Mon. May 4th, 2026

हिमालिनी विशेष

बहुमत जिम्मेदारी भी है और एक चेतावनी भी : श्वेता दीप्ति

 

डॉ श्वेता दीप्ति, सम्पादकीय हिमालिनी, अंक अप्रैल । हाल ही में सम्पन्न हुए आम चुनाव

जयप्रकाश आनंद द्वारा सभामुख की कुर्सी बदलने के निर्णय पर तीखा प्रहार

 

हिमालिनी डेस्क, 6 अप्रैल 026। जयप्रकाश आनंद द्वारा लिखित  लेख का विश्लेषण और हिंदी रूपांतरण नीचे

यह केवल एक शपथ ग्रहण नहीं है—यह नेपाल की थकी हुई आँखों में टिमटिमाते एक नए सपने का उदय है

 

काठमांडू,हिमालिनी डेस्क, २७ मार्च ०२६। चैत्र शुक्ल नवमी की वह पवित्र दोपहर। काठमांडू की गलियों

क्या पृथ्वीनारायण शाह के बाद बालेन शाह वह कड़ी बन सकते हैं? : अजयकुमार झा

 

भौतिक एकीकरण से भावनात्मक एकता तक अजयकुमार झा, जलेश्वर २६ मार्च ०२६। नेपाल का इतिहास

भव्यता के साथ संपन्न हुआ अंडमान अंतरराष्ट्रीय नागरी लिपि सम्मेलन

 

हिमालिनी प्रतिनिधि । देश विदेश में नागरी लिपि का प्रचार प्रसार करने वाली प्रतिनिधि संस्था

सत्ता, प्रभाव और रहस्यों का जाल : श्वेता दीप्ति

 

डॉ श्वेता दीप्ति, हिमालिनी आवरण आज फरवरी ०२६। एपस्टीन फाइल आधुनिक इतिहास के सबसे विवादित

नेपाल का चुनावी इतिहास : विनोदकुमार विश्वकर्मा

 

विनोदकुमार विश्वकर्मा, हिमालिनी अंक फरवरी, ०२६।लोकतंत्र में चुनावों को मानवाधिकारों और स्वतंत्रता की रक्षा के

देश में चुनाव : मधेश में दबाव -अंशुकुमारी झा

 

अंशुकुमारी झा, हिमालिनी अंक फरवरी ०२६।  विभिन्न उतार–चढाव के बाद फिलहाल देश चुनाव के रंग

अपने मताधिकार की ताकत को पहचानें और इसका सार्थक उपयोग करें : श्वेता दीप्ति

 

डॉ श्वेता दीप्ति, सम्पादकीय हिमालिनी अंक फरवरी ०२६।नेपाली जनता के सामने दो तरह की चुनौतियाँ

अंशु कुमारी झा की पुस्तक “पवित्र रजस्वला” (कविता संग्रह) का काशी नगरी में लोकार्पण

 

२३ फरवरी, वाराणसी। विश्व हिन्दी शोध संवर्धन अकादमी तथा कविताम्बरा, वाराणसी के तत्वावधान में आयोजित

‘हिमालिनी ज्ञानकुंज’ आलेख प्रतियोगिता में सहभागी विद्यार्थियों का सम्मान

 

काठमांडू, २० फरवरी । हिमालिनी मासिक पत्रिका द्वारा संचालित ‘हिमालिनी ज्ञानकुंज’ प्रतियोगिता अंतर्गत आयोजित ‘आलेख

महात्मा गांधी, असहमति की राजनीति और नेपाल – चन्द्रकिशोर

 

चन्द्रकिशोर, बीरगंज, 30 जनवरी। नेपाल में महात्मा गांधी के चर्चा से कतराने वाले एक बड़ा

‘बालेन इफ़ेक्ट’ अभी से उड़ने लगे हवा में, अभी तो शोहरत नई–नई है

 

जनकपुरधाम, हिमालिनी विश्लेषण, १८ जानवरी मधेश की सियासत में ‘बालेन इफ़ेक्ट’: आकर्षण है, भरोसा अभी

सरकार की विफलता और अंतरिम सरकार का इतिहास : श्वेता दीप्ति

 

डॉ श्वेता दीप्ति, सम्पादकीय हिमालिनी अंक दिसम्बर। नेपाल में अंतरिम सरकार का इतिहास लम्बी अवधि