Thu. Jun 4th, 2020

साहित्य

भारत के लेखकों-साहित्यकारों की प्रथम डायरेक्टरी बनकर तैयार

पटना। नये पल्लव प्रकाशन ने भारत के लेखकों-साहित्यकारों की डायरेक्टरी बनाया है। यह भारत की

दिल पर फिर से नश्तर रख कर। कोई याद पुरानी लिखना : दीपक गोस्वामी

स्वर्ग से सुन्दर,स्वपन सरीखा यह प्यारा नेपाल है। स्वर्ग से सुन्दर,स्वपन सरीखा यह प्यारा नेपाल

जब बाँट ही लिया दिल की ज़ागीर, तब क्यों पूछते हो दिल किधर गया : संजय कुमार सिंह

संवेदनशील कवि, उपन्यासकार, कहानीकार संजय कुमार सिंह की जिन्दगी से जुडी कुछ कविताएँ । पढें

अहम.. अपेक्षा.. उम्मीद… के सारे पत्ते पीले होकर गिरते देखती हूँ.. : सरिता सारस

प्रेम के गहरे क्षणों में मैं महसूस करती हूं तुम्हारा वृक्ष होना… अहम.. अपेक्षा.. उम्मीद…

अब भी करना छोड़दो पशुओं पर अत्याचार : कमला भंसाली जैन

“समय-सार” बने हम अभय-हिंसा के सेनानी, अपने से अपना कल्याण,प्रेषित हो जिन-वाणी। स्वयं-स्वयं का करे,अनुसंधान।

मातृ दिवस के अवसर पर काव्यकुल संस्थान द्वारा अंतरराष्ट्रीय डिजिटल काव्य समारोह

१० मई,२०२० | मातृ दिवस के अवसर पर काव्यकुल संस्थान(पंजी.) द्वारा अंतरराष्ट्रीय डिजिटल काव्य समारोह

नेपाल भारत मारवाड़ी भाषा ओनलाईन कविता सम्मेलन”का उद्घाटन मन्त्री दुगड़जी के हाथों

ऐतिहासिक “नेपाल भारत मारवाड़ी भाषा (ओनलाईन)  कविता सम्मेलन”  इन्दु तोदी, विराटनगर। 9 मई शनिवार  2020 

सिर्फ एक बच्चे को जन्म देना ही महिलाओं को माँ नही बनाता : अनिल कुमार मिश्र,’आञ्जनेय’

एक तपस्या है माँ बनना अनिल कुमार मिश्र,’आञ्जनेय’, हज़ारीबाग़ | ‘माँ’एक ऐसा शब्द है जिसके

साहित्यकार खेमलाल पोखरेल को मिला अन्तरराष्ट्रीय आर्डर आफ शेक्सपीयर मैडल

नेपाली भाषा,साहित्य,कला,संस्कृति के क्षेत्र में लम्बे समय से क्रियाशील  झापा दमक के खेमलाल पोखरेल ने

प्रेस आजादी का मतलब  सामाजिक नव निर्माण से है : श्वेता दीप्ति

डा.श्वेता दीप्ति, काठमांडू, ३ मई २०२० | अंतरराष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता दिवस हर साल तीन मई

मीडिया, बाजार ,हिन्दी जाति और हिन्दी भाषा

संजय कुमार सिंह हिन्दी पत्रकारिता का जन्म 19वीं शताब्दी में होता है, जब साम्राज्यवादी औपनिवेशिक