रामेश्वर कमलादेवी स्मृति पुरस्कार अर्पण तथा रचना वाचन कार्यक्रम
नेपालगन्ज/(बाँके) पवन जायसवाल । बाँके जिला के नेपालगन्ज में तिमिल्सिना वाङमय प्रतिष्ठान नेपालगन्ज बाँके ने रामेश्वर कमलादेवी स्मृति पुरस्कार अर्पण तथा रचना वाचन कार्यक्रम में दो लोग को श्रावण ३२ गते शुक्रवार को सम्मान किया है ।
बि.सं. २०७९ साल की पुरस्कार नेपाल संस्कृत बिश्व बिद्यालय के पूर्व शिक्षाध्यक्ष प्रा.डा.भागवत प्रसाद शर्मा रिजाल को ११ हजार १ सौ ११ रुपैया और संस्था की ओर से बि.सं.२०८० साल की पुरस्कार मानव आश्रम सुर्खेतरोड नेपालगन्ज के प्रमुख उर्विन सापकोटा को ११ हजार १ सौ ११ रुपैया सहित प्रदान करके सम्मान किया गया है । वह कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि प्रा.डा.गोपाल प्रसाद शर्मा अधिकारी ने पानस में दीप प्रज्वलित करके विधिवत रुप से उद्घाटन किया था । बि.सं. २०७२ साल में स्थापना हुआ तिमिल्सिना वाङमय प्रतिष्ठान नेपालगन्ज बाँके की कार्यालय नेपालगन्ज उप–महानगरपालिका वार्ड नं.–१८ में रही है । वह प्रतिष्ठान के संरक्षक हरि प्रसाद तिमिल्सिना के माता कला देवी उपाध्याय की निधन बि.सं. २०४२÷०५÷११ गते मंगलवार और पिता रामेश्वर उपाध्याय का निधन २०५२ साल बैशाख २२ गते शुक्रवार को हुआ था ।
तिमिल्सिना वाङमय प्रतिष्ठान नेपालगन्ज बाँके के संरक्षक हरि प्रसाद तिमिल्सिना के अनुसार बि.सं.२०७२ साल में ५१ हजार १ सौ ११÷–रुपैया की अक्षयकोष की स्थापना रामेश्वर कमलादेवी स्मृति पुुरस्कार के लिये किया गया था । प्रतिष्ठान के संरक्षक हरि प्रसाद तिमिल्सिना ने कार्यक्रम में प्रतिष्ठान की गतिविधि बारे जानकारी कराते हुये बि.सं. २०७३ साल में नेपालगन्ज के उर्दू साहित्यकार अब्दुल लतीफ शौक १ हजार १ सौ ११रुपैया प्रदान किया गया था । बि.सं.२०७४ साल में प्रा.जगत उपाध्याय प्रेक्षित को २ हजार १ सौ ११ रुपैया प्रदान किया था । बि.सं. २०७५ साल में प्रा.डा. चुडामणि बन्धु को ५हजार १ सौ ११ रुपैया प्रदान किया गया था । बि.सं. २०७६ साल में नेपालगन्ज के वरिष्ठ साहित्यकार गणेश जिसी को ५ हजार १ सौ ११ रुपैया प्रदान किया गया था । बि.सं. २०७७ साल में नेपालगन्ज के निवासी प्रा.डा.गोपाल प्रसाद शर्मा अधिकारी को ५हजार १ सौ ११÷रुपैया प्रदान किया गया था । बि.सं.२०७८ शिक्षाविद् किरण आचार्य को भी ५ हजार १ सौ ११ रुपैया की पुरस्कार प्रदान किया गया था ।
नेपालगन्ज की सुर्खेतरोड स्थित स्वाष्तिक काटेज में आयोजन किया गया वह कार्यक्रम में तिमिल्सिना वाङमय प्रतिष्ठान नेपालगन्ज के संरक्षक हरि प्रसाद तिमिल्सिनाद्वारा सञ्चालित, प्रतिष्ठान की अध्यक्ष मीना बराल की अध्यक्षता में सम्पन्न कार्यक्रम में बि.सं. २०७९ साल की पुरस्कार नेपाल संस्कृत बिश्व बिद्यालय कें पूर्व शिक्षाध्यक्ष प्रा.डा.भागवत प्रसाद शर्मा रिजाल को ११ हजार १ सय ११ रुपैया र संस्थाको तर्फबाट बि.सं.२०८० सालको पुरस्कार मानव आश्रम सुर्खेतरोड नेपालगन्ज के प्रमुख उर्विन सापकोटा को ११ हजार १ सौ ११ रुपैया प्रमुख अतिथि प्रा.डा.गोपाल प्रसाद शर्मा अधिकारी और बिशिष्ट अतिथि नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान के पूर्व सदस्य सचिव सनत कुमार रेग्मी ने अबीर लगाकर, दोसल्ला ओढाकर नगद राशी सहित सम्मान– पत्र प्रदान करके सम्मानित किया था ।
