Fri. Oct 23rd, 2026

ललित निबन्ध

‘पुनःसुरुवात’ से फिर करें पुनः सुरुवात – राजेंद्र खटाटे,भारतीय रहस्यवादी चिंतक

 

नरेंद्रजंग पीटर जी की किताब ‘पुनः सुरुवात’ एक अनन्यसाधारण किताब है।’पुनःसुरुवात’ यह शीर्षक ही कई

दशहरा: भारत में उपवास, नेपाल में उत्सव और दावत : डॉ. विधुप्रकाश कायस्थ

 

डॉ. विधुप्रकाश कायस्थ, काठमांडू, 12 ऑक्टोबर। दशहरा, जिसे विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता

जेल : सजा से आगे सुधार और पुनर्वास की सोच जरूरी : बिमल सरार्फ,

 

बिमल सरार्फ, रक्सौल,07 अक्टूबर 2026। किसी व्यक्ति को जेल भेजना न्याय व्यवस्था का एक आवश्यक

महात्मा गांधी और मॉरीशस: मेरी यादगार ऐतिहासिक और सांस्कृतिक यात्रा ​: डॉ. रीना यादव

 

डॉ. रीना यादव, काठमांडू, २ऑक्टोबर।ब​हिंद महासागर की गोद में बसा मॉरीशस एक ऐसा सुंदर टापू

महात्मा गांधी जयंती: आगा खान पैलेस, कैद और आज़ादी की पुकार : डॉ.विधुप्रकाश कायस्थ

 

डॉ. विधुप्रकाश कायस्थ, काठमांडू, २ ऑक्टोबर। भारत 2 अक्टूबर 2026 को महात्मा गांधी की 157वीं

वर्तमान दौर की सबसे बड़ी महामारी – संस्कारहीन रिश्ते : कृति जैन

 

रिश्तों को बड़े शब्द नहीं, छोटे संस्कार बचाते हैं एक साथ रहते हुए भी कितने अकेले

सुख-दुःख के बीच मुस्कराना ही जिंदगी की असली कला है : बिमल सरार्फ,

 

बिमल सरार्फ, रक्सौल, 26 अगस्त 2026। जीवन कभी एक जैसा नहीं रहता। इसमें कभी खुशियों के

शब्दों के घाव दिखाई नहीं देते, लेकिन दिल में उम्र भर रहते हैं : बिमल सरार्फ

 

बिमल सरार्फ, रक्सौल, बिहार, भारत17 अगस्त 2026 । वाणी में संवेदना, व्यवहार में विनम्रता और

टूटे सपनों की राख से नई उम्मीद जगाना ही जिंदगी है : बिमल सरार्फ

 

बिमल सरार्फ, रक्सौल, बिहार, भारत13 अगस्त 2026। असफलता विराम नहीं, नई शुरुआत का संकेत है,

रामनवमी पर विशेष- राम : भारतीय सभ्यता के मूल आधार 

 

राम का जीवन केवल एक ऐतिहासिक आख्यान नहीं, बल्कि मानवता के लिए शाश्वत आचार-संहिता है

हम एैसें है एैसे ही रहेगें : डा.अशोक महासेठ

 

हम एैसें है एैसे ही रहेगें डा. अशोक महासेठ, काठमांडू, 22 मार्च 926। इस शीर्षक को देखकर पढने बाले को

सरकार की विफलता और अंतरिम सरकार का इतिहास : श्वेता दीप्ति

 

डॉ श्वेता दीप्ति, सम्पादकीय हिमालिनी अंक दिसम्बर। नेपाल में अंतरिम सरकार का इतिहास लम्बी अवधि

वर्तमान समय मे अक्षय सुहाग की सार्थकता : वाणी नित्या

 

वाणी नित्या, काठमांडू ।नस्त्री का अस्तित्व पुरुष से जुड़ा है अनादिकाल से। सम्पूर्णता के द्योतक

विद्यापति : कालजयी महाकवि : विनोदकुमार विमल

 

सन्दर्भ – महाकवि विद्यापति की पुण्यतिथि   महाकवि विद्यापति भारतीय भाषा और साहित्य के भविष्य द्रष्टा

तिहार : रोशनी, प्रेम और समृद्धि का त्योहार : विनोदकुमार विमल

 

 तिहार  या यम पंचक में हर दिन विभिन्न जातियों, देवताओं और पारिवारिक संबंधों का उत्सव

योग जीवन जीने का दर्शन है : डॉ. श्वेता दीप्ति

 

  शरीरिक स्वास्थ्य का जीवन में आधारभूत मूल महत्व है । जैसा कि स्विट्जरलैण्ड में जन्मे

समकालीन राजनीति में स्टेटोडायनामिक प्रोग्रेसिविज़्म की प्रासंगिकता : डॉ. विधुप्रकाश कायस्थ

 

डॉ. विधुप्रकाश कायस्थ, काठमांडू । स्टेटोडायनामिक प्रोग्रेसिविज़्म, जो शब्द “स्टेटो” (राज्य या स्थिरता) और “डायनेमिक”

“संघ का विजयादशमी उद्बोधन 2024- निहितार्थ” : प्रवीण गुगनानी

 

प्रवीण गुगनानी, विदेश मंत्रालय में सलाहका। आज भारत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का माप, ताप, व्याप,

एकात्म मानववाद – एक दिव्य सिद्धांत (दीनदयाल जी की जयंती पर विशेष) : प्रवीण गुगनानी

 

प्रवीण गुगनानी, सलाहकार, विदेश मंत्रालय । महान दार्शनिक प्लेटो के शिष्य व सिकंदर के गुरु

भारतीय ज्ञान परंपरा – भारतीय शिक्षा प्रणाली : नई शिक्षा नीति

 

प्रवीण गुगनानी, इसे युगांतरकारी कदम कहा जाना चाहिये या अपनी भूमि, अपनी मिट्टी से जुड़ने का

संघ शिक्षावर्ग – राष्ट्रसाधना के प्रशिक्षण का प्रसंग : प्रवीण गुगनानी

 

प्रवीण गुगनानी, सलाहकार, विदेश मंत्रालय, भारत सरकार । ग्रीष्म की छूट्टियों में जब कि सामान्यतः

नारी स्रष्टा किरण आचार्य की वर्तमान साहित्य गतिविधि तथा उनके द्वारा रचित परसुराम उपन्यास

 

नेपालगञ्ज/(बाँके) पवन जायसवाल । कृति समालोचक लेक प्रसाद प्याकुरेल द्वारा प्रस्तुत शिक्षण पेशा में कुशल

श्रीगुरुजी की शक्तिशाली राष्ट्र की अवधारणा : प्रवीण गुगनानी

 

प्रवीण गुगनानी, ग्वालियर । श्री गुरुजी, माधव सदाशिव राव गोलवलकर शक्तिशाली भारत की अवधारणा के

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