Wed. May 27th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें himalini-sahitya

बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के 44वें महाधिवेशन में सम्मान हेतु डा.वर्णवाल का चयन

 


जनकपुरधाम से मिश्री लाल मधुकर । भारत के प्रथम राष्ट्रपति देश-रत्न डा. राजेन्द्र प्रसाद की प्रेरणा और सहयोग से सन् 1919 में स्थापित बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन का 44वाँ महाधिवेशन आगामी 20-21 दिसम्बर, 2025 को कदमकुआं, पटना स्थित सम्मेलन सभागार में आयोजित है। यह संपूर्ण मधुबनी जिले एवं बिहार प्रांत के लिए गर्व की बात है कि यह प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक महत्व रखने वाली राष्ट्र-भाषा के लिए समर्पित देश की अग्रगण्य संस्था भारत के साहित्य-सेवियों और मनीषी विद्वानों के लिए तीर्थ की तरह स्तुत्य रही है। राष्ट्र के विद्वजन वाग्देवी सरस्वती इस प्राचीन मंदिर में तीर्थ सा मन लेकर आते रहे हैं। इस गौरवशाली मंदिर में आहूत दो दिवसीय महाधिवेशन एवं विराट राष्ट्रीय-कवि सम्मेलन महान साहित्यिक विभूतियों के नाम से नामित अलंकरणों से, मूल्यवान अवदान देनेवाले विद्वानों और विदुषियों की सूची में आपका नाम ससम्मान अंकित कर चयनित किया गया है। डा. शुभ कुमार वर्णवाल जो जिले के भूगोलविद्, अवकाशप्राप्त प्राचार्य एवं ख्यातिलब्ध कवि-साहित्यकार हैं, इनके इस महाधिवेशन में सम्मानित हेतु चयन के लिए जिले के कवि-साहित्यकारों में स्वचालित कविगोष्ठी के संयोजक भाषाविद् प्रो. जेपी सिंह, सह-संयोजक उदय जायसवाल, राष्ट्रीय कवि संगम के प्रांतीय अध्यक्ष प्रभाकर राय, महामंत्री डा. राज कुमार भारती, गौरी शंकर त्रिशूल, डा. संजीव शमा, डा. विनय विश्वबंधु, अजित आजाद, दिलीप कुमार झा आदि ने हर्ष व्यक्त किया है।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *