Thu. Nov 21st, 2019

साहित्य

मेरठ साहित्य महाकुंभ में अंचल रचित रे मन …चल सपनों के गांव का विमोचन

मेरठ, मेरठ क्रांति धरा में पूर्व वर्षों की भांति मेरठ साहित्य महाकुंभ का दिनांक 18

स्त्री, सिर्फ स्त्री है, शहरी या ग्रामीण नहीं आज भी उसके छोटे से मन में बसता है मिट्टी का घरौंदा

वंदना गुप्ता स्त्री, सिर्फ स्त्री है, शहरी या ग्रामीण नहीं आज भी उसके छोटे से

लेखन कोई कार्य नहीं तपस्या हैं : वेद कुमार शर्मा

हिमालिनी  अंक अगस्त , अगस्त 2019 |भारतवर्ष में बहुचर्चित पुस्तक ‘जिÞन्दगी जश्न है’ के लेखक वेद कुमार

नेपाल एकेडमी द्वारा द्वितीय चीन और दक्षिण एसिया साहित्य सम्मेलन का आयोजन (फोटो सहित)

अंशु झा (१५ अक्टुबर, काठमांडू) अन्तर हिमाली सांस्कृतिक एवं साहित्यिक सम्बन्ध प्रवद्र्धन के लिए काठमांडू

दुःख ही जीवन की कथा रही क्या कहूं आज जो नहीं कही : निराला

डॉ श्वेता दीप्ति , सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला हिन्दी के छायावादी कवियों में कई दृष्टियों से

मनुमुक्त मानव मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा इंडो नेपाल लघुकथा सम्मेलन का आयोजन

नारनौल, मनुमुक्त मानव मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा स्थानीय सेक्टर 1 पार्ट 2 स्थित अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक केंद्र

भारतीय साहित्यकार शारिक रब्बानी ने “नेपाल के उर्दू शोरा का तफसीली जायजा” नामक पुस्तक निकाला

नेपालगन्ज,(बाँके) पवन जायसवाल। भारत उत्तर प्रदेश जिला बहराईच नानपारा निवासी वरिष्ठ उर्दू साहित्यकार शारिक रब्बानी

श्रीमद्भगवद गीता,ईश्वर के समीप जाने का गीता एक सरल पथ है : योगेश मोहनजी गुप्ता

योगेश मोहनजी गुप्ता, मेरठ । आज विश्व में निरंतर परिवर्तन आ रहें हैं। पुरानी वस्तुओं

पूर्व प्रधानमन्त्री चन्द रचित पुस्तक ‘स्पिरिङः एन अडिप्ट डिरेक्टर’ लोकार्पण

काठमांडू, ३१ अगस्त । पूर्व प्रधानमन्त्री लोकेन्द्र बहादुर चन्द की पिछली साहित्यिक कृति की अंग्रेजी

श्री लूनकरणदास गंगादेवी चौधरी साहित्यकला मन्दिर द्वारा काठमान्डाै मुशायरा का आयाेजन

२३ अगस्त, काठमांडू । श्री लूनकरणदास गंगादेवी चौधरी साहित्यकला मन्दिर द्वारा आज काठमान्डाै में मुशायरा

गिरा मैं कहीं तो अकेले में रोया, गया दर्द से घाव भर धीरे-धीरे : राम दरश मिश्र

बनाया है मैंने ये घर धीरे-धीरे, खुले मेरे ख़्वाबों के पर धीरे-धीरे। किसी को गिराया

छा रहा है सारी बस्ती में अँधेरा रौशनी को, घर जलाना चाहता हूँ : क़तील शिफ़ाई

अपने होंटों पर सजाना चाहता हूँ आ तुझे मैं गुनगुनाना चाहता हूँ कोई आँसू तेरे

मीरा की भक्ति भावना : उर्मिला सिंह

हिमालिनी अंक मई २०१९ |‘सन्तोऽनपेक्षा मच्चिताः प्रशान्ताः समदर्शिताः । निर्ममा निरहांकारा निद्र्वन्द्वा निष्परिग्रहाः ।। ’ अर्थात जिनमें

नेपालगन्ज में उर्दू साहित्यकारों द्वारा गजल गोष्ठी का आयोजन

नेपालगन्ज,(बाँके) पवन जायसवाल । बाँके जिला के नेपालगन्ज में उर्दू साहित्यकारों द्वारा गजल गोष्ठी किया

लीलाध्वज थापा साहित्यप्रतिष्ठान द्वारा इस बार का साहित्य सम्मान वरिष्ठ कवि तुलसी दिवस काे

  लीलाध्वज थापा साहित्य प्रतिष्ठान ने इस वर्ष का साहित्य सम्मान वरिष्ठ कवि तुलसी दिवस

बाबा नागार्जुन भारतीय मिट्टी के आधुनिक कवि

जन्मदिन विशेष डा‍ श्वेता दीप्ति हिन्दी के आधुनिक कबीर नागार्जुन की कविता के बारे में