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सूर्य मंदिर तालाब में शिवलिंग मिलने से उमड़ी श्रद्धा

 

रक्सौल। शहर के मुख्य पथ स्थित ऐतिहासिक सूर्य मंदिर परिसर मंगलवार को अचानक आस्था और भक्ति के विराट केंद्र में तब्दील हो गया, जब तालाब के जीर्णोद्धार एवं सफाई कार्य के दौरान एक प्राचीन शिवलिंग प्राप्त हुआ। शिवलिंग मिलने की खबर फैलते ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” तथा “जय शिव शंकर” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।

मंदिर समिति के सदस्यों एवं श्रद्धालुओं ने अत्यंत श्रद्धा के साथ शिवलिंग को कंधे पर उठाकर मंदिर परिसर तक पहुंचाया। इसके बाद विधिवत पूजा-अर्चना प्रारंभ कर दी गई। श्रद्धालु का लगातार दर्शन एवं पूजन के लिए मंदिर परिसर में आना जारी है। मंदिर परिसर में श्रद्धा, भक्ति, आस्था एवं उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।

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गौरतलब है कि बीते सप्ताह इसी सूर्य मंदिर तालाब की सफाई के दौरान लगभग 11 किलो वजनी दुर्लभ कछुआ मिला था, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। कई श्रद्धालु उसे भगवान विष्णु के कूर्म अवतार से जोड़कर आस्था प्रकट कर रहे हैं। ऐसे में एक सप्ताह के भीतर शिवलिंग मिलने की घटना ने श्रद्धालुओं की भावनाओं को और अधिक प्रगाढ़ कर दिया है।

मंदिर के मुख्य पुजारी पं. आमोद मिश्र ने कहा कि सूर्य मंदिर परिसर सदियों से श्रद्धा एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र रहा है। शिवलिंग का मिलना इस स्थल की दिव्यता और धार्मिक महत्ता को दर्शाता है।

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वहीं मंदिर समिति के सचिव शम्भु प्रसाद चौरसिया एवं मीडिया प्रभारी रजनीश प्रियदर्शी ने संयुक्त रूप से कहा कि एक सप्ताह के भीतर दुर्लभ कछुआ और अब शिवलिंग का मिलना साधारण घटना नहीं मानी जा सकती। यह स्थल भगवान शिव एवं भगवान विष्णु की विशेष कृपा और आस्था का अद्भुत केंद्र बन चुका है।

मौके पर समिति के सदस्य गणेश अग्रवाल, राजू गुप्ता, अरूण कुमार गुप्ता, पप्पू गिरि, सुरेश कुमार, गुड्डू खेतान, पवन किशोर कुशवाहा, संजय गुप्ता, कमलेश कुमार, दीपक कुमार गुप्ता, आनंद रूँगटा, विमल रूँगटा एवं अनिल कुमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। इसकी जानकारी समिति के मीडिया प्रभारी रजनीश प्रियदर्शी ने दी है।

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