Sat. Aug 17th, 2019

साहित्य

एक समीक्षात्मक अनुशीलन: रेत होते रिश्ते

 लेखिका: डॉ मुक्ता प्रकाशन: पेसिफिक बुक्स इंटरनेशनल मूल्य: 220 पृष्ठ: 128 समीक्षक  डॉ बीना राघव

देखो मधुमास के रंग यहाँ,सतरंगी कुशुमके संग यहाँ….नव वर्ष की शुभकामना : स्वामी देवस्वरूप (अजय)

अपना नववर्ष 2076 , स्वामी देवस्वरूप (अजय) नव वर्ष की शुभकामना मेरे सभी दिव्य आत्माओं,पूण्य

नेपालगन्ज में नया वर्ष २०७६ की पूर्व सन्ध्या में उर्दू साहित्यकारों द्वारा गजल गोष्ठी का आयोजन

नेपालगन्ज,(बाँके) पवन जायसवाल, चैत्र ३० गते । बाँके जिला की नेपालगन्ज में नया वर्ष २०७६

मौत आई तो जिंदगी ने कहा-‘आपका ट्रंक कॉल है साहब’ : नहीं रहे हास्य कवि प्रदीप चाैबे

१२ अप्रैल स्मृति शेष प्रसिद्ध हास्य कवि प्रदीप चौबे का निधन हो गया है। प्रदीप

क्यूँ मायूस हो तुम टूटे दरख़्त, क्या हुआ जो तुम्हारी टहनियों में पत्ते नहीं

टूटे दरख़्त (सुलोचना वर्मा) क्यूँ मायूस हो तुम टूटे दरख़्त क्या हुआ जो तुम्हारी टहनियों

नेपालगन्ज में नेपाल और भारत के उर्दू साहित्यकारों की गजल गोष्ठी

नेपालगन्ज,(बाँके) पवन जायसवाल । बाँके जिला के नेपालगन्ज में नेपाल और भारत के उर्दू साहित्यकारों

दोस्तो, हमने तो नेतागिरी करना छोड़ दिया है, आपकी आप जानें ! नाउ, नो मोर नेतागिरी 

प्रो.शरद नारायण खरे, (व्यंग्य) | जब हम स्कूल में पढ़ते थे, और एन.सी.सी में ट्रेनिंग

फ़ासला तो है मगर कोई फ़ासला नहीं मुझ से तुम जुदा सही दिल से तुम जुदा नहीं ~शमीम करहानी

  फ़ासले हमेशा बेचैनियां बढ़ाते हैं और शायरी के लिए एक वातावरण तैयार करते हैं।

जलेश्वर में डॉ राजेन्द्र विमल साहित्य एकेडमी द्वारा वृहद् साहित्य संगोष्ठी

आज 2075 चैत्र 16 गत्ते जलेश्वर स्थित जिल्ला विकाश के सभाकक्ष में डा.राजेन्द्र विमल साहित्य

डा. राणा की तलाश बेहतरीन अल्फाजों का मजमुआ है : वसन्त चौधरी

डा कृष्णजंग राणा रचित हिन्दी गजल संग्रह तलाश का आज हिमालिनी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम

तेरी आंखों की हद से बढ़कर हूं, दश्त मैं आग का समंदर हूँ : राहत इंदौरी

दिल मेरा तोड़ते हो, लो तोड़ो ​चीज मेरी नहीं, तुम्हारी है। डॉ. राहत इंदौरी उर्दू

लोकजीवन के उत्साह का पर्व है होली, ब्रज संस्कृति की संबाहक है होली : गोपाल शरण शर्मा

वृन्दावन,मथुरा | ब्रज की होली न सिर्फ भारत में बल्कि सम्पूर्ण विश्व में विख्यात है।लोक

मुंबई विश्वविद्यालय द्वारा “छायावाद एक पुनर्पाठ” विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी

मुंबई विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग ने दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी यही शुक्रवार और शनिवार 15-16

परिमल प्रवाह द्वारा हिंदी साहित्य समागम झारखंड में शुरू, नेपाल से डा.श्वेता दीप्ति सहभागी

झारखण्ड | साहित्यिक संस्था परिमल प्रवाह द्वारा आयोजित दो दिवसीय हिंदी साहित्य समागम शनिवार से