Wed. Mar 20th, 2019

साहित्य

तेरी आंखों की हद से बढ़कर हूं, दश्त मैं आग का समंदर हूँ : राहत इंदौरी

दिल मेरा तोड़ते हो, लो तोड़ो ​चीज मेरी नहीं, तुम्हारी है। डॉ. राहत इंदौरी उर्दू

लोकजीवन के उत्साह का पर्व है होली, ब्रज संस्कृति की संबाहक है होली : गोपाल शरण शर्मा

वृन्दावन,मथुरा | ब्रज की होली न सिर्फ भारत में बल्कि सम्पूर्ण विश्व में विख्यात है।लोक

मुंबई विश्वविद्यालय द्वारा “छायावाद एक पुनर्पाठ” विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी

मुंबई विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग ने दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी यही शुक्रवार और शनिवार 15-16

परिमल प्रवाह द्वारा हिंदी साहित्य समागम झारखंड में शुरू, नेपाल से डा.श्वेता दीप्ति सहभागी

झारखण्ड | साहित्यिक संस्था परिमल प्रवाह द्वारा आयोजित दो दिवसीय हिंदी साहित्य समागम शनिवार से

नेपाली पाठकों के लिए दूसरी सम्पर्क भाषा जैसी है हिन्दी : मनप्रसाद सुब्बा

हिमालिनी, अंक जनवरी 2019 |नेपाली भाषा और हिन्दी भाषा मे एक–आपस में सिर्फ सामीप्य ही नहीं

वरिष्ठ साहित्यकार एवं अन्वेषक शिव रेग्मी का ७८ वर्ष की आयु में निधन

काठमाडौँ  वरिष्ठ साहित्यकार एवं अन्वेषक शिव रेग्मी का ७८ वर्ष की आयु में २१ फरवरी

नहीं रहे हिन्दी आलाेचना के शिखर पुरुष नामवर सिंह

२० फरवरी हिंदी के प्रख्यात आलोचक और साहित्यकार नामवर सिंह का दिल्ली के एम्स अस्पताल

५ नं. प्रदेश स्तरीय भाषाभाषी स्रष्टा सम्मान, अन्तरक्रिया तथा बहुभाषिक कवि गोष्ठी

नेपालगन्ज÷(बा“के) पवन जायसवाल । विश्व भाषाभाषी दिवस २०७५ की अवसर पर ५ नं. प्रदेश स्तरीय

हिंदुस्तानी भाषा अकादमी द्वारा हिंदी भाषा के ‘मेधावी छात्र एवं शिक्षक सम्मान समारोह’

राजकुमार श्रेष्ठ, दिल्ली । ‘मेधावी छात्र एवं शिक्षक सम्मान समारोह’ सम्पन्न:10वीं कक्षा में हिंदी भाषा

हमें गुलाब जैसा खिलने दो, मौन तुम्हारे चरणों में ः प्रेमाशाह

प्रसिद्ध साहित्यकार प्रेमा शाह की प्रथम पुण्य तिथि के अवसर पर प्रेमा शाह नेपाली साहित्य

जिस्म बूढ़ा हो चुका है लेकिन आंखों में बदमाशी आज भी मौजूद है : खुशवंत सिंह

२फरवरी जाने-माने लेखक, कवि और स्तंभकार खुशवंत सिंह जन्म 2 फरवरी 1915 को हुआ था।

प्रणाम पर्यटन : पर्यटन व साहित्य की एक गंभीर पत्रिका (पत्रिका समीक्षा)

कुमारी दृष्टि, लखनऊ | पर्यटन अनुभवो का जन्मदाता होता है ।  महात्मा गांधी ने विदेश

विश्व हिंदी सम्मेलन, मॉरीशस विस्तृत रिपोर्ट : डा रघुवीर शर्मा

हिमालिनी, अंक जनवरी 2019 | भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा मॉरीशस सरकार के सहयोग

हल्की हल्की बारिश की बूँदें गिरतीं, वो बैसाखी लिए आराम से चलती : सुरभि मिश्रा

उसकी याद हल्की हल्की बारिश की बूँदें गिरतीं वो बैसाखी लिए, आराम से चलती बैसाखी

नेपाली भाषा साहित्य और नेपाल में हिंदी की स्थिति : राजकुमार श्रेष्ठ

हिमालिनी, अंक जनवरी 2019 | युगों–युगों से लाखों सैलानियों को अपनी सुन्दरता से मुग्ध करने

देश स्विटजरलैंड बने न बने पर माहौल तो स्विसमय बन ही गया : बिम्मी शर्मा (व्यग्ंय)

बिम्मी शर्मा,वीरगंज ,२२जनवरी२०१९ |  इस देश के नेता हमेशा से देश को स्विटजरलैंड बनाने की

बेटी वा बेटा, दोनों अपना खून, तो भेद कैसा : अंकिता सुमार्गी

हाइकु                                                                                                                                                                                                           अंकिता सुमार्गी आजका दिन करता है स्वागत आप सभी का बुद्धका देश हमारी मातृभूमि