नेपालगंज में विश्व हिन्दी दिवस०२५ पर बहुभाषिक कवि गोष्ठी
नेपालगञ्ज/(बाँके) पवन जायसवाल । विश्व हिन्दी दिवस –२०२५ की अवसर पर बहुभाषिक कविता, बिचार गोष्ठी एवं सम्मान अपर्ण कार्यक्रम की आयोजन नेपालगञ्ज में पौष २६ गते शुक्रवार को किया गया ।
विश्व हिन्दी महासभा नेपाल केन्द्रीय कार्य समिति नेपालगञ्ज बाँके के आयोजन में सचिव कृष्ण मुरारी प्रसाद भट्टद्वारा महेन्द्र पुस्तकाल की सभाहाल में सञ्चालित कार्यक्रम विश्व हिन्दी महासभा नेपाल केन्द्रीय कार्य समिति के अध्यक्ष बिष्णुलाल कुमाल के अध्यक्षता में सम्पन्न कार्यक्रम के. प्रमुख अतिथि तथा हिन्दी अवधी के बिद्वान, वरिष्ठ साहित्यकार सच्चिदानन्द चौवे, विशिष्ट अतिथि लुम्बिनी प्राविधिक विश्वविद्यालय सेवा आयोग के सदस्य प्रा.डा.कृष्णप्रसाद घिमिरे, बिशिष्ट अतिथि नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठानका पूर्व सदस्य सचिव सनतकुमार रेग्मी, महेन्द्र पुस्तकालय नेपालगञ्ज अध्यक्ष बलराम यादव के आतिथ्य में सम्पन्न कार्यक्रम में सुशीला बैश्य ने लोकगीतद्वारा स्वागत की ।
इसी तरह बिशिष्ट अतिथि प्रा.डा.कृष्णप्रसाद घिमिरे, नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठानका पूर्व सदस्य सचिव सनतकुमार रेग्मी, प्राज्ञ हरि प्रसाद तिमिल्सिना, प्रलेस लुम्बिनी प्रदेश के अध्यक्ष पंकज श्रेष्ठ, अधिवक्ता तथा साहित्यकार भीम बहादुर शाही लगायत लोगों ने विश्व हिन्दी दिवस– २०२५ के अवसर परे शुभकामना ब्यक्त किया ।
वह कार्यक्रम में विश्व हिन्दी महासभा नेपाल केन्द्रीय कार्य समिति कोषाध्यक्ष सरदार मधई सिंह, उर्दू साहित्यकार तथा गुल्जारे अदब के सचिव मोहम्मद मुस्तफा अहसन कुरैशी, सैयद असफक रसूल नेपाली, सरदार हरपाल सिंह, सोनाली गुप्ता, बिमला कुमारी यादव, सन्तोष कुमार गुप्ता अपनी अपनी रचना सुनाया, केन्द्रीय सदस्य श्यामानन्द सिंह बर्तमान ने बाँसुरी बजाकर अपनी रचना वाचन किया ।
इसी तरह वह कार्यक्रम में भेरी साहित्य समाज केन्द्रीय समिति के अध्यक्ष इन्द्र बहादुर बस्नेत, विश्व हिन्दी महासभा केन्द्रीय समिति के उपाध्यक्ष जगदम्बा पाठक, केन्द्रीय सदस्य ज्योति बाल्मिकी, रमेश कुमार यादव, डा. राज कुमार थारु, केशव न्यौपाने, डा.गीता अधिकारी, कृष्णादेवी पाण्डेय, सागर सिंह, शुभम सापकोटा, जमील अहमद हाशमी, महेन्द्र पुस्तकालय के लेखापाल स्वामी दयाल गुप्ता, अर्जुन शर्मा, नैन्सी बंशकार, विश्व हिन्दी महासभा कार्य समिति के पदाधिकारियों की सहभागिता रही थी ।


