Sat. Sep 21st, 2019

हिमालिनी पत्रिका

क्यों आवश्यक था ३७० का हटना ? : मुरलीमनोहर तिवारी

मुरलीमनोहर तिवारी “सिपु”, हिमालिनी  अंक अगस्त , अगस्त 2019 |‘१९४७ में पाकिस्तान के पख्तून कबायलियों

आत्महत्या ! आखिर इसका समाधान क्या है ? : श्वेता दीप्ति

क्यों हार जाता है मन ? हिमालिनी,अंक अगस्त,2019 (सम्पादकीय)| आत्महत्या । एक डरावना शब्द । एक शब्द,

बच्चे और इन्टरनेट, टेक्नोलाजी के बारे में दें सही जानकारी : प्राची शाह

हिमालिनी  अंक जुलाई २०१९ | इंटरनेट पर हमारी निर्भरता दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है ।

जागरूकता नारा में नहीं, मानसिकता में होनी चाहिए : मुख्यमन्त्री लालबाबु राउत गद्दी

नशा में डूबता युवा वर्ग हिमालिनी  अंक जुलाई २०१९ | केन्द्रीकृत शासन व्यवस्था को परिवर्तन

संगीत ही मेरा जीवन, पूजा और आराधना है : गुरुदेव कामत

शास्त्रीय और आधुनिक दोनों विधा में एक ही बार पुरस्कृत होनेवा व्यक्ति मैं ही हूँ ।

पर्यटकीय संभावनाओं का केंद्र स्थल जनकपुर यानि मिथिला : अजयकुमार झा

हिमालिनी पत्रिका, अंक जून २०१९ | जनकपुर वो पवित्र स्थान है जिसका धर्मग्रंथों, काव्यों एवं

वर्जिनिटीः स्त्री पर ही सवाल, पुरुषों पर क्यों नहीं ? : निक्की शर्मा ‘रश्मि’

कुंवारी लड़कियों को सीलबंद पैकट समझना और अपनी भूख मिटाने के लिए खोलो और खा

नेपाल में पुरातत्व–खोज की सम्भावना अधिक है : तारानन्द मिश्र, वरिष्ठ पुरातत्वविद्

हिमालिनी अंक जुन २०१९ |तारानन्द मिश्र वरिष्ठ पुरातत्वविद् हैं, नेपाल की ऐतिहासिक वस्तुस्थिति, राजनीतिक इतिहास और

मोदी–ट्रंप का साथ – चिन्ता में चीन, असमंजस में नेपाल : अजयकुमार झा

‘बेल्ट एंड रोड फोरम’ को अपने गर्भ में समाते हुए ‘इंडो पैसिफिक स्ट्रेटजी’ हिमालिनी अंक

मीरा की भक्ति भावना : उर्मिला सिंह

हिमालिनी अंक मई २०१९ |‘सन्तोऽनपेक्षा मच्चिताः प्रशान्ताः समदर्शिताः । निर्ममा निरहांकारा निद्र्वन्द्वा निष्परिग्रहाः ।। ’ अर्थात जिनमें

मोदी जी के कार्यकाल में नेपाल–भारत सम्बन्ध नई ऊँचाई पर :अशोक बैध

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पांच साल का कार्यकाल पूरा हुआ । भारत में अगले

अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता लोकतन्त्र की प्राणवायु : डा.श्वेता दीप्ति

हिमालिनी, सम्पादकीय, अंक मई 2019 |विचार एवं अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता लोकतन्त्र की प्राणवायु की भांति