Mon. Dec 17th, 2018

मर्म चिकित्सा और योग : मुरलीमनोहर तिबारी (सिपु)

मुरलीमनोहर तिबारी (सिपु), वीरगंज, हिमालिनी अंक जून २०१८ | मर्म चिकित्सा ही एक्युप्रेशर या एक्युपंक्चर जैसी विदेशी चिकित्सा विधाओं की जननी है । बौद्ध काल में ये चिकित्सा पद्धति भारत से चीन, जापान आदि देशों में ले जाई गई तथा वहाँ विभिन्न नामों से विकसित हुई । जिसका उद्गम स्थल बिहार और नेपाल को माना जाता है । इसलिए बिहार की राजधानी पटना स्थित सम्राट अशोक कंवेंशन सेंटर, ज्ञानभवन (विश्व का द्वितीय, बिहार का सर्वोत्तम) सभागार में विश्व एक्युप्रेशर दिवस २६ मई २०१८ को आयोजित २५वाँ राष्ट्रीय एक्युप्रेशर÷एक्युपंचर रजत सम्मेलन का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम में नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश के साथ–साथ भारत के १६ राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया ।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजनों को स्वास्थ्य लाभ हेतु एक्युप्रेशर के बारे में विशेषज्ञों द्वारा विशेष जानकारी देना एवम अंग्रेजी दवाओं के दुष्प्रभाव से बचाना रहा । कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पाण्डे ने दीपप्रज्वलित करके किया । स्वास्थ्यमंत्री ने एक्युप्रेशर पद्धति को प्रत्येक व्यक्ति को अपनाने पर जोर दिया और शीघ्र ही इस पर विधानसभा में इस पर एक्ट बनाने की घोषणा की ।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि कÞृषि मंत्री श्री प्रेम कुमार ने नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका तथा भारत के कोने–कोने से आए हुए अतिथि का हृदय से अभिनंदन किया। पूर्व शिक्षा मंत्री श्री रामलगन लाल रमण ने भी अपने विचार रखें । पूर्व मंत्री रामबचन राय ने भी एक्युप्रेशर विधा पर जोर दिया । एम एल सी श्री अरुण सिन्हा ने इस आयोजन की बहुत सराहना की । पटना के मेयर श्रीमती सीता साहू की उपस्थिति रही ।
इस कार्यक्रम में दिल्ली एम्स के साइंटिस्ट डा. एस के गुहा ने एक्युप्रेशर पर विशेष जागरूकता लाने की बात कही । वहीं बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बी.एच. यू.) के प्रोफेसर श्री बि. एन. शुक्ला ने भी अपने विचार रखे ।


मित्र देश नेपाल से आए अतिविशिष्ट लोगों में नेपाल–भारत सहयोग मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अशोक वैध, पूर्व मंत्री तथा सांसद  श्री लक्ष्मण लाल कर्ण, सांसद श्री प्रदीप यादव, विधायक द्वय श्री ओमप्रकाश शर्मा, श्रीमती रागिनी बर्णवाल और श्री रविंद्र बर्णवाल उपस्थिति रही । सांसदों ने एक्युप्रेशर विषय पर आयोजित इस महासम्मेलन में अपने वक्तव्य से बिहार तथा देश–विदेश से आए लोगों का दिल जीत लिया ।
कार्यक्रम में बताया गया कि, “यह पूर्णतया सत्य है कि मर्म विज्ञान विश्व की सबसे प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति है । जहां अन्य चिकित्सा पद्धतियों का इतिहास कुछ सौ वर्षों से लेकर हजारों वर्ष तक का माना जाता है वहीं मर्म चिकित्सा पद्धति को काल खण्ड में नहीं बांधा जा सकता है । मर्म चिकित्सा द्वारा क्रियाशील किए जाने वाले तंत्र (१०७ मर्म स्थान) इस मनुष्य शरीर में मनुष्य के विकास क्रम से ही उपलब्ध हैं । समस्त चिकित्सा पद्धतियां मनुष्य द्वारा विकसित की गई हैं परन्तु मर्म चिकित्सा प्रकृति ईश्वर प्रदत्त चिकित्सा पद्धति है । अतः इसके परिणामों की तुलना अन्य चिकित्सा पद्धतियों से नहीं की जा सकती है । अन्य किसी भी पद्धति से असाध्य अनेक रोगों को मर्म चिकित्सा द्वारा आसानी से उपचारित किया जा सकता हैं ।
कार्यक्रम को विशेष रूप से बिहार एक्युप्रेशर योग कालेज (बि. ए. वाई. सी.) के चेयरमैन डॉ. सर्वदेव प्रसाद गुप्ता ने एक्युप्रेशर पर अपने विचार विस्तारपूर्वक रखा और अतिथियों को शिल्ड देकर सम्मानित किया।


योग और मर्म एक दूसरे में समाहित है ।  योग शब्द संस्कृत धातु यज्  से निकला है, जिसका मतलब है व्यक्तिगत चेतना या आत्मा का सार्वभौमिक चेतना या रूह से मिलन । योग का अर्थ जोड़ना भी होता है । योग, भारतीय ज्ञान की पांच हजार वर्ष पुरानी शैली है ।  हालांकि कई लोग योग को केवल शारीरिक व्यायाम ही मानते हैं, जहाँ लोग शरीर को मोड़ते, मरोड़ते, खींचते हैं और श्वास लेने के जटिल तरीके अपनाते हैं । यह वास्तव में केवल मनुष्य के मन और आत्मा की अनंत क्षमता का खुलासा करने वाले इस गहन विज्ञान के सबसे सतही पहलू हैं । योग विज्ञान में जीवन शैली का पूर्ण सार आत्मसात किया गया है ।
उपरोक्त कार्यक्रम को बि. ए. वाई. सी. के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. अजय प्रकाश ने सभी एक्युप्रेशर चिकित्सक के साथ सभी अतिथियों का भव्य स्वागत किया । कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने प.चम्पारण, नरकटियागंज निवासी डा. अनूप कुमार जायसवाल को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया । उक्त कार्यक्रम में डॉ.दीपक कुमार, डॉ.सुनील सुमन, डॉ.पप्पू कुमार, डॉ,.दिलीप कुमार, डॉ.पुष्पा ठाकुर, डॉ.ब्यूटी, डॉ.जुली कुमारी,  डॉ.अंचना, डॉ. राजश्री (महाराष्ट्र),  डॉ.सनियार दत्ता (आसाम), ड‘ा.भरत जैन( सिलिगुड़ी) के साथ सैकड़ों चिकित्सकों ने भाग लिया ।

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