Wed. Oct 16th, 2019

साहित्य

हमें गुलाब जैसा खिलने दो, मौन तुम्हारे चरणों में ः प्रेमाशाह

प्रसिद्ध साहित्यकार प्रेमा शाह की प्रथम पुण्य तिथि के अवसर पर प्रेमा शाह नेपाली साहित्य

जिस्म बूढ़ा हो चुका है लेकिन आंखों में बदमाशी आज भी मौजूद है : खुशवंत सिंह

२फरवरी जाने-माने लेखक, कवि और स्तंभकार खुशवंत सिंह जन्म 2 फरवरी 1915 को हुआ था।

प्रणाम पर्यटन : पर्यटन व साहित्य की एक गंभीर पत्रिका (पत्रिका समीक्षा)

कुमारी दृष्टि, लखनऊ | पर्यटन अनुभवो का जन्मदाता होता है ।  महात्मा गांधी ने विदेश

विश्व हिंदी सम्मेलन, मॉरीशस विस्तृत रिपोर्ट : डा रघुवीर शर्मा

हिमालिनी, अंक जनवरी 2019 | भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा मॉरीशस सरकार के सहयोग

हल्की हल्की बारिश की बूँदें गिरतीं, वो बैसाखी लिए आराम से चलती : सुरभि मिश्रा

उसकी याद हल्की हल्की बारिश की बूँदें गिरतीं वो बैसाखी लिए, आराम से चलती बैसाखी

नेपाली भाषा साहित्य और नेपाल में हिंदी की स्थिति : राजकुमार श्रेष्ठ

हिमालिनी, अंक जनवरी 2019 | युगों–युगों से लाखों सैलानियों को अपनी सुन्दरता से मुग्ध करने

देश स्विटजरलैंड बने न बने पर माहौल तो स्विसमय बन ही गया : बिम्मी शर्मा (व्यग्ंय)

बिम्मी शर्मा,वीरगंज ,२२जनवरी२०१९ |  इस देश के नेता हमेशा से देश को स्विटजरलैंड बनाने की

बेटी वा बेटा, दोनों अपना खून, तो भेद कैसा : अंकिता सुमार्गी

हाइकु                                                                                                                                                                                                           अंकिता सुमार्गी आजका दिन करता है स्वागत आप सभी का बुद्धका देश हमारी मातृभूमि

अंतरास्ट्रीय जगत में हिंदी का बढ़ता आकाश : मुरली मनोहर तिवारी (सीपू)

मुरली मनोहर तिवारी (सीपू), बीरगंज, १० जनवरी,२०१८ | निस्सन्देह हिन्दी आज सारे विश्व में ‘अंतर्राष्ट्रीय

नेपाल की राम कथा : भानुभक्त कृत रामायण

हिमालिनी, अंक डिसेम्वर 2018,नेपाल के राष्ट्रीय अभिलेखागार में वाल्मीकि रामायण की दो प्राचीन पांडुलिपियाँ सुरक्षित

व्यापारी घराने का साहित्यिक चिराग ‘बसन्त चौधरी’ : रमण घिमिरे

हिमालिनी, दिसम्बर अंक २०१८ में प्रकाशित | विनम्र स्वभाव, भावुक मन और व्यवहार कवि बसन्त

शतायु कविवर घिमिरेः एक शब्दचित्र : डा. तुलसी भट्टराई

  यहाँ पर उनके ही शब्दों द्वारा अभिनन्दन किया जायः गाउँछ गीत नेपाली ज्योतिको पंख

नेपाली भाषा के आदिकवि भानुभक्त आचार्य : प्रियम्बदा काफ्ले

हिमालिनी, अंक डिसेम्वर 2018,नेपाली काव्य जगत् में भानुभक्त आचार्य को आदिकवि के रूप में जाना

मेरठ लिटरेरी फेस्टिवल में श्री बसंत चौधरी की पुस्तक ‘चाहतों के साये में’ का विमोचन का दृष्य, फोटो फीचर सहित

मेरठ लिटरेरी फेस्टिवल २०१८ , 10 दिसंबर को प्रातः उद्घाटन सत्र का शुभारम्भ सरस्वती वंदना

प्रत्येक साहित्यकार अपने देश के अतीत से प्राप्त विरासत पर गर्व करता है : श्वेता दीप्ति

साहित्यसङ्गीतकलाविहीनः साक्षात्पशुः पुच्छविषाणहीनः हिमालिनी, अंक डिसेम्वर 2018, (सम्पादकीय ) भर्तृहरि नीतिशतक में कहा गया है

ताउम्र का साथ मिलता कहाँ है ख्वाहिश तुम्ही हो मेरी जिंदगी के : श्वेता दीप्ति, मुशायरा मेरठ में

१० डिसेम्बर २०१८ | मेरठ लिटरेरी फेस्टिवल के पहले दिन सांध्यकालीन मुशायरा का आयोजन किया

हिन्दुस्तानी भाषा अकादमी द्वारा नेपाली अनुदित पुस्तक का लोकार्पण

  नई दिल्ली 8/12/18 दिल्ली इंदिरागांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सभागार में पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम

काठमांडू में भारतीय साहित्यकारों का सम्मान एवं नेपाल–भारत काव्य संध्या

शा्निवार दिनांक २४ नवम्बर की संध्या में नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान एवं हिमालिनी हिन्दी मासिक पत्रिका

वरिष्ठ हास्य कलाकार श्रेष्ठ और आचार्य ‘जनांदोलन स्वर्ण पदक’ से सम्मानित

हिमालिनी डेस्क काठमाडू, ११ नोवेम्बर । वरिष्ठ हास्य कलाकार मदनकृष्ण श्रेष्ठ और हरिवंश आचार्य को

नेपाल में उर्दू की शमा : मोहम्मद, मुस्तफा कुरेशी ‘अहसन’

मोहम्मद, मुस्तफा कुरेशी ‘अहसन’, हिमलिनी अंक अक्टूबर 2018 । हमारा मुल्क नेपाल पूरी दुनिया में वो

नेपाल सुरक्षित है तो हिन्दुस्तान सुरक्षित है : डा. विजय पण्डित

  सन्दर्भ : नेपाल भारत साहित्यिक सम्मेलन 2018 हिमालिनी अंक सितम्बर २०१८ पिछले २० साल से

शर्मा को ‘पद्यश्री साधना सम्मान’ और पाण्डे को ‘पद्यश्री साहित्य पुरस्कार’ प्रदान

हिमालिनी डेस्क काठमांडू, २५ अक्टूवर । नेपाली साहित्य के विकास और विस्तार में उल्लेखनीय योगदान

नेपाली साहित्य को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर में पहुंचाने का अवसर : रवीन्द्र आशीश शैली

सन्दर्भ : नेपाल भारत साहित्यिक सम्मेलन 2018 हिमालिनी अंक सितम्बर २०१८ नेपाल–भारत मैत्री संबंध का एक