑफ दी रेकर्ड’ में दर्ता करानें की तैयारी में हैं । सम्भवतः, उनका ये रिकार्ड दक्षिण एसिया के लिए बन सकता है । अर्थात् आम दर्शक कुछ सालों बाद दक्षिण एसिया कें सबसे उच्चें कद के नायक के रूप में अभिताम बच्चन को नहीं बल्कि सञ्जय खतिवडा को पहचानेंगे । नायक खतिवडा के साथ हिमालिनी के लिए विजय यादव द्वारा की गई कला–सम्वाद का सम्पादित अंश प्रस्तुत हैं –

nepali actor sanjay khatiwada in Bollywood
सञ्जय खतिवडा, कलाकार

 

० अभी आप क्या कर रहे हैं ?
– अभी तो मेरा २ प्रोजेक्ट हैं जिस में व्यस्त हूँ । एक नेपाली प्रोजेक्ट हैं तो दूसरा भारतीय । बहुत ही जल्द हमसब लोगों की बीच में जानें वाले हैं । अभी की बात करेंगें तो ‘उठ्दैनन् बुढानिलकण्ठ’ बोल के गीत हैं, जो कि देशभक्ति से भरा पड़ा हैं, वह अभी पूरा हुआ हैं । उसी तरह, नेपाली फिल्म ‘काँडेतार’ का काम भी हो रहा हैं ।

 

 

