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ड्रग्स केस: इंडोनेशिया ने 4 दोषियों को दी मौत की सजा

 

नुसा कामबांगान (इंडोनेशिया).

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ड्रग्स तस्करी के मामले में इंडोनेशिया में 14 में से चार दोषियों को मौत की सजा दे दी गई है। हालांकि, इसमें भारतीय गुरदीप सिंह शामिल नहीं हैं। इंडोनेशिया में तैनात भारतीय एंबेसडर ने विदेश मंत्रालय को इसकी जानकारी दी। गुरदीप समेत ड्रग्स केस के 10 अन्य दोषियों को मौत की सजा कब दी जाएगी ये अभी साफ नहीं हुआ है।

मारे गए दोषियों में एक इंडोनेशियन, तीन नाइजीरियन और एक साउथ अफ्रीकन थे।
इन्हें नुसा कामबांगान आइलैंड के रिमोट प्रिसन में फायरिंग स्क्वॉड ने गोली मारी।
इंडोनेशिया के डिप्टी अटॉर्नी जनरल नूर रैचमेड ने चारों को सजा दिए जाने की बात कंफर्म की।
उन्होंने कहा कि हम इस सजा से खुश नहीं हैं, लेकिन ये कानून के लिहाज से जरूरी था।
उन्होंने कहा कि इस मौत की सजा का मकसद सिर्फ ड्रग से जुड़े क्राइम कम करना है। उन्होंने बाकी दोषियों को भी आगे सजा दिए जाने की बात कही।
उन्होंने ये साफ नहीं किया कि गुरदीप समेत बाकी दस दोषियों को इनके साथ सजा क्यों नहीं दी गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आखिरी वक्त दोषियों की सजा को लेकर कई काफी दबाव होने के बाद सजा रोकी गई।
हालांकि, अभी ये भी साफ नहीं है कि बाकी बचे 10 दोषियों को कब तक सजा दी जाएगी।
इधर एमेनेस्टी इंटरनेशनल ने इस तरह मौत की सजा की निंदा की है और इसे इंटरनेशनल लॉ का उल्लंघन बताया है।

साउथ एशिया में इंडोनेशिया एकलौता देश है, जहां ड्रग्स को लेकर सबसे सख्त कानून हैं।
यहां ड्रग्स तस्करी में दोषी शख्स को मौत की सजा गोली मारकर दी जाती है।
पहले उसकी आंखों पर पट्टी बांधी जाती है। इसके बाद उसे फायरिंग स्क्वॉड में खड़ा किया जाता है।
फायरिंग स्क्वॉड में सेना के इम्प्लॉई या लॉ एंड ऑर्डर के अफसर होते हैं।
चीन, वियतनाम, सऊदी अरब और ताइवान में भी गोली मारकर मौत की सजा दी जाती है।

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