समग्र मधेश दो प्रदेश की व्यवस्था करें – वृषेशचन्द्र लाल
काठमांडू, जेठ १३ – तराई मधेश लोकतान्त्रिक पार्टी (तमलोपा) ने सरकार को सुझाव दिया है कि ‘समग्र मधेश दो प्रदेश’ की व्यवस्था करें ।
वृषेशचन्द्र लाल के नेतृत्व वाली तमलोपा ने संविधान संशोधन पर बहस पत्र तैयार करने वाली कार्यदल को सुझाव देते हुए पूरे मधेश को पूर्वी और पश्चिमी मधेश के रूप में पुनः सीमांकन करने की मांग की है । तमलोपा का कहना है कि आठ जिलों को मधेश प्रदेश में और अन्य जिलों को प्रदेशों में शामिल किए जाने से मधेश और थरुहट क्षेत्र के जनता स्वयं को असम्मानित महसूस किया है ।
तमलोपा के अनुसार, संविधान जारी होने के बाद से ही प्रदेशों का सीमांकन विवादास्पद रहा है और मधेश के आठ जिलों के बाहेक के क्षेत्रों को जबरन अन्य प्रदेशों में समाहित किया गया है । इसलिए हम समग्र मधेश दो प्रदेश पूर्वी और पश्चिमी मधेश के रुप में पुनः सीमांकन करने की मांग करते हैं ।
पार्टी ने इस बात पर जोर दिया है कि संघीयता को मजबूत बनाया जाना चाहिए । पार्टी ने अपने सुझाव पत्र में लिखा है कि ‘संविधान संशोधन द्वारा संघीयता को कमजोर करने या इसके स्वरुप में परिवर्तन कर शक्ति के केन्द्रीकरण के किसी भी प्रयास को स्वीकार नहीं किया जाएगा ।’ साथ ही यह भी सुझाव दिया गया है कि प्रदेश को ही निर्वाचन क्षेत्र मानते हुए पूर्ण समानुपातिक निर्वाचन प्रणाली अवलम्बन की जाए ।