० नेपाली और हिन्दी फिल्म दोनो क्षेत्रों से जुड़कर काम कर रहे हैं, आप की प्राथमिकता में बालीवूड हैं या कलिवूड ?
– मैं एक नेपाली नागरिक हूँ, इसपर मुझें गर्व हैं । उस के बाद ही मैं भारतीय कलाकार हूँ । दूसरी बात, कलिउड के मुकाबले का बजार बहुत बड़ा है । बालीवूड के साथ रिश्ता जोड़ रहे हैं तो उस तरफ झुकाव होना स्वाभाविक हैं । नेपाल–भारत के सामाजिक तथा सांस्कृतिक धरातल एक ही होने के कारण बालीवूड में काम करते वक्त मैं किसी नई दुनिया में प्रवेश किया हूँ ऐसी अनुभूति नहीं होती ।
० कलिवूड और बालीवूड के बीच आप कैसा अन्तर महसूस करते हैं ?
– बालीवूड सम्पूर्ण रूप में व्यावसायिक हो चुका हैं, अपनी कला–संस्कृति को थोड़ा भूलकर बालीवूड नें अपने आप का अन्तर्राष्ट्रीयकरण किया हैं, हालिवूड के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहा है । लेकिन नेपाली फिल्म जगत का अभी तक व्यावसायिक रूप में विस्तार नहीं हो पाया है । दूसरी बात बालीवूड का बाजार कलिवूड के मुकाबलें बहुत ही बड़ा है । आर्थिक दृष्टिकोण से इन दोनों के बीच कोई तुलना नहीं की जा सकती है । हमारी कला–संस्कृति जितनी बड़ी हैं, बजार उतना ही छोटी हैं । छोटीे देश और भाषा के कारण भी शायद ऐसा हो रहा है ।
० नेपाली फिल्म उद्योग का विकास सन्तोषूर्ण है क्या आपको ऐसा लगता है ?
– नेपाल में जितने भी फिल्म लोग देखते थे और देख रहे हैं शुरु–शुरु में नेपाली फिल्म ही ज्यादा चलती थी और बनती भी थी । लेकिन बीच में राजनीतिक खींचातानी का असर नेपाली फिल्म क्षेत्र में भी देखा गया, इस अवधि में गुणस्तरीय नेपाली फिल्म नहीं बन सका ऐसा मुझे लगता हैं । अभी तो नेपाली फिल्म क्षेत्र में भी नए नए कलाकारों का आगमन हुआ है । नए निर्माता–निर्देशक भी नेपाली फिल्म क्षेत्र में नये प्रयोग कर रहे हैं ये नेपाली फिल्म जगत के लिए सकारात्मक बात हैं, जिस के कारण बाजार भी विस्तार हो रहा हैं । संक्षेप में अगर कहा जाए तो सन्तोषपूर्ण रूप में आगे बढ़ रहा है ।
० अभिनय तथा फिल्मी दुनियाँ में आने का विचार आपके मन में कैसे आया ?
– बचपन में अभिनय करने में शर्म आती थी । लेकिन एसएलसी तक की पढाई पूरी करने के बाद मुझमें बदलाव आया । टेलीवीजन जब भी देखता तो उसके कैरेक्टर जैसा बनने का मन करता । भारतीय कलाकार मिथुन चक्रवर्ती का मैं फैन हूँ और उन्हें देख कर उनके जैसा बनने का मन करता था । उस वक्त मिथुन का क्रेज भी बहुत था । उसी प्रकार नेपाल में राजेश हमाल का क्रेज थाऔर वो भी मुझे प्रभावित करते थे । मुझे लगता था कि हीरो बनने के बाद आपकी एक अलग पहचान बन जाती है सभी का प्यार मिलता है बस ऐसे ही मन में आता गया और मैं इस दुनिया में आने की सोच बनाने लगा ।
० आपके द्वारा अभिनित बलीवूड चलचित्र ‘चक्र’ रिलीज होने वाली हैं,आपको क्या लगता है दर्शक का प्यार मिलेगा ?
– ये बिल्कुल व्यवसायिक फिल्म है । फिल्म की कथावस्तु त्रिकोणात्मक ‘प्रेम–कथा’ में आधारित है । इसे फिल्म में मुझे अवसर मिला ये भगवान की कृपा हैं । फिल्म साइन करने के लिए मुझे किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा । मुझे देखकर फिल्म निर्माता तथा निर्देशक ने मुझे इस फिल्म में अवसर दिया । निर्माता के साथ एक–डेढ घण्टा बातचीत हुई थी, उसी आधार पर मुझे फिल्म में लेनें के लिए निर्णय किया था । इस फिल्म में मैं एक पुलिस की भूमिका में हुँ । कथावस्तु एकदम दमदार हैं । फिल्म के अन्दर मेरे साथ जो काम कर रहें हैं वें हिन्दी फिल्म में स्थापित कलाकार हैं । जो कि मेरे लिए सकारात्मक पक्ष है । फिल्म बहुत अच्छी चलेगी ऐसा मेरा विश्वास और उम्मीद है ।
० आम नेपाली कलाकारों को बालीवूड में जाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता हैं पर आप को सहजता से अवसर मिला इसकी कोई खास वजह ?
– हाँ, मुझे दूसरे कलाकारों के मुकाबले कुछ भी संघर्ष नहीं करना पड़ा । मुझे फिल्मी दुनिया में मेरे कद और शारीरिक बनावट के कारण ही चुना गया है । कद के साथ साथ बौद्धिक क्षमता, अभिनय कला के कारण भी मेरा चयन हुआ है । निर्मता नीतिश जी के साथ एक–डेढ़ घण्टे की बातचीत से मेरा बालीवूड में प्रवेश आसान हुआ है । उस वक्त मेरे अन्दर उन्होंने क्या देखा मुझे अभी तक मालूम नहीं हैं । लेकिन जिस कलाकार की खातिर वे नेपाल आए थे उनको छोड़कर मुझे साथ लेकर गए । मेरे अन्दर शायद उन्होने विशेष क्षमता देखी होगी शायद इसलिए मुझे बालीवूड में अवसर मिला । ये मेरी जिन्दगी की सब से बड़ी खुशी है ।
० बालीवूड में प्रवेश करने के लिए चाहने वाले नेपाली कलाकारों को आप क्या सलाह देना चाहेंगें ?
– बालीवूड में प्रवेश करना उतना असान नहीं जितना आसान लोग समझतें हैं । मेरी किस्मत के कारण मुझे आसानी से प्रवेश मिल गया । बालीवूड में हमेशा नए कलाकारों के लिए दरवाजा खुला हैं बशर्ते आप के अन्दर कुछ अलग खूबियाँ हों । आप बालीवूड को कुछ नया क्या दे सकते हो इस बात पर आप का बालीवूड में प्रवेश टिका रहता है । नेपाल से भारत बहुत बड़ा देश है, वहाँ भी कलाकारों की संख्या लाखों में हैं, उनलोगों को छोड़कर आप को क्याें चूनेंगें ? यदि इस प्रकार के प्रश्नों का जवाब आप के पास है तो शायद आप कुछ हद तक बालीवूड में प्रवेश करने में सहायता मिल सकी है नहीं तो मुश्किल है ।
० एक चर्चा का विषय यह भी हैं कि आप दक्षिण एसिया के सब से ऊँचे कद के हीरो के रूप में दर्ज होने वाले हैं, इस बात में कितनी सचाई हैं ?
– हाँ यें बात सच्ची हैें, दक्षिण एसिया के फिल्म उद्योग में मेरी जितनी हाइट (६.५ इञ्च) और किसी भी नायक की नहीं हैं । हमलोग सब से ऊँचे कद के कलाकार के रूप में अमिताभ बच्चन जी को जानते हैं उनकी उचाई ६.३ इञ्च हैं । लेकिन मेरी रिकार्ड के औपचारिक रूप में गिनीज बुक में रखने के लिए कुछ प्रक्रिया पूरी करनी पडेÞगी, जो अभीतक नहीं हो पाया है । नियम के मुताबिक कम से कम ५ फिल्म रिलीज होनी चाहिए । भीमदत्त, नरसिन्हा और नो–स्मोकिङ रिलीज हो चुकी हैं ।‘काँडेतार’ के लिए काम कर रहा हूँ । अभी भी मुझे एक और नेपाली फिल्म की आवश्यकता हैं । उस के बाद रेकर्ड कें लिए औपचारिक प्रक्रिया आगे बढेगी । मेरे हिसाब से एक साल और समय लगेगा । तबतक मेरी बालीवूड से ‘चक्र’ रिलीज हो जाएगी और मुझे दर्शक कैसा साथ देते हैं इसकी प्रतीक्षा है । अभी तो सिर्फ चर्चा ही है अगर बालीवूड ने साथ नहीं भी दिया फिर भी सत्य छुपकर तो नहीं रहेगा ।
० आप किस प्रकार की भूमिका में अपने आप को स्थापित करना चाहते हैं ?
– कलाकार होने के बाद सभी प्रकार की भूमिका करने का गुण होना चाहिए । लेकिन मेरा मन ‘एक्सन’ वाले कथावस्तु में लगता हैं । उसी प्रकार ‘रोमान्टिक’ कथा वाली फिल्म भी मेरी दूसरी प्राथमिकता में हैं ।
० अन्त में आप अपनें दर्शकों को क्या कहना चाहेंगें ?
– किसी भी कलाकार की सफलता के पीछे दर्शकों का साथ और प्यार महत्वपूर्ण होता हैं । मंै तो अभी संघर्ष कर रहा हूँ । मुझे बहुत आगे जाना हैं इसलिए आम दर्शकों के साथ और प्यार की मुझे जरुरत है जो मुझे जरुर मिलता रहेगा ।

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