Sat. Sep 5th, 2026

साहित्य

वर्तमान दौर की सबसे बड़ी महामारी – संस्कारहीन रिश्ते : कृति जैन

 

रिश्तों को बड़े शब्द नहीं, छोटे संस्कार बचाते हैं एक साथ रहते हुए भी कितने अकेले

सुख-दुःख के बीच मुस्कराना ही जिंदगी की असली कला है : बिमल सरार्फ,

 

बिमल सरार्फ, रक्सौल, 26 अगस्त 2026। जीवन कभी एक जैसा नहीं रहता। इसमें कभी खुशियों के

शब्दों के घाव दिखाई नहीं देते, लेकिन दिल में उम्र भर रहते हैं : बिमल सरार्फ

 

बिमल सरार्फ, रक्सौल, बिहार, भारत17 अगस्त 2026 । वाणी में संवेदना, व्यवहार में विनम्रता और

टूटे सपनों की राख से नई उम्मीद जगाना ही जिंदगी है : बिमल सरार्फ

 

बिमल सरार्फ, रक्सौल, बिहार, भारत13 अगस्त 2026। असफलता विराम नहीं, नई शुरुआत का संकेत है,

नहीं रहे राजेन्द्र विमल, साहित्य जगत ने एक महान विभूति को खो दिया

 

काठमान्डू ११ अगस्त सुप्रसिद्ध साहित्यकार, विद्वान तथा मैथिली विकास कोष के संस्थापक अध्यक्ष  डॉ. राजेन्द्र

श्वेता दीप्ति की कहानी ‘निदान’ नारी-विमर्श के परिप्रेक्ष्य में : डा.संध्या सिंह

 

भूमिका समकालीन हिन्दी कथा-साहित्य में नारी-विमर्श केवल स्त्री की पीड़ा का आख्यान नहीं है, बल्कि

हिमालिनी द्वारा ‘हिमालिनी हिन्दी संवर्धन सम्मान २०२६’ का आयोजन

 

काठमांडू, सावन ११ – हिन्दी भाषा के संवर्धन हेतु हिमालिनी पत्रिका द्वारा किए जाने वाले

कल्पना पटवारी और चंदन प्रजापति की आवाज़ में ‘चूड़ी जब खनखन करे लागेला’ का भव्य विमोचन

 

रक्सौल / बीरगंज -अभिलाष गुप्ता। भोजपुरी की सुप्रसिद्ध गायिका कल्पना पटवारी तथा बीरगंज के युवा

वरिष्ठ कथाकार गीता केशरी का असामयिक निधन

 

काठमान्डू २ जुलाई गुंजन नारी साहित्य संस्था की पूर्व अध्यक्ष, नेपाल प्रज्ञा–प्रतिष्ठान की पूर्व सदस्य–सचिव,

साहित्य वह जिससे सबका हित हो, लिखो तो कुछ अच्छा लिखो : आशा शैली

 

हिमालिनी अंक अप्रैल। पंजाबी मूल की प्रतिष्ठित लेखिका, कवयित्री एवं संवेदनशील साहित्यकार आशा शैली जी

कथाकार कंचना झा के मैथिली कहानी संग्रह ‘नव भोर’ का काठमांडू में भव्य विमोचन

 

काठमांडू, २७जून। काठमांडू में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान प्रख्यात कथाकार कंचना झा द्वारा

अद्वैत वेदांत की रोशनी में महावाक्य “तत् त्वं असि” का दार्शनिक विवेचना : डॉ.विधुप्रकाश कायस्थ

 

डॉ. विधुप्रकाश कायस्थ, काठमांडू । 1. परिचयात्मक पृष्ठभूमि और शोध-का तरीका पूर्वी फिलोसोफी में, खासकर

विश्वेश्वरप्रसाद कोइराला के उपन्यासों में सामाजिक यथार्थ और सांस्कृतिक परिदृश्य का अध्ययन

 

मौसमी सिंह तिवारी (शोधार्थी, हिन्दी केन्द्रीय विभाग, त्रिवि) शोध सार विश्वेश्वरप्रसाद कोइराला को सामान्यतः मनोवैज्ञानिक

अंशु झा रचित ‘पवित्र रजस्वला’ हिन्दी काव्य संग्रह का विमोचन

 

काठमांडू, जेठ २९ । ‘पवित्र रजस्वला’ हिन्दी काव्य संग्रह का विमोचन वृहस्पतिवार (जेठ २८) को

याद किए गए बहुभाषाविद् प्रा.डॉ. कृष्णचन्द्र मिश्र

 

काठमांडू, जेठ २९ । बहुभाषाविद् प्रा.डॉ. कृष्णचन्द्र मिश्र एक प्रबुद्ध समीक्षक, युगांतकारी विचारक तथा मूर्धन्य

‘नेपाल के सन्दर्भ में हिन्दी ‘ विषयक कार्यक्रम आयोजित

 

काठमांडू 4 जून 2026 । हिमालयन लिटरेचर फेस्टिवल तथा राइटर वर्कशॉप ०२६ के अंतर्गत हिमालिनी

उपमहानगरस्तरीय (९–१२ तक) के विद्यार्थियों के बीच कविता प्रतियोगिता  सम्पन्न

 

नेपालगन्ज/(बाँके) । पवन जायसवाल । १९वीं गणतन्त्र दिवस के उपलक्ष्य में भेरी साहित्य समाज केन्द्रीय

कल्पना पौडेल जिज्ञासु की ७वीं कृति “अग्निस्पन्द” कविता सङग्राह बिमोचन

 

नेपालगन्ज/(बाँके) पवन जायसवाल । “कल्पना फाउण्डेसनको पहिचान, साहित्य सेवा हाम्रो अभियान” उद्देश्उ की साथ कवि

सिक्किम में डा. कायस्थ लिखित पुस्तक विमोचन

 

इसाबेला गुरुङ, ग्यांगटोक, 22 मई :डॉ. विधुप्रकाश कायस्थ द्वारा लिखित ‘कुन्जांग ग्यात्सो भूटिया (एवरेस्टर) –

हिमालयन लिटरेचर फेस्टिवल साहित्यिक आयोजन मात्र नहीं,अंतरराष्ट्रीय संवादस्थल है : श्रीजना भंडारी

 

काठमान्डू नेपाल की प्रतिष्ठित साहित्यकार, कवयित्री, सांस्कृतिक कर्मी और साहित्यिक आयोजक समकालीन नेपाली साहित्य और

सांध्य ‘नित्य हलचल’ पर पीएचडी बनी विश्व का प्रथम शोधकार्य

 

शोधार्थी डॉ. मुकुट अग्रवाल के नाम दर्ज हुआ विश्व-रिकाॅर्ड नारनौल। ‘हरियाणा की हिंदी-पत्रकारिता के विकास

जयप्रकाश आनंद द्वारा सभामुख की कुर्सी बदलने के निर्णय पर तीखा प्रहार

 

हिमालिनी डेस्क, 6 अप्रैल 026। जयप्रकाश आनंद द्वारा लिखित  लेख का विश्लेषण और हिंदी रूपांतरण नीचे

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