वह कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि प्रा.डा.गोपाल प्रसाद शर्मा अधिकारी ने अपनी बिचारों में अपने अपने माता पिता की सम्मान करना कभी नही भूलना चाहिए, ए एक पून्य काम रही है, इस प्रकार की कार्य और व्यक्ति से भी हो । इसी तरह बिशिष्ट अतिथि लुम्बिनी प्राविधिक विश्वविद्यालय सेवा आयोग के सदस्य प्रा.डा.कृष्ण प्रसाद घिमिरे, सम्मानित व्यक्तित्व प्रा.डा.भागवत प्रसाद शर्मा रिजाल, बिशिष्ट अतिथि सनत कुमार रेग्मी, तिमिल्सिना वाङमय प्रतिष्ठान के सल्लाहकार तथा वरिष्ठ पत्रकार पूर्णलाल चुके, प्राज्ञ सभा सदस्य महानन्द ढकाल, संस्था की ओर से मानव आश्रम के प्रमुख उर्विन सापकोटा लगायत लोगों ने माता पिता प्रति की सम्मान हरेक व्यक्तियों के कभी भी नही भूलना चाहिए । वह प्रतिष्ठान के सचिव लेक प्रसाद प्याकुरेलद्वारा स्वागत मन्तव्य व्यक्त किया गया कार्यक्रम में इश्वरी प्रसाद रिजाल, भारतीय साँस्कृतिक सहयोग÷एवं मैत्री संघ उत्तर प्रदेशका अध्यक्ष शारीक रब्बानी, खेम बगर, भिम तिमिल्सिना प्रज्वल, कल्पना पौडेल जिज्ञासु, प्रतिभा साहित्य समाज की अध्यक्ष चरित्रा शाह, सरदार मधई सिंह सिक्ख, लेक प्रसाद प्याकुरेल, अधिवक्ता तथा साहित्यकार भीम बहादुर शाही, सीता सुनगाभा लगायत लोगों ने अपनी अपनी बिचार रचना वाचन किया था । इसी तरह वह कार्यक्रम में बि.सं. २०७७ साल में नेपालगन्ज के निवासी प्रा.डा.गोपाल प्रसाद शर्मा अधिकारी ५हजार १ सौ ११÷– रुपैयाद्वारा सम्मानित हुथे वो समय पर उन्हों ने संस्थाको सो रकम वापस किया था इस लिये वह कार्यक्रम में प्रथम बिशिष्ट सदस्यता की सम्मान पत्र प्रदान किया गया था । सम्मान पत्र में उल्लेख किया गया शव्द को वाचन खजुरा प्रज्ञा प्रतिष्ठान के उप–कुलपति इन्द्र बहादुर भण्डारी ने किया था । कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि गोपाल प्रसाद शर्मा अधिकारी, बिशिष्ट अतिथि लुम्बिनी प्राविधिक विश्वविद्यालय सेवा आयोग के सदस्य प्रा.डा.कृष्ण प्रसाद घिमिरे , बिशिष्ट अतिथि नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान के पूर्व सदस्य सचिव सनत कुमार रेग्मी ने दोसल्ला ओढाकर सम्मान प्रदान करके सम्मानित किया था ।
इसी तरह वह कार्यक्रम में अवधी साँस्कृतिक प्रतिष्ठान केन्द्रीय समिति के संस्थापक तथा पूर्व अध्यक्ष बिष्णुलाल कुमाल, साहित्यकार किरण आचार्य, महेन्द्र पुस्तकालय के अध्यक्ष बलराम यादव, पंकज कुमार श्रेष्ठ, पुष्पमणि प्रधान, मणिदेव अर्याल, दैलेखी समाज बाँके के अध्यक्ष पूर्णदेव गिरी, ज्ञानोदय माध्यमिक बिद्यालय खजुरा के प्रधानाध्यापक ऋषिराम सापकोटा, सर्वदा साहित्य संगम के अध्यक्ष खगेन्द्र गिरि कोपिला, भरत बहादुर रानाभाट, लक्ष्मी बस्याल, लेखनाथ ज्ञवाली स्मृति प्रतिष्ठान के उपाध्यक्ष नारायण प्रसाद ज्ञवाली, कृष्ण मुरारी प्रसाद भट्ट, हाम्रो पूर्णिमा हित्य प्रतिष्ठान के अध्यक्ष पुस्कर नाथ रिजाल, दैलेखी समाज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डिल बहादुर थापा, दैनिक नेपालगन्ज पत्रिका के सम्पादक झलक गेरै, दिनेश ठाकुर, नेपाल स्वयंसेवी रक्तदाता समाज बाँके के सल्लाहकार तथा शतक रक्तदाता पवन जायसवाल लगायत ३ दर्जन से अधिक लोगों की सहभागिता रही थी ।


