जीवन ही सबसे मूल्यवान है – निक्की शर्मा रश्मि
मनुष्य जीवन मिला है अगर हमें, तो जाहिर है हमें बहुत ही मूल्यवान चीज मिली है, क्योंकि जीवन से मूल्यवान तो कुछ भी नहीं है, फिर भी व्यर्थ ही हम धन और मोह, माया और बाहरी सुख में अपने आप को झोंक कर मूल्यवान जीवन का आनंद ही नहीं ले पाते हैं । अपनी वास्तविक स्थिति को भूल कर दूसरों के सुख से दुखी होने लगते हैं । ईष्र्या उत्पन्न करके मन में क्या मिलता है नाहक ही व्यर्थ की चिंता दुख और कुछ नहीं ।
ईश्वर से फिर यही मांगते हैं मुझे भी यह दो वह दो और लगे रहते हैं इसी में । ईश्वर क्या सिर्फ मांगने के लिए है तभी उनकी याद आती है क्यों ? ईश्वर क्या बस इसलिए महत्वपूर्ण है हमारे लिए कि हम उनसे कुछ मांग सकते हैं । हम अक्सर दैनिक जीवन में देखते हैं पूजा करते या दर्शन करते लोग पूछते ही हैं क्या मांगा ? अरे भगवान से मांगना क्या यह तो बस विश्वास होना चाहिए वह तो सब ज्ञानी है उनसे क्या मांगना । मन शांत नहीं रहता कभी, जिसे देखो भगवान यह दे देना भगवान वो दे देना । बच्चों को भी कई बार देखा है बड़े उसे सिखाते हैं भगवान से यह मांगों वह मांगों पर क्यों मांगू ? पूजा श्रद्धा है, विश्वास है, कर्म करना है ।
भगवान ने कहा है कर्म करने पर फल मिलेगा तो फिर भगवान से मांगने की बजाय कर्म क्यों नहीं करते । आस्था, विश्वास सबसे बड़ी चीज है मांगना सोच ही गलत है । जीवन मिला है कर्म करें फल तो निश्चित ही मिलेगी । दूसरों के भौतिक सुख से, स्थितियों परिस्थितियों से नाहक ही दुखी होकर ईश्वर की आराधना में लग जाते हैं । ईश्वर हमें भी दे दें । आराधना करने से शांति मिल सकती है । मन शांत करने के लिए आराधना करें, जीवन में सुख शांति रहने की आराधना करें, न कि दूसरों के सुखों को देखकर सुख मांगने के लिए आराधना करें । जीवन का आनंद लेना है तो मन शांत और संतुष्ट रखें जीवन का आनंद खुद–ब–खुद मिल जाएगा । जीवन अनमोल है इसे द्वेष, क्रोध, लोभ से से दूर रखें शांति की अनुभूति होगी । वास्तविक आनंद तो इसी में है मन शांत हो तो इससे बड़ा आनंद हो ही नहीं सकता ।
जिंदगी सचमुच खूबसूरत है, ये उस इंसान से पूछो जो बहुत खुश हो अपने जीवन में । उसके पास सब सुख हो उसे और कुछ नहीं चाहिए होता है ! बस वो हमेशा अपनी खुशी में खुश होता है । पैसे से खुशी नहीं आती, खुशी आती है तो बस अपने सुखी परिवार से ।
मैंने उन चेहरों पर असीम खुशी देखी है, जो अपने अंतिम समय में अपने जीवन को पूरे आनंद से अपने परिवार के साथ बिताता है । सचमुच जिंदगी खूबसूरत है,बस जीना आना चाहिए ।
जिंदगी में सुख–दुःख ,खुशी–गम तो लगे रहते हैं, बस इन सब को अपने लोगों के साथ बिताए ! फिर देखिये हर मुश्किलें आसान हो जाएगी और हर खुशी दुगनी हो जाएगी । जिदंगी को मेरी नजरों से मेरी शब्दों में देखें तो कुछ इस तरह है ।
मैंने पूछा जिंदगी से कौन हो तुम
उसने कहा जो तू जी रहा है वही तो हूँ मैं
तेरी साँसों में बसती हूँ
तेरे साथ ही तो चलती हूँ
कभी शांत नदी सी बन जाती हूँ
कभी चंचल झरनों सा बह जाती हूँ
रहती हूँ किसी के दिल में और
धड़कती हूँ किसी के दिल में
कभी खुशी, कभी गम दे जाती हूँ
कभी किसी के साँसों से चली जाती हूँ
कभी किसी के साँसों से बंध जाती हूँ
सभी के सुख–दुःख का साथी हूँ
मानो तो सब से खूबसूरत हूँ
जिंदगी अनमोल है खूबसूरत है इसे बस प्यार और धैर्य से जियें ! जिंदगी जितनी आसान दिखती है उतनी है नहीं ! एक बार उनसे पूछ के देखो जिसे घरवालों ने छोड़ दिया है । जिंदगी उनके लिए भी आसान नहीं जो हर दुख और गम अकेला झेल रहा हो । बस एक बार उनके साथ हाथ बढ़ा कर देखें उनकी जिंदगी भी खूबसूरत बन जाएगी । एक बार मैंने एक अंकल से पूछा जो अपने पाँच साल की पोती के साथ मजे से खेल रहे थे, मैंने पूछा अंकल आप को कैसा लग रहा, बच्चों के साथ खेलने में बोर नहीं हो रहे ? तो उनका जबाब था, अब इस उम्र में और क्या चाहिए ! बच्चों के साथ खेलता हूँ और अपनी उम्र भुल जाता हूँ ।
अंकल के चेहरे पर खुशी साफ दिख रही थी ऐसा नहीं होगा की उन्हें कोई तकलीपÞm नहीं होगी पर वो हर तकलीफ को किनारे कर जिंदगी के मजे ले रहे थे । जिंदगी जीयो तो ऐसे ही । जिंदगी को फिर ढोना, नहीं जीना आ जाएगा । जिंदगी जीऐं मगर खूबसूरती से क्योंकि जिंदगी बहुत खूबसूरत है ।

