Wed. Feb 26th, 2020

साहित्य

साहित्यकार सुश्री ममता शर्मा ” अंचल” को गेष्ट ऑफ ऑनर अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा

अलवर।अलवर की साहित्यकार सुश्री ममता शर्मा ” अंचल” को 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस

 

हिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध साहित्यकार पद्मश्री गिरीराज किशाेर जी का निधन

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित साहित्यकार गिरिराज किशोर का निधन हो गया। मुजफ्फरनगर निवासी गिरिराज किशोर

 

जीवन में आनंद तुम्हीं से क्यों समझूँ वृंदावन क्या है: अयोध्यानाथ चौधरी

अयोध्यानाथ चौधरी हिमालिनी, अंक- दिसंबर 2019  कभी हम झुकते हैं कभी तुम कोई बुरा तो

 

सृजन के पीर में लिपटी गमों के नीर में आँखें, कहीं से आ रही भर-भर लहू में डूबता प्याला : सारस

लहू में डूबता प्याला …………………….. सरिता सारस कहीं सर्दी भयंकर है कहीं है भूख की

 

आजको साँझ: डा. कृष्ण जङ्ग राणा हाम्रो माझ, डा राणा सम्मानित

नेपालगन्ज,(बाँके), पवन जायसवाल । नेपालगन्ज में प्रसिद्ध गजलकार तथा साहित्यकार डा. कृष्ण जङ्ग राणा के

 

इस पार, प्रिये मधु है तुम हो, उस पार न जाने क्या होगा : हरिवंशराय बच्चन

हरिवंश राय बच्चन हिंदी साहित्य के पुरोधा कवियों में से एक हैं, उन्होंने हिंदी कविता

 

छ हजार देशी विदेशी साहित्य प्रेमियों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ मेरठ लिटरेरी फेस्टिवल 2019

मेरठ, क्रांतिधरा साहित्य अकादमी द्वारा आई आई एम टी यूनिवर्सिटी में तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मेरठ

 

साहित्य, विश्व को बंधुत्व की बंधन में बाँधता है : बसन्त चौधरी

क्रांतिधरा मेरठ साहित्यिक महाकुंभ द्वारा आयोजित मेरठ लिटरेरी फेस्टिवल में बरिष्ठ सहत्यकार, कवि , समाजसेवी,

 

मेरठ साहित्य महाकुंभ में अंचल रचित रे मन …चल सपनों के गांव का विमोचन

मेरठ, मेरठ क्रांति धरा में पूर्व वर्षों की भांति मेरठ साहित्य महाकुंभ का दिनांक 18

 

मैं और तू स्मृति की आकाश गंगा में बहती कोई अछोह नदी : संजय सिंह

संवेदना‌ओं की भूमि पर जन्म लेती हैं संजय सिंह की कविताएँ जहाँ एक बैचेनी निरन्तर

 

स्त्री, सिर्फ स्त्री है, शहरी या ग्रामीण नहीं आज भी उसके छोटे से मन में बसता है मिट्टी का घरौंदा

वंदना गुप्ता स्त्री, सिर्फ स्त्री है, शहरी या ग्रामीण नहीं आज भी उसके छोटे से

 

लेखन कोई कार्य नहीं तपस्या हैं : वेद कुमार शर्मा

हिमालिनी  अंक अगस्त , अगस्त 2019 |भारतवर्ष में बहुचर्चित पुस्तक ‘जिÞन्दगी जश्न है’ के लेखक वेद कुमार

 

नेपाल एकेडमी द्वारा द्वितीय चीन और दक्षिण एसिया साहित्य सम्मेलन का आयोजन (फोटो सहित)

अंशु झा (१५ अक्टुबर, काठमांडू) अन्तर हिमाली सांस्कृतिक एवं साहित्यिक सम्बन्ध प्रवद्र्धन के लिए काठमांडू

 

दुःख ही जीवन की कथा रही क्या कहूं आज जो नहीं कही : निराला

डॉ श्वेता दीप्ति , सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला हिन्दी के छायावादी कवियों में कई दृष्टियों से

 

मनुमुक्त मानव मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा इंडो नेपाल लघुकथा सम्मेलन का आयोजन

नारनौल, मनुमुक्त मानव मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा स्थानीय सेक्टर 1 पार्ट 2 स्थित अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक केंद्र