Wed. Oct 28th, 2026

ललित निबन्ध

आजादी की आवाज बनी थी हिन्दी कविता : डॉ. श्वेता दीप्ति 

 

डॉ. श्वेता दीप्ति, जनवरी अंक 022। प्रत्येक देश का साहित्य अपने देश की भौगोलिक, सामाजिक,

विश्व भाषा हिंदीः अद्यतन संदर्भ – डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय

 

डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय, अध्यक्षहिंदी विभाग, मुंबई विश्वविद्यालय। आज हिंदी संपूर्ण विश्व में सबसे अधिक बोली और

दशहरा विशेष : राम के आध्यात्मिक मूल्यों को करे आत्मसात

 

डॉश्री गोपाल नारसन एडवोकेट रावण पर राम की विजय का प्रतीक है दशहरा पर्व। इस

बुजुर्ग हमारे समाज़ के अनुभवी स्तंभ – समाज परिवार में श्रद्धा के पात्र 

 

अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस 1 अक्टूबर 2021 पर विशेष भारतीय संस्कृति में बुजुर्गों का स्थान मानवीय

शासकीय तंत्र में मानवीय मंत्र की स्थापना का सिद्धांत – एकात्म मानववाद : प्रवीण गुगनानी

 

25 सितम्बर- दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर विशेष  प्रवीण गुगनानी, महान दार्शनिक प्लेटो के शिष्य व

‘हिमालिनी’ के साथ सफरनामा (हिंदी दिवस पर विशेष) : डॉ. मुकेश भटनागर

 

  दक्षिण एशिया की सम्पूर्ण मासिक पत्रिका मुकेश भटनागर, वरिष्ठ पत्रकार, दिल्ली, हिमालिनी अगस्त 2021

तन और मन की संजीवनी है ‘योग’ : डॉ कामिनी वर्मा

 

डॉ कामिनी वर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर, काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ज्ञानपुर ,’ योग’ शब्द संस्कृत

हम न हारे थे न हारे हैं ना हारेंगे कभी : अजय तिवारी

 

भारतआजअसामयिक,आकस्मिक,असहनीय,अविस्मरणीय आपदा से जूझ रहा है। इससे पूर्व भी हमारे देश ने न जाने कितनी

संबंध बहुत बड़ी पूंजी है, काल बन चुके कोरोना का यही ब्रह्मज्ञान है

 

पीड़ा का यह चक्रव्यूह पार तो करना ही होगा वीरेन्द्र बहादुर सिंह वीरेन्द्र बहादुर सिंह

उपन्यास “धनंजय” पर एम्बेसडर अखिलेश मिश्र जी के समीक्षात्मक विचार

 

अर्जुन के आत्मवृतांत पर आधारित उपन्यास “धनंजय” के लोकार्पण के अवसर पर मुझे समीक्षा करने

वर्तमान समय के बड़े आलोचक पर बहस : डाॅ.अरविंद द्विवेदी

 

डाॅ.अरविंद द्विवेदी , चंडीगढ, पंजाब । गत दिनों हिंदी की शीर्षस्थ साहित्यकार श्रीमती चित्रामुद्गल ने

एकादश विश्व हिंदी सम्मेलन–एक अद्यतन रिपोर्ट : रघुवीर शर्मा

 

विश्व हिंदी सम्मेलन हिंदी भाषा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण और सबसे बड़ा अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन है जिसमें

स्वामी विवेकानंद – भारत के विश्वपुरुष : प्रवीण गुगनानी

 

प्रवीण गुगनानी | स्वामी विवेकानंद जी ने भारत को व भारतत्व को कितना आत्मसात कर

पलायन से संबंधों में पैदा होता है भ्रम : वीरेन्द्र बहादुर सिंह

 

वीरेन्द्र बहादुर सिंह । संबंधों का मतलब है साथ-सहयोग द्वारा जीवनयात्र का आनंद प्राप्त करना।

सुकेत के बहुप्रसिद्ध लोकगीत लाड़ी सरजू में निहित है रियासती काल का इतिहास”

 

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में पांगणा एक ऐतिहासिक गांव है।सुकेत क्षेत्र का लोकप्रिय लोकगीत

आचार्य रामचंद्र शुक्ल विश्व के तीन सबसे बड़ आलोचकों में से एक हैं : डॉ.करुणाशंकर उपाध्याय

 

करुणाशंकर उपाध्याय, मुंबई । आचार्य रामचंद्र शुक्ल हिंदीऔर भारतीय भाषाओं के ही सर्वश्रेष्ठ आलोचक नहीं

महिलाओं का सामूहिक सफर ‘नारी तू नारायणी’ से ‘माल है क्या’ : वीरेन्द्र बहादुर सिंह

 

अमिाताभ बच्चन की शालीनता और पॉलिटिकली करेक्ट रहने की खूबी पूरे परिवार में नहीं आ

सशस्त्र बलों में महिलाएं – नए पंख, आकाश को छूने के लिए : लि : प्रियंका सौरभ

 

इज़राइल, जर्मनी, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में युद्धक भूमिकाओं में महिला सैनिकों के उदाहरण

 डॉ.करुणाशंकर उपाध्याय की आलोचना दृष्टि : डॉ.आलोकरंजन पांडेय

 

डॉ. आलोकरंजन पांडेय,नयी दिल्ली।भारतीय परंपरा सदा-सर्वदा से ही गुरु अथवा आचार्य के प्रति आस्थावान रही

गोरे नन्द जशोदा गोरी तू कत स्यामल गात : श्वेता दीप्ति

 

कृष्णाष्टमी विशेष डा श्वेता दीप्ति   भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण व्यक्तित्व जितना मोहक था उतना

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