Sun. Jul 12th, 2020

बिचार

हाय रे राष्ट्रवाद ! गागर मे भरी हुई जल की तरह जहां, तहां छलक जाती है : बिम्मीशर्मा

बिम्मीशर्मा, काठमांडू , २२,सेप्टेम्बर | हम नेपालवासियों के अन्दर राष्ट्रवाद कूट, कूट कर भरा है

नेपाली राज और उसकी राजनीति, जातीय विभेद एवं नस्लीय उदण्डता का पराकाष्टा है : कैलाश महतो

कैलाश महतो, पारसी, २८ ,अगस्त विश्व प्रशिद्ध प्राचीन कुटनीतिज्ञ तथा अर्थशास्त्र के जन्मदाता आचार्य चाणक्य

मधेश और मधेशी के अस्तित्व के बारे में सौदेबाजी अवैध मानी जाएगी : दीपेन्द्र चौबे

दीपेन्द्र चौबे,अधिवक्ता, काठमांडू, १७-८ १५ | लोकतंत्र आज की दुनिया का आदर्श है। बहुमत से

पड़ोसी कभी बदले नहीं जा सकते, उससे रिश्ते में तनाव पैदा करना सिर्फ पीड़ा ही देगा : श्वेता दीप्ति

राष्ट्रीयता ! राष्ट्रीयता ! राष्ट्रीयता !!! स्वाधीनता ! स्वाधीनता ! स्वाधीनता !!! नागरिकता ! नागरिकता

स्वराज की माँग आत्मसम्मान की माँग होती है, डा. राउत ने मधेश को जगाने की कोशिश की : श्वेता दीप्ति

श्वेता दीप्ति , १९,अप्रिल, काठमांडू | भारत में सामाजिक क्रांति की लहरें एक औपनिवेशिक माहौल

श्री मद्भागवद् गीता भगवान श्री कृष्ण के मुख से निकली महत्व पूर्ण श्लोक है : आचार्य पं. विजय प्रकाश शर्मा

आत्मवोध, श्री मद्भागवद् गीता हिन्दू धर्म का सर्वोपरि ग्रन्थ है , और भगवान श्री कृष्ण

अन्र्तराष्ट्रीय नारी दिवस के सन्दर्भ, नेपाल में महिला अधिकार की स्थिति : साबित्रि गिरी (प्रशिक्षार्थी पत्रकार)

नेपालगंज , बाँके, साबित्रि गिरी (प्रशिक्षार्थी पत्रकार) । अन्र्तराष्ट्रीय महिला दिवस महिला जागरूकता सम्बन्धी दिवस

किसी की हिम्मत नहीं कि मेरे महिला होने का गलत अर्थ लगावें : महिला पत्रकार रीता

पढ़ी-लिखी लड़कियाँ ‘मीडिया’ में आना नहीं चाहती ;रीता  वर्तमान मीडिया में महिलाओं को नहीं पचा

हिन्दी को विश्वभाषा बनाने के अभियान का प्रारंभ निकटतम पडोसी नेपाल से हो: उपराष्ट्रपति झा

रामाशीष:राजा ज्ञानेन्द्र शाह को गद्दी से पर्ूण्ा उतारे जाने तथा बहुदलीय संसदीय लोकतांत्रिक गणतंत्र की

नेपाल और भारत के बीच सांस्कृतिक सेतु के रूप में हिन्दी : डा. श्वेता दीप्ति

( विश्व हिन्दी दिवस के अवसर पर काठमाण्डू मे आयोजित भव्य कार्यक्रम मे उप-राष्ट्रपति महामहिम

मोदी को नेपाली सत्ता नादान समझती है, वे जुडना चाहते हैं सरकार रोकती है

श्वेता दीप्ति,काठमाण्डू, १९ नवम्बर । अन्ततोगत्वा सरकार की नीति और नीयत सामने आ ही गई