हिन्दी का सूरज न कभी अस्त हुआ है न होगा : विश्व यात्री की याद में नीरजा शुक्ला नीरू
अमेठी 10 जनवरी। सुप्रसिद्ध साहित्यकार विश्वयात्री डॉ कामता कमलेश की स्मृति में प्रकाशित पुस्तक यादों का पोस्टकार्ड का विमोचन समारोह शुक्रवार को क्षेत्र के शारदन स्थित मां शारदा धाम परिसर में आयोजित किया गया।समारोह में विश्वयात्री की स्मृतियां जिनके जिनके मानस पटल पर रहीं उन्होंने उसको साझा करते हुए श्रद्धा के सुमन अर्पित किए। अवधी साहित्य संस्थान की ओर से विश्वयात्री डॉ कामता कमलेश के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती जी एवं गोस्वामी तुलसीदास जी की प्रतिमा पर पूजा अर्चना एवं माल्यार्पण के साथ हुआ।कवि सुरेश चन्द्र शुक्ल नवीन ने वाणी वंदना की। संस्थान के डॉ अर्जुन पाण्डेय ने कहा कि कुड़वा ग्राम के सम्भ्रांत परिवार में जन्मे विश्वयात्री डॉ कामता कमलेश की साहित्य साधना ज्योति देश-दुनिया में सदा यादों में रहेगी।
अध्यक्षता करते हुए डॉ रामबहादुर मिसिर ने कहा कि हिन्दी आज वैश्विक फलक पर अपना परचम लहरा रही है और वह केवल साहित्य की भाषा ही नही रोजगार की भाषा बन चुकी है।

मुख्य अतिथि कनाडा से पधारी विदेश महासचिव महिला काव्य मंच नीरजा शुक्ला नीरू ने कहा कि डॉ कामता कमलेश द्वारा हिन्दी भाषा को वैश्विक पटल पर पहचान दिलाने का जो अद्भुत कार्य किया गया उसके लिए यही कहा जा सकता है कि हिन्दी का सूरज न कभी अस्त हुआ है न होगा। विशिष्ट अतिथि अनिल कुमार शुक्ल ने कहा कि डॉ कामता कमलेश ने अमेठी की साहित्यिक ज्योति देश दुनिया में पहुंचा कर हिन्दी साहित्य सम्वर्द्धन हेतु जो कार्य किया है वह सदैव अविस्मरणीय रहेगा। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी लंगर आयोजन समिति के संस्थापक बाबा मनोहर सिंह ने कहा कि इस संसार में जो आया है वह जाएगा यह शाश्वत सत्य है।लेकिन व्यक्ति की धवल कीर्ति उसे सदैव जीवित रखती है।

अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए जयश्री ने कहा कि पिताश्री ने अपनी साहित्यिक उपलब्धियों द्वारा हम सभी को अमर कर दिया है। डॉ इलाश्री ने अपने चारों बहनों जयश्री राज्यश्री काव्यश्री और स्वयं अपने नामकरण के पीछे अपने पिताजी की भावनाओं को लोगों के समक्ष प्रस्तुत किया।अतिथियों द्वारा यादों का पोस्टकार्ड स्मारिका का विमोचन किया गया। डॉ कामता कमलेश की स्मृति में लिखा गया संदेश पत्र उनकी धर्मपत्नी शांति देवी को भावुक माहौल में सौंपा गया। कार्यक्रम के पूर्व मां शारदा मंदिर में हवन पूजन आदि के कार्यक्रम हुए उनकी धर्मपत्नी शांति देवी की ओर से श्रद्धालुओं को बैठने के लिए दो बेंच दान किया गया।कार्यक्रम में नरेन्द्र शुक्ल प्रतिभा पाण्डेय प्रेम कुमार त्रिपाठी प्रेम हरि नाथ शुक्ल हरि रामेश्वर सिंह निरास राजेन्द्र शुक्ल अमरेश अवधी मधुरस ज्ञानेंद्र पाण्डेय डॉ अंगद सिंह जगदम्बा प्रसाद तिवारी मधुर राम बदन शुक्ल पथिक डॉ केशरी शुक्ल शव्वीर अहमद सूरी चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मंजुल दिवस प्रताप सिंह विवेक मिश्र आशुतोष गुप्ता श्रीनाथ शुक्ल रामकुमारी संस्सृति आदि ने अपनी रसभरी कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।इस अवसर पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मुकेश यादव डॉ अभिमन्यु कुमार पाण्डेय वीरेंद्र पाण्डेय पं विजय कुमार मिश्र यज्ञ नारायण तिवारी कैलाश नाथ शर्मा एस एन पाल सहित तमाम लोग मौजूद रहे। 


