Wed. Oct 17th, 2018

साहित्य

काबिता

नया काठमाण्डू गंदगी ढेर काठमाण्डू लोड सेडिंग का पेलम पेल काठमाण्डू पानी नहीं, बिजली नहीं

मा

मनीष कुमार श्रीवास्तव माँ एक एहसास एक सुखद मिठास र् कई बार सुना था, माँ

चुटकिला

अध्यापकः- तुम किस खानदान से हो – छात्रः- जानवरों के ! अध्यापकः- क्या मतलब –

काबिता

दर्पण का क्या मोल – विनीत ठाकुरर् दर्पण का क्या मोल अन्धों के शहर में ।