संविधान संशोधन पर हर्क साम्पाङ के ९ सूत्रीय सुझाव ! प्रत्यक्ष निर्वाचित राष्ट्रपतीय प्रणाली की वकालत
काठमांडू, २३ अप्रैल । संघीय संसद के सदस्य और श्रम संस्कृति पार्टी के अध्यक्ष हर्कराज राई (हर्क साम्पाङ) ने संविधान संशोधन को लेकर अपनी पार्टी की ओर से ९ सूत्रीय सुझाव प्रस्तुत किया है । गुरुवार को सार्वजनिक इस प्रस्ताव में देश की शासन प्रणाली और समावेशिता के ढांचे में मूलभूत बदलाव की मांग की गई है ।
प्रस्ताव में हर्क साम्पाङ ने जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित कार्यकारी प्रमुख—राष्ट्रपति—की व्यवस्था को प्रमुख सुझाव के रूप में आगे रखा है । उनके अनुसार, कार्यकारी प्रमुख को सरकार गठन के दौरान संसद के बाहर से भी सक्षम और योग्य व्यक्तियों को शामिल करते हुए मंत्रिपरिषद बनाने का अधिकार होना चाहिए । हालांकि, मंत्रिपरिषद का गठन सभी जाति, समुदाय और लिंग का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करते हुए पूर्ण रूप से समावेशी होना अनिवार्य बताया गया है ।
विधायिका की भूमिका को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया है कि संसद का दायित्व केवल कानून निर्माण और सरकार के कामकाज की निगरानी व मूल्यांकन तक सीमित रहना चाहिए । प्रस्ताव में कहा गया है कि संसद को कार्यकारी प्रमुख की सीमाएं तय करने और निरंकुशता की व्याख्या करने का अधिकार होना चाहिए । यदि कार्यकारी प्रमुख निरंकुश हो जाए, तो संसद को महाभियोग लगाकर पद से हटाने की संवैधानिक व्यवस्था होनी चाहिए ।
इसी तरह, राज्य व्यवस्था को पूर्ण रूप से समावेशी बनाने पर विशेष जोर दिया गया है । प्रस्ताव के अनुसार, केवल राजनीतिक पदों में ही नहीं, बल्कि नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और समूचे सरकारी कर्मचारी तंत्र में भी सभी जाति–समुदाय और नागरिकों की समान भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए ।

