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अमेरिका और ईरान शांति समझौते के करीब : शहबाज शरीफ

 

काठमान्डू जून १३

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार को कहा कि हम शांति समझौते के पहले से ज्यादा करीब हैं।

शरीफ ने कहा कि अगले 24 घंटे में इसके फाइनल होने की उम्मीद है, जिसके तुरंत बाद पाकिस्तान शांति समझौते पर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से हस्ताक्षर की तैयारी कर रहा है और उसके बाद अगले हफ्ते टेक्निकल लेवल पर बातचीत होगी।

शांति समझौता स्थायी शांति के लिए एक मजबूत आधार- शरीफ
उन्होंने कहा कि हम बातचीत के दौरान लगातार सहयोग के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का धन्यवाद करना चाहते हैं और इस क्षेत्र में अपने भाइयों के समर्थन के लिए हम उनका दिल से आभार व्यक्त करते हैं। हमें पूरा भरोसा है कि यह ऐतिहासिक शांति समझौता स्थायी शांति के लिए एक मजबूत आधार बनेगा।

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ईरान आखिरी जीत तक अपनी बात पर अडिग- गालिबाफ
ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेरी गालिबाफ में शनिवार को कहा कि ईरान अंतिम जीत तक अपनी बात पर अडिग रहेगा।

गालिबाफ ने 12 दिन तक चले युद्ध की पहली बरसी पर एक पोस्ट शेयर किया और लिखा, “हमारे हमेशा के घर, ईरान पर इजरायली और अमेरिकी सरकारों के आपराधिक हमलों के पहले दौर की शुरूआत को एक साल बीत चुका है। उन्होंने मासूम बच्चों की हत्या की और किसी भी तरह के अपराध या क्रूरता से पीछे नहीं हटे।”

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डील होने पर खुल सकता है ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’
अगर यह डील पक्की हो जाती है, तो यह फरवरी में शुरू हुए टकराव के बाद सबसे बड़ी कूटनीतिक कामयाबी हो सकती है। इससे दुनिया भर में ऊर्जा सप्लाई के लिए अहम ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ फिर से खुल सकता है और उस बड़े क्षेत्रीय युद्ध का डर कम हो सकता है जिसने तेल बाजारों को हिला दिया है और शिपिंग में रुकावट डाली है।

प्रस्तावित समझौते में क्या-क्या शामिल?
अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, बन रहे समझौते में सबसे पहले लड़ाई-झगड़े को खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर ध्यान दिया जाएगा और उसके बाद विवादित मुद्दों पर बात की जाएगी।

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अधिकारी ने बताया कि समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद के 60 दिनों का इस्तेमाल ईरान के परमाणु कार्यक्रम के तकनीकी पहलुओं पर बातचीत करने में किया जाएगा, जिसमें तेहरान के पास मौजूद अत्याधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को हटाने या नष्ट करने का काम शामिल होगा।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने भी संकेत दिया है कि परमाणु मुद्दों को बातचीत के अगले चरण में अंतिम रूप दिया जाएगा और कहा कि जरूरत पड़ने पर समय-सीमा बढ़ाई जा सकती है।

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